2 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

शी चिनफिंग का बिश्केक में SCO+ सम्मेलन में भाषण: बहुध्रुवीय विश्व और न्यायसंगत वैश्विक शासन पर जोर

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
शी चिनफिंग का बिश्केक में SCO+ सम्मेलन में भाषण: बहुध्रुवीय विश्व और न्यायसंगत वैश्विक शासन पर जोर

सारांश

बिश्केक में SCO+ सम्मेलन में शी चिनफिंग ने सिर्फ भाषण नहीं दिया — उन्होंने एक नई विश्व व्यवस्था का खाका खींचा। बहुध्रुवीयता, ग्लोबल साउथ की आवाज़ और वैश्विक शासन सुधार पर तीन सूत्रीय एजेंडे के साथ चीन ने खुद को पश्चिमी वर्चस्व के विकल्प के रूप में और मजबूती से पेश किया।

मुख्य बातें

शी चिनफिंग ने 1 सितंबर को बिश्केक, किर्गिस्तान में SCO+ सम्मेलन में भाषण दिया।
भाषण का विषय: समान और व्यवस्थित विश्व बहुध्रुवीयता को प्रोत्साहन और न्यायसंगत वैश्विक शासन।
शी ने वैश्विक दक्षिण देशों को बहुध्रुवीय ढाँचे की 'अहम शक्ति' बताया।
एससीओ के लिए तीन सूत्रीय एजेंडा पेश — यूरेशिया में विकास, ग्लोबल साउथ को बढ़ावा, वैश्विक शासन सुधार।
सम्मेलन में PM नरेंद्र मोदी , व्लादिमिर पुतिन , UN महासचिव एंटोनियो गुटेरेस सहित दर्जनों देशों के नेता शामिल हुए।
सम्मेलन की अध्यक्षता किर्गिस्तान के राष्ट्रपति सादिर जापारोव ने की।

चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने 1 सितंबर को बिश्केक, किर्गिस्तान में आयोजित 'एससीओ+' सम्मेलन में भाग लेकर एक महत्वपूर्ण भाषण दिया। उनके संबोधन का केंद्रीय विषय था — समान और व्यवस्थित विश्व बहुध्रुवीयता को प्रोत्साहन देना और अधिक न्यायसंगत एवं युक्तिसंगत वैश्विक शासन की स्थापना करना। यह सम्मेलन ऐसे समय में आयोजित हुआ जब वैश्विक भू-राजनीतिक संतुलन तेज़ी से बदल रहा है।

मुख्य संबोधन: बहुध्रुवीयता और वैश्विक बदलाव

शी चिनफिंग ने अपने भाषण में कहा कि वर्तमान सम्मेलन संयुक्त राष्ट्र की केंद्रीय भूमिका और बहुध्रुवीय विश्व के निर्माण पर ध्यान केंद्रित करता है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि इससे वैश्विक शासन सुधार में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की युगीन जिम्मेदारी स्पष्ट होती है। उनके अनुसार, दुनिया में 'सदी का अभूतपूर्व परिवर्तन' तेज़ी से हो रहा है, और इस बदलाव के बीच प्रभुत्ववाद, एकतरफावाद और संरक्षणवाद धारा के विरुद्ध सक्रिय हो रहे हैं।

शी ने जोर देकर कहा कि अधिकांश देश अंतर्राष्ट्रीय सहयोग और अपने स्वयं के विकास के बल पर वैश्विक मंच पर अपनी उचित जगह लेना चाहते हैं — और यही बहुध्रुवीय विश्व की असली आत्मा है।

चीन की भूमिका और ग्लोबल साउथ पर जोर

शी चिनफिंग ने कहा कि एक बड़े और जिम्मेदार देश के रूप में चीन सक्रियता से समान एवं व्यवस्थित विश्व बहुध्रुवीयता को बढ़ावा देता है। उन्होंने वैश्विक दक्षिण (Global South) के देशों को बहुध्रुवीय ढाँचे का महत्वपूर्ण अंग बताया और कहा कि ये देश बहुध्रुवीकरण को आगे बढ़ाने की अहम शक्ति हैं। उनका आह्वान था कि इन देशों को अंतर्राष्ट्रीय मामलों में अपना प्रतिनिधित्व और आवाज़ और मजबूत करनी चाहिए।

एससीओ के लिए तीन सूत्रीय एजेंडा

एससीओ की भूमिका को और प्रभावी बनाने के लिए शी चिनफिंग ने तीन ठोस सुझाव प्रस्तुत किए:

पहला — एससीओ की सामूहिक शक्ति का उपयोग कर पूरे यूरेशिया में समृद्धि और विकास को गति दें।

दूसरा — एससीओ की सामूहिक बुद्धिमत्ता से वैश्विक दक्षिण के देशों के विकास को नई ऊँचाई दें।

तीसरा — एससीओ की सक्रिय कार्रवाई के ज़रिए वैश्विक शासन सुधार की दिशा में नेतृत्व करें।

सम्मेलन में भागीदारी: विश्व के प्रमुख नेता एक मंच पर

इस उच्च-स्तरीय सम्मेलन की अध्यक्षता किर्गिस्तान के राष्ट्रपति सादिर जापारोव ने की, जो वर्तमान में एससीओ के अध्यक्ष देश हैं। सम्मेलन में भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन, बेलारूस के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर लुकाशेंको, ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन, कजाखस्तान के राष्ट्रपति कासिम-जोमार्ट टोकायेव, पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ, तजाकिस्तान के राष्ट्रपति इमोमाली रहमोन और उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शवकत मिर्जियोयेव ने भाग लिया।

इसके अलावा मंगोलिया, अजरबैजान, आर्मेनिया, मिस्र, लाओस, तुर्की, वियतनाम और टोगो के नेता भी उपस्थित रहे। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस सहित विभिन्न अंतर्राष्ट्रीय और क्षेत्रीय संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी इस सम्मेलन में हिस्सा लिया।

आगे की राह

यह सम्मेलन ऐसे समय में हुआ है जब एससीओ का विस्तार और प्रासंगिकता दोनों बढ़ रहे हैं। शी चिनफिंग के तीन सूत्रीय एजेंडे के क्रियान्वयन पर अब सदस्य देशों की प्रतिक्रिया और सहमति निर्णायक होगी। वैश्विक दक्षिण की बढ़ती आवाज़ और बहुध्रुवीय व्यवस्था की माँग के बीच एससीओ की अगली बैठक में इन प्रस्तावों पर ठोस रूपरेखा तय होने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन आलोचकों का कहना है कि यह एजेंडा व्यवहार में चीनी प्रभाव-विस्तार का ही दूसरा नाम है। भारत जैसे देशों के लिए यह मंच एक संतुलन की कसरत है — एससीओ में भागीदारी करते हुए भी चीन के वर्चस्व को स्वीकार न करना। सवाल यह है कि क्या एससीओ वाकई स्वायत्त बहुध्रुवीयता का मंच बन सकता है, या यह बीजिंग की विदेश नीति का विस्तार मात्र बनकर रह जाएगा।
RashtraPress
2 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

SCO+ सम्मेलन क्या है और यह कहाँ हुआ?
SCO+ सम्मेलन शंघाई सहयोग संगठन का एक विस्तारित शिखर सम्मेलन है जिसमें सदस्य देशों के अलावा पर्यवेक्षक और संवाद-साझेदार देश भी भाग लेते हैं। 1 सितंबर को यह सम्मेलन किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में आयोजित हुआ।
शी चिनफिंग ने SCO+ सम्मेलन में क्या कहा?
शी चिनफिंग ने समान और व्यवस्थित विश्व बहुध्रुवीयता को प्रोत्साहन देने और न्यायसंगत वैश्विक शासन की स्थापना पर ज़ोर दिया। उन्होंने एससीओ के लिए तीन सूत्रीय एजेंडा पेश किया — यूरेशिया में विकास, ग्लोबल साउथ को बढ़ावा और वैश्विक शासन सुधार में नेतृत्व।
SCO+ सम्मेलन में कौन-कौन से देशों के नेता शामिल हुए?
सम्मेलन में भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन, पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ, ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन सहित दर्जनों देशों के राष्ट्राध्यक्ष और UN महासचिव एंटोनियो गुटेरेस भी उपस्थित रहे। सम्मेलन की अध्यक्षता किर्गिस्तान के राष्ट्रपति सादिर जापारोव ने की।
शी चिनफिंग ने वैश्विक दक्षिण (Global South) पर क्या कहा?
शी चिनफिंग ने वैश्विक दक्षिण देशों को बहुध्रुवीय ढाँचे का महत्वपूर्ण अंग बताया और कहा कि ये देश बहुध्रुवीकरण को आगे बढ़ाने की अहम शक्ति हैं। उन्होंने आह्वान किया कि इन देशों को अंतर्राष्ट्रीय मामलों में अपना प्रतिनिधित्व और आवाज़ मजबूत करनी चाहिए।
एससीओ में भारत की भूमिका इस सम्मेलन में कैसी रही?
भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस सम्मेलन में भाग लिया, जो एससीओ में भारत की सक्रिय भागीदारी को दर्शाता है। भारत एससीओ का पूर्ण सदस्य है और बहुध्रुवीय वैश्विक व्यवस्था के समर्थन के साथ-साथ अपनी स्वतंत्र विदेश नीति भी बनाए रखता है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 7 घंटे पहले
  2. 7 घंटे पहले
  3. 2 दिन पहले
  4. 4 दिन पहले
  5. 6 दिन पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 11 महीने पहले
  8. 12 महीने पहले