150 से अधिक देशों और संगठनों ने वैश्विक शासन पहल का किया समर्थन
सारांश
Key Takeaways
- वैश्विक शासन पहल को 150 से अधिक देशों का समर्थन प्राप्त है।
- यह पहल वैश्विक समस्याओं के समाधान के लिए महत्वपूर्ण है।
- चीन ने इस पहल में सक्रिय भूमिका निभाई है।
- संयुक्त राष्ट्र की भूमिका को मजबूत करना आवश्यक है।
- अंतरराष्ट्रीय सहयोग से ही वैश्विक चुनौतियों का सामना किया जा सकता है।
बीजिंग, 8 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। 8 मार्च को, चीन की राजधानी पेइचिंग में आयोजित 14वीं चीनी राष्ट्रीय जन प्रतिनिधि सभा (एनपीसी) के चौथे सत्र में, चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने एक संवाददाता सम्मेलन का आयोजन किया, जिसमें उन्होंने वैश्विक शासन पहल पर चर्चा की।
वांग यी ने बताया कि वर्तमान समय में, वैश्विक चुनौतियाँ लगातार बढ़ रही हैं, शासन व्यवस्था में असंगतियाँ बढ़ रही हैं, और बहुपक्षीयता गंभीर समस्याओं का सामना कर रही है। राष्ट्रपति शी चिनफिंग द्वारा पेश की गई वैश्विक शासन पहल अत्यंत समयानुकूल है और इसे 150 से अधिक देशों और अंतर्राष्ट्रीय संगठनों से तत्पर समर्थन मिला है।
वांग यी के अनुसार, चीन द्वारा स्थापित "वैश्विक शासन के मित्रों का समूह" ने क्रमशः न्यूयॉर्क और जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में स्थान प्राप्त किया, जिसमें विशेष रूप से वैश्विक दक्षिण के देशों ने सक्रिय रूप से योगदान दिया। उन्होंने यह भी कहा कि वैश्विक शासन पहल का स्पष्ट संदेश यह है कि संयुक्त राष्ट्र की मुख्य भूमिका को बनाए रखा जाना चाहिए और इसे कमजोर करने के बजाय मजबूत किया जाना चाहिए।
उन्होंने यह भी बताया कि संयुक्त राष्ट्र के संस्थापक सदस्य के रूप में, चीन वैश्विक दक्षिण की अपेक्षाओं से भलीभाँति अवगत है। शांगहाई सहयोग संगठन और ब्रिक्स तंत्र, जिनमें चीन शामिल है, संयुक्त राष्ट्र चार्टर के पालन को अपने प्रमुख सिद्धांत के रूप में मानते हैं और वैश्विक शासन व्यवस्था में सुधार के लिए प्रयासरत हैं।
चीनी विदेश मंत्री ने सभी देशों से अपील की कि वे वैश्विक शासन पहल में भाग लें, उसका समर्थन करें, और एक साथ मिलकर संयुक्त राष्ट्र को पुनर्जीवित करें और उसे मजबूती प्रदान करें।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)