दिल्ली हज समिति की हरित पहल: मोदी की ईंधन बचत अपील पर हजयात्री मेट्रो एयरपोर्ट एक्सप्रेस से जाएंगे IGI
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली राज्य हज समिति ने 15 मई 2026 को एक उल्लेखनीय निर्णय लेते हुए घोषणा की कि इस वर्ष के सभी हजयात्री इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (IGI) हवाई अड्डे तक पहुँचने के लिए बड़े वाहनों की जगह मेट्रो एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन का उपयोग करेंगे। यह कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस अपील के प्रत्यक्ष समर्थन में उठाया गया है, जिसमें उन्होंने नागरिकों से ईंधन संरक्षण और सार्वजनिक परिवहन को प्राथमिकता देने का आग्रह किया था।
समिति अध्यक्ष की प्रतिक्रिया
दिल्ली राज्य हज समिति की अध्यक्ष कौसर जहां ने कहा, 'पीएम मोदी की ऊर्जा और ईंधन बचत की अपील हर देशवासी का कर्तव्य है। पूरी दुनिया फिलहाल ऊर्जा संकट से जूझ रही है। इसके दुष्प्रभाव अन्य क्षेत्रों में भी दिख रहे हैं। भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल है, जहाँ सरकार ने पूरा प्रयास किया कि इस संकट का असर आम आदमी पर कम से कम पड़े।'
उन्होंने आगे जोड़ा, 'इतने बड़े संकट के बावजूद सरकार की कोई जनकल्याण योजना नहीं रुकी। पीएम मोदी की यह अपील सोच-समझकर और देशहित में की गई है। हम सभी उनके साथ खड़े हैं। इन्हीं भावनाओं के साथ दिल्ली हज समिति ने फैसला किया है कि सभी हज यात्री एयरपोर्ट तक की यात्रा मेट्रो एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन से करेंगे।'
यात्रियों की प्रतिक्रिया
भदोही के निवासी हबीबुल्लाह अंसारी ने बताया कि पिछले वर्ष हजयात्रियों को बसों के ज़रिए एयरपोर्ट पहुँचाया गया था, किंतु इस बार प्रधानमंत्री की अपील के बाद वे मेट्रो से यात्रा कर रहे हैं। एक अन्य हजयात्री साहिल अबीब ने कहा, 'मेरी रात की फ्लाइट है। पीएम मोदी के पेट्रोल बचाने के आह्वान के बाद हमने फैसला किया कि बस की जगह मेट्रो से जाएंगे। यह छोटा सा योगदान है, लेकिन सामूहिक रूप से बड़ा प्रभाव डालेगा।'
अन्य यात्रियों ने भी इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि सरकार की अपील के बाद वे जितना संभव हो, सार्वजनिक परिवहन को प्राथमिकता दे रहे हैं।
पहल का व्यापक संदर्भ
यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब वैश्विक ईंधन संकट के चलते देशभर में ऊर्जा संरक्षण अभियान चलाए जा रहे हैं। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी ने हाल ही में नागरिकों से अनावश्यक वाहन उपयोग घटाने, सार्वजनिक परिवहन अपनाने और ऊर्जा बचत में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की थी। मेट्रो एयरपोर्ट एक्सप्रेस न केवल ईंधन की खपत कम करती है, बल्कि IGI हवाई अड्डे तक यात्रा का समय भी घटाती है।
आगे क्या
दिल्ली हज समिति की यह पहल अन्य राज्य हज समितियों के लिए एक अनुकरणीय उदाहरण बन सकती है। आलोचकों का कहना है कि यदि अन्य धार्मिक और सामाजिक संगठन भी इसी तर्ज पर सार्वजनिक परिवहन को अपनाएं, तो देश के समग्र ईंधन उपभोग में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है। समिति के इस कदम से यह भी स्पष्ट होता है कि नागरिक संस्थाएं सरकारी अपीलों को व्यावहारिक धरातल पर उतारने में सक्रिय भूमिका निभा सकती हैं।