जदयू ने तेजस्वी यादव को दी चुनौती, विधायक पर कार्रवाई न करने की बात कही
सारांश
Key Takeaways
- बिहार में राज्यसभा चुनाव के परिणाम ने एनडीए को मजबूती दी है।
- जदयू ने तेजस्वी यादव को सीधी चुनौती दी है।
- नीतीश कुमार पार्टी में स्थिरता बनाए रखने का प्रयास कर रहे हैं।
- महागठबंधन के चार विधायकों ने वोट नहीं डाला, जिससे एनडीए को फायदा हुआ।
- तेजस्वी यादव और निशांत कुमार के बीच संबंधों पर चर्चा जारी है।
पटना, १८ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। बिहार में राज्यसभा की सभी पाँच सीटों पर विजय हासिल करने के बाद एनडीए में ख़ुशी का माहौल है। इसी बीच, एनडीए में शामिल जदयू ने बुधवार को राजद के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव को चुनौती देते हुए कहा कि राजद के जिस विधायक ने वोट नहीं दिया, उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर सकते।
जदयू के प्रवक्ता और विधान पार्षद नीरज कुमार ने कहा, "अगर हिम्मत है, तो तेजस्वी यादव अपने विधायक फैसल रहमान को पार्टी से निकालें। अगर निकाला, तो उनके नेता प्रतिपक्ष का पद भी चला जाएगा। यह मेरा चैलेंज है।"
वास्तव में, राज्यसभा चुनाव में महागठबंधन के चार विधायकों ने वोट नहीं डाला था। माना जा रहा है कि इसी कारण एनडीए के सभी पाँच उम्मीदवार जीत गए। वोट नहीं डालने वालों में राजद के विधायक फैसल रहमान और कांग्रेस के तीन विधायक शामिल हैं। ऐसे में चर्चा है कि पार्टी उन बागी विधायकों के खिलाफ कार्रवाई कर सकती है। हालांकि, जदयू ने तेजस्वी यादव को चुनौती दी है।
जदयू के नेता नीरज कुमार ने बुधवार को मीडिया से बातचीत में नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री पद छोड़ने के बाद पार्टी में टूट की आशंका को लेकर कहा कि पार्टी का नाम ही 'यूनाइटेड' है। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार हैं, तो टूट का खतरा नहीं हो सकता। वे पार्टी को संगठन के रूप में चलाएंगे और बिहार को भी देखेंगे। नीतीश कुमार ने कहा है कि संसदीय कार्य के दौरान वे दिल्ली में रहेंगे और उसके बाद बिहार में रहेंगे।
इधर, तेजस्वी यादव और हाल ही में राजनीति में आए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार से जुड़ी बातों पर उन्होंने राजद पर कटाक्ष करते हुए कहा कि निशांत ने हाल ही में पार्टी में प्रवेश किया है। दोनों पिता-पुत्र जब मिलते हैं, तो निशांत अपने पिता को नमस्कार करते हैं, और उनके पिता भी उनका सम्मान करते हैं। यह भी एक संस्कार है। वहीं, दूसरी ओर तेजस्वी यादव कोलकाता के लिए रवाना हो गए हैं और उनके पिता महुआबाग में घर बनवा रहे हैं। यही अंतर है। उन्होंने कहा कि निशांत कहते हैं कि हमारी मां ने हमें संस्कार दिए हैं। पिता के नाम से गौरव होता है। उधर की स्थिति यह है कि 'मां-पिता ने जो गलती की है, उसे माफ कर दीजिए।'