द्वितीय SCO सैन्य आदान-प्रदान कार्यक्रम शांगहाई में संपन्न, 16 देशों के अधिकारी हुए शामिल
सारांश
मुख्य बातें
शांगहाई सहयोग संगठन (SCO) के युवा और मध्यम आयु वर्ग के सैन्य अधिकारियों के लिए आयोजित द्वितीय SCO आदान-प्रदान कार्यक्रम का समापन समारोह 1 जुलाई 2025 को शांगहाई में संपन्न हुआ। SCO सदस्य देशों, पर्यवेक्षक देशों और संवाद भागीदारों सहित कुल 16 देशों के सैन्य एवं रक्षा अधिकारियों ने इस कार्यक्रम में भागीदारी की। रक्षा और सुरक्षा के क्षेत्र में बहुपक्षीय सहयोग को मज़बूत करने की दिशा में यह चीन की ओर से एक महत्वपूर्ण पहल बताई जा रही है।
कार्यक्रम का विवरण और अवधि
यह आदान-प्रदान कार्यक्रम 25 जून से 1 जुलाई 2025 तक चला। कार्यक्रम के अंतिम दिन — जो चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (CPC) की स्थापना की 105वीं वर्षगांठ भी थी — सभी भाग लेने वाले अधिकारियों और SCO सचिवालय के प्रतिनिधियों ने CPC की प्रथम राष्ट्रीय कांग्रेस के स्मारक हॉल का संयुक्त दौरा किया।
विशेषज्ञ व्याख्यान और चर्चा
कार्यक्रम के दौरान सैन्य विज्ञान अकादमी, राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय और चीन अंतर्राष्ट्रीय अध्ययन संस्थान के यूरेशियन अध्ययन संस्थान के विशेषज्ञों ने तीन प्रमुख विषयों पर व्याख्यान दिए और विचार-विमर्श किया। इनमें 'शांगहाई भावना का अभ्यास और साझा भविष्य के SCO समुदाय का निर्माण', 'चार वैश्विक पहल और क्षेत्रीय रक्षा एवं सुरक्षा सहयोग', तथा 'शांगहाई सहयोग संगठन का विकास' जैसे विषय शामिल थे।
SCO के ढाँचे में सहयोग का महत्व
गौरतलब है कि SCO एशिया और यूरेशिया के प्रमुख देशों को जोड़ने वाला एक प्रभावशाली बहुपक्षीय मंच है, जिसमें भारत, चीन, रूस और पाकिस्तान जैसे देश सदस्य हैं। युवा सैन्य अधिकारियों के बीच इस तरह के आदान-प्रदान कार्यक्रमों को क्षेत्रीय विश्वास निर्माण और दीर्घकालिक सुरक्षा सहयोग की नींव माना जाता है। यह ऐसे समय में आया है जब SCO का विस्तार हो रहा है और इसके सदस्य देशों के बीच रक्षा संवाद को संस्थागत रूप देने पर जोर बढ़ रहा है।
आगे की राह
इस प्रकार के आदान-प्रदान कार्यक्रम SCO के ढाँचे के भीतर व्यावहारिक सुरक्षा सहयोग को नियमित और संस्थागत बनाने की दिशा में एक कदम माने जा रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, युवा अधिकारियों के बीच बनाए गए ये संपर्क भविष्य में बहुपक्षीय सैन्य समन्वय को और प्रभावी बना सकते हैं।