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शी चिनफिंग ने बिश्केक में SCO के 26वें शिखर सम्मेलन में दिया चार सूत्रीय विकास का संदेश

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शी चिनफिंग ने बिश्केक में SCO के 26वें शिखर सम्मेलन में दिया चार सूत्रीय विकास का संदेश

सारांश

बिश्केक में SCO के 26वें शिखर सम्मेलन में शी चिनफिंग ने संगठन की 25वीं वर्षगांठ पर चार सूत्रीय विकास विचार रखे — विकास, सुरक्षा, मानव-केंद्रितता और वैश्विक शासन सुधार। 28 दस्तावेज पारित हुए और पाकिस्तान को 2026-27 की अध्यक्षता सौंपी गई।

मुख्य बातें

चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने 1 सितंबर को बिश्केक में SCO के 26वें शिखर सम्मेलन में भाग लिया।
शी चिनफिंग ने चार सूत्रीय विचार प्रस्तुत किए — विकास, सुरक्षा, मानव-केंद्रितता और निष्पक्ष वैश्विक शासन।
सदस्य देशों ने बिश्केक घोषणा पत्र पर हस्ताक्षर किए और 28 दस्तावेज पारित किए।
SCO की स्थापना की 25वीं वर्षगांठ पर चीन के योगदान की सदस्य देशों ने प्रशंसा की।
पाकिस्तान वर्ष 2026-27 के लिए SCO का अध्यक्ष देश बनेगा।

चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने 1 सितंबर को किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के 26वें शिखर सम्मेलन में भाग लिया और संगठन के उच्च गुणवत्ता वाले विकास पर एक महत्वपूर्ण भाषण दिया। यह सम्मेलन ऐसे समय में हुआ जब SCO अपनी स्थापना की 25वीं वर्षगांठ मना रहा है।

शिखर सम्मेलन में कौन-कौन शामिल हुए

SCO के वर्तमान अध्यक्ष देश किर्गिस्तान के राष्ट्रपति सादिर जापारोव ने सम्मेलन की अध्यक्षता की। इसमें बेलारूस के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर लुकाशेंको, भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन, कजाखस्तान के राष्ट्रपति कासिम-जोमार्ट टोकायेव, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन, तजाकिस्तान के राष्ट्रपति इमोमाली रहमोन, उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शवकत मिर्जियोयेव और SCO के महासचिव नूरलान येर्मेकबायेव ने भाग लिया।

शी चिनफिंग का चार सूत्रीय विचार

शी चिनफिंग ने अपने संबोधन में SCO के भविष्य के लिए चार सूत्रीय विचार प्रस्तुत किए। पहला — विकास को प्राथमिकता देते हुए साझा समृद्धि की संभावनाएँ तैयार करना। दूसरा — सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सार्वभौमिक रूप से सुरक्षित वातावरण का निर्माण। तीसरा — मानव को केंद्र में रखते हुए पीढ़ी दर पीढ़ी मित्रता की नींव मजबूत करना। चौथा — बातचीत और समन्वय को प्राथमिकता देते हुए निष्पक्ष एवं व्यवस्थित वैश्विक शासन में सुधार करना।

गौरतलब है कि शी चिनफिंग ने इस अवसर पर जोर दिया कि चीन विभिन्न सदस्य देशों के साथ 'शंघाई भावना' को बनाए रखते हुए अगले 10 वर्षों में SCO की विकास रणनीति को अमल में लाना चाहता है — ताकि उच्च गुणवत्ता वाला विकास सुनिश्चित हो और मानव जाति के साझे भविष्य वाले समुदाय के निर्माण में योगदान बढ़े।

SCO की 25 साल की यात्रा

शी चिनफिंग ने अपने भाषण में रेखांकित किया कि बीते 25 वर्षों में SCO एक असाधारण यात्रा से गुज़रा है और आज यह दुनिया का सबसे बड़े भूभाग, सर्वाधिक जनसंख्या और विकास की विशाल संभावनाओं वाला क्षेत्रीय सहयोग संगठन बन चुका है। उन्होंने यह भी कहा कि इस दौर में दुनिया में 'सदी का अभूतपूर्व परिवर्तन' तेजी से हो रहा है, और ऐसे में SCO को ऐतिहासिक जिम्मेदारी उठाकर इतिहास के पाठ्यक्रम का सक्रिय मार्गदर्शन करना होगा।

सदस्य देशों के नेताओं ने पिछले 25 वर्षों की उपलब्धियों का सकारात्मक मूल्यांकन किया और संस्थापक सदस्य के रूप में चीन के योगदान की सराहना की।

बिश्केक घोषणा पत्र और अहम फैसले

शिखर सम्मेलन में सदस्य देशों के नेताओं ने बिश्केक घोषणा पत्र पर हस्ताक्षर किए। इसके अलावा SCO के चार्टर के प्रोटोकॉल में संशोधन को मंजूरी दी गई और सुरक्षा, अर्थव्यवस्था, सांस्कृतिक सहयोग तथा संगठन के विकास से जुड़े 28 दस्तावेज पारित किए गए।

सम्मेलन में यह भी तय किया गया कि पाकिस्तान वर्ष 2026 से 2027 के लिए SCO के अध्यक्ष देश की जिम्मेदारी संभालेगा — जो दक्षिण एशिया में संगठन की बढ़ती भूमिका का संकेत है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन 'निष्पक्ष वैश्विक शासन सुधार' जैसी भाषा पश्चिमी संस्थाओं को चुनौती देने की चीनी रणनीति की परिचित शब्दावली है। भारत और पाकिस्तान जैसे परस्पर तनावग्रस्त सदस्यों की एक ही मंच पर उपस्थिति यह भी दर्शाती है कि SCO की 'शंघाई भावना' सहमति की नहीं, सह-अस्तित्व की राजनीति पर टिकी है।
RashtraPress
1 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

SCO का 26वाँ शिखर सम्मेलन कहाँ और कब हुआ?
SCO का 26वाँ शिखर सम्मेलन 1 सितंबर को किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में आयोजित हुआ। किर्गिस्तान इस वर्ष SCO का अध्यक्ष देश था और राष्ट्रपति सादिर जापारोव ने सम्मेलन की अध्यक्षता की।
शी चिनफिंग ने SCO शिखर सम्मेलन में क्या कहा?
शी चिनफिंग ने SCO के उच्च गुणवत्ता वाले विकास पर भाषण दिया और चार सूत्रीय विचार प्रस्तुत किए — विकास को प्राथमिकता, सुरक्षा को प्राथमिकता, मानव-केंद्रित दृष्टिकोण और निष्पक्ष वैश्विक शासन सुधार। उन्होंने अगले 10 वर्षों में 'शंघाई भावना' के साथ SCO की विकास रणनीति लागू करने की प्रतिबद्धता जताई।
बिश्केक शिखर सम्मेलन में कौन से अहम फैसले हुए?
सम्मेलन में बिश्केक घोषणा पत्र पर हस्ताक्षर हुए, SCO चार्टर के प्रोटोकॉल में संशोधन को मंजूरी मिली और सुरक्षा, अर्थव्यवस्था व सांस्कृतिक सहयोग से जुड़े 28 दस्तावेज पारित किए गए। यह भी तय हुआ कि पाकिस्तान 2026-27 के लिए SCO का अध्यक्ष देश होगा।
SCO में कौन-कौन से देश सदस्य हैं और इस सम्मेलन में किसने हिस्सा लिया?
इस सम्मेलन में चीन, भारत, रूस, पाकिस्तान, कजाखस्तान, किर्गिस्तान, तजाकिस्तान, उज्बेकिस्तान, बेलारूस और ईरान के शीर्ष नेताओं ने भाग लिया। SCO दुनिया का सबसे बड़े भूभाग और सर्वाधिक जनसंख्या वाला क्षेत्रीय सहयोग संगठन है।
SCO की 25वीं वर्षगांठ का क्या महत्व है?
SCO की स्थापना 2001 में हुई थी और 2026 में यह अपनी 25वीं वर्षगांठ मना रहा है। शी चिनफिंग के अनुसार इन 25 वर्षों में SCO एक असाधारण यात्रा से गुज़रा और एक नए प्रकार के क्षेत्रीय सहयोग संगठन के रूप में उभरा है।
राष्ट्र प्रेस
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