क्या एससीओ देशों के बीच मानवीय आदान-प्रदान कार्यक्रम पेइचिंग में सफल रहा?

सारांश
Key Takeaways
- एससीओ देशों के बीच सांस्कृतिक सहयोग को बढ़ावा।
- राजनीतिक संवाद का महत्व।
- विश्वास और साझा मूल्यों का विकास।
- किर्गिज और चीनी मीडिया के बीच सहयोग।
- शांगहाई भावना का प्रतीक।
बीजिंग, २५ अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। शांगहाई सहयोग संगठन के सदस्य देशों के राष्ट्राध्यक्षों की परिषद की २५वीं बैठक के नजदीक आने पर, चाइना मीडिया ग्रुप और एससीओ सचिवालय द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित '२०२५ एससीओ देशों के बीच मानवीय आदान-प्रदान कार्यक्रम' पेइचिंग में संपन्न हुआ।
किर्गिज राष्ट्रपति सदिर जापारोव और पाक प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ ने सफल आयोजन के लिए बधाई संदेश भेजे। एससीओ देशों के राजनीतिक, सांस्कृतिक और मीडिया क्षेत्रों की प्रमुख हस्तियों सहित १०० से अधिक अतिथियों ने इस कार्यक्रम में भाग लिया और एससीओ देशों के बीच सांस्कृतिक और लोगों के बीच आपसी आदान-प्रदान में कई उपलब्धियों के अनावरण के साक्षी बने।
अपने बधाई संदेश में, किर्गिज राष्ट्रपति सदिर जापारोव ने कहा कि यह कार्यक्रम न केवल एक महत्वपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय आयोजन है, बल्कि 'शांगहाई भावना' की मूल अवधारणाओं का एक जीवंत प्रतीक भी है।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह आयोजन किर्गिज और चीनी मीडिया के बीच और भी अधिक फलदायी सहयोग का अवसर प्रदान करेगा।
अपने बधाई पत्र में, पाक प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ ने बताया कि आज के जटिल और निरंतर बदलते अंतर्राष्ट्रीय परिदृश्य में, विभिन्न सभ्यताओं और देशों के बीच ईमानदार संवाद और आपसी समझ अमूल्य है। सांस्कृतिक संचार के एक सेतु के रूप में, मीडिया को विश्वास के विकास और साझा मूल्यों के संवर्धन को बढ़ावा देना चाहिए।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)