अहमदाबाद एयरपोर्ट से हब-एंड-स्पोक इंटरनेशनल उड्डयन सेवा शुरू, राम मोहन नायडू ने किया लॉन्च
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राम मोहन नायडू ने 1 सितंबर 2026 को अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल इंटरनेशनल एयरपोर्ट (SVPIA) से देश की पहली 'हब-एंड-स्पोक' इंटरनेशनल एविएशन सेवा का शुभारंभ किया। इस नई व्यवस्था के तहत अहमदाबाद से विदेश जाने वाले यात्री अब दिल्ली पहुँचने से पहले ही अपने गृहनगर के एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन और कस्टम्स की सभी औपचारिकताएँ पूरी कर सकेंगे।
मुख्य घटनाक्रम
इस ऑपरेशनल फ्रेमवर्क में अहमदाबाद को पहले 'स्पोक एयरपोर्ट' का दर्जा दिया गया है, जबकि नई दिल्ली को अंतरराष्ट्रीय 'हब' के रूप में नामित किया गया है। लॉन्च कार्यक्रम में गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल, उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी, मुख्य सचिव मनोज कुमार दास, नागरिक उड्डयन सचिव समीर कुमार सिन्हा, अडानी एयरपोर्ट्स होल्डिंग लिमिटेड के डायरेक्टर जीत अडानी और सीईओ अरुण बंसल भी उपस्थित रहे।
यात्रियों के लिए क्या बदलेगा
'हब-एंड-स्पोक' प्रणाली के अंतर्गत अहमदाबाद से अंतरराष्ट्रीय गंतव्य के लिए उड़ान भरने वाले यात्री स्पोक एयरपोर्ट पर ही चेक-इन, इमिग्रेशन और कस्टम्स की प्रक्रिया पूरी कर लेंगे। उनका सामान सीधे अंतिम अंतरराष्ट्रीय गंतव्य तक भेजा जाएगा, और दिल्ली में दोबारा इमिग्रेशन या कस्टम्स क्लीयरेंस की आवश्यकता नहीं होगी।
बोर्डिंग पास प्रणाली में भी बदलाव किया गया है — घरेलू यात्रियों के पास पर 'D' और अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के पास पर 'I' का निशान होगा, जो अहमदाबाद-दिल्ली और आगे की अंतरराष्ट्रीय उड़ान, दोनों के लिए मान्य होगा।
इस पहल का उद्देश्य
अधिकारियों के अनुसार, इस मॉडल का मुख्य लक्ष्य टियर-2 और टियर-3 शहरों से अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करना, ट्रांजिट समय घटाना और अधिक अंतरराष्ट्रीय यात्री यातायात को भारतीय एविएशन नेटवर्क के भीतर बनाए रखना है। यह ऐसे समय में आया है जब नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने पहले बताया था कि भारत से यात्रा करने वाले लगभग 35 प्रतिशत अंतरराष्ट्रीय यात्री दुबई, लंदन और सिंगापुर जैसे विदेशी हब से होकर गुज़रते हैं।
व्यापक राष्ट्रीय रणनीति से जुड़ाव
यह पहल केंद्र सरकार की बृहत अंतरराष्ट्रीय एविएशन हब रणनीति का अंग है। इस रणनीति के तहत 2030 तक भारत को भारतीय यात्रियों के लिए पसंदीदा एविएशन हब और 2047 तक एक प्रमुख वैश्विक एविएशन हब के रूप में स्थापित करने का लक्ष्य है। मंत्रालय ने उस अंतरराष्ट्रीय ट्रांसफर यातायात को भारतीय नेटवर्क में लाने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया है, जो अभी विदेशी हब से होकर गुज़रता है।
आगे का रोडमैप
अहमदाबाद का यह लॉन्च एक प्रस्तावित व्यापक नेटवर्क का पहला पड़ाव है। मंत्रालय की योजना है कि ऑपरेशनल तैयारी और संबंधित पक्षों की सहमति के आधार पर और भी अंतरराष्ट्रीय तथा कस्टम्स एयरपोर्ट को इस फ्रेमवर्क के अंतर्गत लाया जाए। गौरतलब है कि यह मॉडल सफल रहा तो यह भारतीय एविएशन के ढाँचे को बुनियादी रूप से बदल सकता है।