अहमदाबाद 'हब एंड स्पोक' मॉडल से बनेगा ग्लोबल एविएशन हब, 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स से पहले बड़ी तैयारी
सारांश
मुख्य बातें
नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने मंगलवार, 1 सितंबर को अहमदाबाद में आयोजित एक कार्यक्रम में घोषणा की कि 'हब एंड स्पोक' मॉडल के तहत अहमदाबाद अब दुनिया के अधिक से अधिक शहरों से आने वाले अंतरराष्ट्रीय यात्रियों का सीधे स्वागत करने में सक्षम होगा। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष 1.6 करोड़ यात्रियों ने अंतरराष्ट्रीय उड़ानें पकड़ने के लिए अहमदाबाद से दिल्ली तक का अतिरिक्त घरेलू सफर किया — यह आंकड़ा उस असुविधा की गहराई को दर्शाता है जिसे यह नई व्यवस्था दूर करने का लक्ष्य रखती है।
यात्रियों के लिए क्या बदलेगा
अब तक, अहमदाबाद से पेरिस, टोरंटो या सिडनी जाने के इच्छुक यात्री को पहले दिल्ली के लिए अलग घरेलू टिकट बुक करनी पड़ती थी, वहाँ पहुँचकर सामान लेना पड़ता था, इमिग्रेशन की लंबी कतारों से गुज़रना पड़ता था और कनेक्टिंग फ्लाइट छूटने का जोखिम भी उठाना पड़ता था।
'हब एंड स्पोक' व्यवस्था लागू होने के बाद इमिग्रेशन, चेक-इन और बैगेज चेक-थ्रू की पूरी प्रक्रिया अहमदाबाद में ही पूरी होगी और सामान सीधे अंतिम अंतरराष्ट्रीय गंतव्य तक पहुँचेगा। यह बदलाव यात्रा को न केवल सरल बनाएगा, बल्कि समय और धन की बचत भी करेगा।
आर्थिक क्षेत्रों पर असर
नायडू ने रेखांकित किया कि बेहतर अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी से अहमदाबाद के टेक्सटाइल, फार्मास्युटिकल, डायमंड एवं जेम्स और इंजीनियरिंग क्षेत्रों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। यह ऐसे समय में आया है जब गुजरात पहले से ही देश के प्रमुख निर्यात केंद्रों में शुमार है और 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेज़बानी की दिशा में तैयारियाँ तेज़ हो रही हैं।
नागरिक उड्डयन मंत्रालय के अध्ययनों के अनुसार, एविएशन हब के विकास से 2030 तक लगभग 4 लाख प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष नौकरियाँ सृजित हो सकती हैं और भारत की जीडीपी में 30 अरब डॉलर का अतिरिक्त योगदान संभव है। दीर्घकालिक अनुमानों के अनुसार, 2047 तक यह ढाँचा 1.6 करोड़ प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोज़गारों को सहारा दे सकता है और अर्थव्यवस्था में 1.4 ट्रिलियन डॉलर का योगदान कर सकता है।
राष्ट्रीय एविएशन रणनीति का हिस्सा
यह मॉडल सरकार की व्यापक अंतरराष्ट्रीय एविएशन हब रणनीति का अभिन्न अंग है, जिसका उद्देश्य 2030 तक भारत को भारतीय यात्रियों के लिए पसंदीदा एविएशन हब और 2047 तक एक प्रमुख वैश्विक एविएशन हब के रूप में स्थापित करना है। गौरतलब है कि इस दिशा में पहला कदम 25 जून 2026 को वाराणसी से हब एंड स्पोक ऑपरेशन की शुरुआत के साथ उठाया गया था।
अहमदाबाद में इसके विस्तार के बाद अगले चरण में 22 और हवाई अड्डों को इस नेटवर्क से जोड़ा जाएगा, जिनमें गुजरात का सूरत भी शामिल है।
लॉन्च कार्यक्रम में कौन रहे मौजूद
अहमदाबाद में आयोजित लॉन्च समारोह में नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू के साथ गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल और गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी उपस्थित रहे। इस उच्चस्तरीय उपस्थिति ने इस पहल के राजनीतिक और प्रशासनिक महत्व को रेखांकित किया।
आने वाले महीनों में इस ढाँचे का विस्तार देश के अन्य हवाई अड्डों तक होने की उम्मीद है, जो भारत के एविएशन क्षेत्र में एक नए युग की नींव रखेगा।