क्या इंडिगो की उड़ानें रद्द और देरी पर वारिस पठान ने डीजीसीए से एक्शन लेने की मांग की?
सारांश
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मुंबई, 5 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। इंडिगो एयरलाइंस की उड़ानों में लगातार रद्दीकरण और लंबी देरी के कारण एआईएमआईएम के नेता वारिस पठान ने अपनी कड़ी नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि इंडिगो की सेवाएं लंबे समय से संतोषजनक नहीं रही हैं और वर्तमान स्थिति ने यात्रियों की समस्याओं को कई गुना बढ़ा दिया है।
पठान ने कहा कि पिछले तीन-चार दिनों से लोग एयरपोर्ट पर 10-12 घंटे तक उड़ान का इंतजार करने को मजबूर हैं। पहले कहा जाता है कि उड़ान डेढ़ घंटे लेट है, फिर अचानक से यह सूचना आती है कि फ्लाइट रद्द कर दी गई है। एक प्रवासी अपने परिवार के साथ एयरपोर्ट पर बैठा है, उसके लिए कौन-सी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं?
उन्होंने बताया कि एयरपोर्ट पर अफरातफरी का माहौल बन गया है और इंडिगो द्वारा यात्रियों को कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी जा रही है।
पठान ने यह भी आरोप लगाया कि रांची से दिल्ली की उड़ान का किराया 81 हजार रुपए तक पहुंच गया है, जो आम यात्रियों के साथ अन्याय है। उन्होंने कहा कि डीजीसीए को तुरंत एक्शन लेना चाहिए, क्योंकि लोग परेशान होकर इधर-उधर भटक रहे हैं।
इसके अलावा, भाजपा सांसद अरुण गोविल द्वारा मस्जिदों और मदरसों में सीसीटीवी लगाने की मांग पर भी वारिस पठान ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कैमरे कहीं लगाने से किसी ने रोका नहीं है। कैमरे तो हर जगह लगाए जा रहे हैं, लेकिन मुद्दे को सांप्रदायिक रंग देना गलत है।
उन्होंने याद दिलाया कि स्वयं चुनाव आयोग ने मतदान केंद्रों पर सीसीटीवी लगाने का विरोध किया था, यह कहते हुए कि इससे लोगों के निजता के अधिकार का उल्लंघन होगा।
पठान ने कहा कि भाजपा के मंत्रियों को बोलने से पहले सोचना चाहिए। सुरक्षा का मामला हर जगह महत्वपूर्ण है, चाहे वह मस्जिद हो या मंदिर। इससे सांप्रदायिक तत्वों को गलत काम करने से रोका जा सकता है।
उन्होंने आगे आरोप लगाया कि भाजपा के नेताओं की सबसे बड़ी समस्या यह है कि वे संविधान में विश्वास नहीं रखते और हमेशा समाज के बीच नफरत फैलाने का काम करते हैं।