वांग यी ने किर्गिजस्तान में एससीओ विदेश मंत्री सम्मेलन में रखे चार सूत्रीय सुझाव
सारांश
मुख्य बातें
चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने 24 जुलाई 2025 को किर्गिजस्तान में आयोजित शांगहाई सहयोग संगठन (एससीओ) के विदेश मंत्रियों की परिषद के सम्मेलन में भाग लिया। इस बैठक में एससीओ के सभी सदस्य देशों के विदेश मंत्री, संगठन के महासचिव और क्षेत्रीय आतंकवाद विरोधी संगठन की कार्यकारी समिति के प्रमुख उपस्थित रहे।
थ्येनचिन शिखर सम्मेलन और रणनीतिक दिशा
वांग यी ने सम्मेलन में कहा कि एससीओ के थ्येनचिन शिखर सम्मेलन में आगामी दस वर्षों की रणनीतिक विकास योजना तैयार की गई है, जिससे संगठन के उच्च गुणवत्ता वाले विकास का नया अध्याय आरंभ हुआ है। उन्होंने बताया कि पिछले एक वर्ष में चीन ने राष्ट्रपति शी चिनफिंग द्वारा प्रस्तुत प्रमुख पहलों को लागू करते हुए क्षेत्रीय विकास में सक्रिय योगदान दिया है और चीन तथा एससीओ सदस्य देशों के बीच व्यापार निरंतर बढ़ रहा है।
एससीओ की 25वीं वर्षगांठ और विस्तार
वांग यी ने रेखांकित किया कि इस वर्ष एससीओ की स्थापना की 25वीं वर्षगांठ है। संगठन की सदस्य संख्या 6 से बढ़कर 27 हो चुकी है और विश्व की लगभग आधी आबादी अब 50 से अधिक क्षेत्रों में आपसी सहयोग कर रही है। उन्होंने कहा कि एससीओ सदैव आपसी विश्वास, समानता, सलाह-मशविरे, विविध सभ्यताओं के सम्मान और साझा विकास की 'शांगहाई भावना' पर अडिग रहा है। वांग यी के अनुसार, वर्तमान में वैश्विक स्तर पर अभूतपूर्व बदलाव और उथल-पुथल तेज़ी से हो रही है, और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय क्षेत्रीय सुरक्षा व विकास को मजबूत करने तथा वैश्विक शासन की चुनौतियों से निपटने में एससीओ की भूमिका की प्रतीक्षा कर रहा है।
चीन के चार सूत्रीय सुझाव
सम्मेलन में वांग यी ने एससीओ के भविष्य के लिए चार सूत्रीय सुझाव प्रस्तुत किए। पहला — शांगहाई भावना के आधार पर एससीओ के सभी मामलों का निपटारा किया जाए। दूसरा — विवादों का समाधान सदैव वार्ता के माध्यम से किया जाए। तीसरा — समान जीत वाले विकास के लिए प्रेरक शक्ति को बढ़ावा दिया जाए। चौथा — वैश्विक शासन में एससीओ को एक आदर्श क्षेत्र के रूप में स्थापित किया जाए।
चीन की भूमिका और प्रतिबद्धता
वांग यी ने यह भी कहा कि इस वर्ष चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की स्थापना की 105वीं वर्षगांठ है और यह चीन की 15वीं पंचवर्षीय योजना का पहला वर्ष भी है। उन्होंने दोहराया कि चीन सदैव विश्व शांति का निर्माता, वैश्विक विकास का योगदानकर्ता और अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था का रक्षक रहा है। चीन एससीओ सदस्य देशों के साथ मिलकर संगठन को और मजबूत बनाना चाहता है, ताकि क्षेत्र का सुंदर भविष्य और वैश्विक संभावनाओं का द्वार खुल सके।
आगे क्या
एससीओ के विस्तार और दस वर्षीय रणनीतिक योजना के बाद अब सदस्य देशों के बीच व्यापार, सुरक्षा और बहुपक्षीय शासन के क्षेत्रों में ठोस सहयोग की उम्मीद है। यह सम्मेलन ऐसे समय में हुआ है जब वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और पश्चिमी देशों के साथ व्यापार विवाद के बीच एससीओ एक वैकल्पिक बहुपक्षीय मंच के रूप में अपनी साख बढ़ा रहा है।