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SCO शिखर सम्मेलन बिश्केक: शी चिनफिंग ने पेश किए चार सूत्रीय विचार और तीन सुझाव

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SCO शिखर सम्मेलन बिश्केक: शी चिनफिंग ने पेश किए चार सूत्रीय विचार और तीन सुझाव

सारांश

बिश्केक में SCO के 26वें शिखर सम्मेलन में शी चिनफिंग ने संगठन के भविष्य के लिए चार सूत्रीय विचार और 'SCO+' मंच पर तीन सुझाव पेश किए। 25 साल पूरे करने वाला यह संगठन अब यूरेशिया से आगे वैश्विक दक्षिण और बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था में नई भूमिका की तलाश में है।

मुख्य बातें

SCO का 26वाँ शिखर सम्मेलन और 'SCO+' सम्मेलन 1 सितंबर को बिश्केक, किर्गिस्तान में आयोजित हुए।
चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने SCO के उच्च गुणवत्ता वाले विकास के लिए चार सूत्रीय विचार प्रस्तुत किए — विकास, सुरक्षा, मानव-केंद्रितता और बहुपक्षीय समन्वय।
'SCO+' सम्मेलन में शी चिनफिंग ने तीन सुझाव दिए — यूरेशिया में समृद्धि, वैश्विक दक्षिण का विकास और वैश्विक शासन सुधार में नेतृत्व।
यह सम्मेलन SCO की स्थापना की 25वीं वर्षगाँठ के अवसर पर आयोजित हुआ।
चीन ने 'शंघाई भावना' और चार वैश्विक पहलों के तहत SCO सदस्य देशों के साथ सहयोग जारी रखने की प्रतिबद्धता दोहराई।

शंघाई सहयोग संगठन (SCO) का 26वाँ शिखर सम्मेलन और 'SCO+' सम्मेलन 1 सितंबर को किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में आयोजित हुए। चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने दोनों मंचों पर संबोधन दिया, जिसमें उन्होंने संगठन के भविष्य को लेकर चार सूत्रीय विचार और तीन ठोस सुझाव प्रस्तुत किए। यह सम्मेलन ऐसे समय में हुआ जब SCO अपनी स्थापना की 25वीं वर्षगाँठ मना रहा है।

SCO की 25 साल की यात्रा और नई शुरुआत

क्षेत्रीय सुरक्षा सहयोग के एक सीमित ढाँचे से विकसित होकर SCO आज एक व्यापक बहुपक्षीय सहयोग संगठन बन चुका है। चीन इसके संस्थापक सदस्यों में से एक है और विश्लेषकों के अनुसार वह लगातार इस संगठन की दिशा तय करने में केंद्रीय भूमिका निभाता रहा है। गौरतलब है कि SCO अब यूरेशिया के सबसे बड़े क्षेत्रीय मंचों में से एक माना जाता है।

शी चिनफिंग के चार सूत्रीय विचार

शिखर सम्मेलन में शी चिनफिंग ने SCO के उच्च गुणवत्ता वाले विकास के लिए चार विचार प्रस्तुत किए। पहला, विकास को प्राथमिकता देते हुए साझा समृद्धि की संभावना बनाना। दूसरा, सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सार्वभौमिक रूप से सुरक्षित वातावरण का निर्माण। तीसरा, मानव को प्राथमिकता देते हुए पीढ़ी दर पीढ़ी मित्रता की नींव को सुदृढ़ करना। चौथा, बातचीत और समन्वय को प्राथमिकता देते हुए निष्पक्ष और व्यवस्थित वैश्विक शासन में सुधार करना।

विश्लेषकों के अनुसार ये चारों विचार चीन की चार वैश्विक पहलों के कार्यान्वयन के अनुरूप हैं और इन्हें SCO के संदर्भ में 'चीनी प्रस्ताव' के रूप में देखा जा रहा है।

'SCO+' मंच पर तीन सुझाव

'SCO+' सम्मेलन में शी चिनफिंग ने संगठन की भूमिका को और विस्तृत करने के लिए तीन सुझाव रखे। पहला, SCO की सामूहिक शक्ति से पूरे यूरेशिया में समृद्धि और विकास को गति देना। दूसरा, SCO की बौद्धिक क्षमता का उपयोग करते हुए वैश्विक दक्षिण के देशों के विकास को बढ़ावा देना। तीसरा, SCO की सक्रिय कार्रवाई के ज़रिए वैश्विक शासन सुधार में नेतृत्वकारी भूमिका निभाना।

विश्लेषकों का मानना है कि ये तीन सुझाव SCO को एक अधिक निष्पक्ष और संतुलित वैश्विक व्यवस्था की दिशा में सक्रिय भूमिका दिलाने का प्रयास करते हैं।

विश्व बहुध्रुवीयता और SCO की प्रासंगिकता

शी चिनफिंग ने अपने संबोधन में रेखांकित किया कि विश्व में बहुध्रुवीयता का रुझान अब अपरिवर्तनीय हो चुका है। उन्होंने कहा कि एक अधिक एकजुट और ऊर्जावान SCO इस बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था को मज़बूत करने में निर्णायक योगदान दे सकता है। चीन ने यह भी स्पष्ट किया कि वह सदस्य देशों के साथ मिलकर 'शंघाई भावना' पर कायम रहते हुए मानव जाति के साझे भविष्य वाले समुदाय के निर्माण में 'चीनी ज्ञान और चीनी समाधान' का योगदान देना चाहता है।

आगे की राह

25 वर्षों की यात्रा के बाद SCO एक नए अध्याय की शुरुआत पर खड़ा है। विकास, सुरक्षा, सभ्यतागत विविधता और बहुपक्षीय शासन — ये चार स्तंभ आने वाले वर्षों में संगठन की दिशा तय करेंगे। आलोचकों का कहना है कि इन घोषणाओं को ज़मीन पर उतारने के लिए सदस्य देशों के बीच व्यावहारिक सहयोग और पारदर्शी क्रियान्वयन ज़रूरी होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

आलोचकों का कहना है कि SCO के भीतर भारत-चीन और भारत-पाकिस्तान जैसे द्विपक्षीय तनाव इन महत्वाकांक्षी घोषणाओं के व्यावहारिक क्रियान्वयन में सबसे बड़ी बाधा बने हुए हैं। बिना ठोस सत्यापन-योग्य तंत्र के ये सूत्र और सुझाव उन्हीं दस्तावेज़ों की श्रेणी में जा सकते हैं जो शिखर सम्मेलनों के बाद अलमारियों में बंद हो जाते हैं।
RashtraPress
2 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

SCO का 26वाँ शिखर सम्मेलन कहाँ और कब हुआ?
SCO का 26वाँ शिखर सम्मेलन 1 सितंबर को किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में आयोजित हुआ। इसी दिन 'SCO+' सम्मेलन भी आयोजित किया गया।
शी चिनफिंग ने SCO शिखर सम्मेलन में कौन-से चार सूत्रीय विचार पेश किए?
शी चिनफिंग ने चार विचार प्रस्तुत किए — विकास को प्राथमिकता देते हुए साझा समृद्धि बनाना, सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सुरक्षित वातावरण तैयार करना, मानव को प्राथमिकता देते हुए पीढ़ी दर पीढ़ी मित्रता मज़बूत करना, और बातचीत व समन्वय के ज़रिए वैश्विक शासन में सुधार करना। ये विचार चीन की चार वैश्विक पहलों के अनुरूप बताए गए हैं।
'SCO+' सम्मेलन में शी चिनफिंग ने क्या तीन सुझाव दिए?
'SCO+' मंच पर शी चिनफिंग ने तीन सुझाव रखे — SCO की शक्ति से यूरेशिया में समृद्धि बढ़ाना, SCO की बौद्धिक क्षमता से वैश्विक दक्षिण का विकास करना, और SCO की कार्रवाई से वैश्विक शासन सुधार का नेतृत्व करना। विश्लेषकों के अनुसार ये सुझाव संगठन की भूमिका को वैश्विक स्तर पर विस्तारित करने का प्रयास हैं।
SCO की 25वीं वर्षगाँठ का क्या महत्व है?
SCO की स्थापना को इस वर्ष 25 वर्ष पूरे हो रहे हैं। शुरुआत में यह मुख्यतः क्षेत्रीय सुरक्षा सहयोग का मंच था, जो अब आर्थिक, सांस्कृतिक और बहुपक्षीय शासन के क्षेत्रों में भी सक्रिय है। बिश्केक सम्मेलन को इस दृष्टि से एक नई शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।
SCO में चीन की भूमिका क्या है?
चीन SCO के संस्थापक सदस्यों में से एक है और संगठन के नीति-निर्माण में उसकी केंद्रीय भूमिका रही है। चीन 'शंघाई भावना' के सिद्धांतों और अपनी चार वैश्विक पहलों के तहत SCO सदस्य देशों के साथ सहयोग को आगे बढ़ाने का इरादा रखता है।
राष्ट्र प्रेस
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