शी चिनफिंग ने SCO हरित व सतत विकास मंच को बधाई पत्र भेजा, 25वीं वर्षगांठ पर हरित सहयोग का आह्वान
सारांश
Key Takeaways
- शी चिनफिंग ने 29 अप्रैल 2026 को SCO हरित और सतत विकास मंच को औपचारिक बधाई पत्र भेजा।
- मंच का आयोजन पूर्वी चीन के निंग पो शहर में हुआ; विषय — वैश्विक शासन पहल के अभ्यास से SCO का हरित विकास।
- वर्तमान वर्ष SCO की 25वीं वर्षगांठ और चीन की 15वीं पंचवर्षीय योजना का पहला वर्ष है।
- शी ने शांगहाई भावना के प्रसार, नीतिगत जुड़ाव और परियोजना सहयोग मज़बूत करने का आह्वान किया।
- चीन ने स्वयं को वैश्विक पारिस्थितिकी सभ्यता का हिस्सेदार, योगदानकर्ता और अग्रदूत बताया।
चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने 29 अप्रैल 2026 को शांगहाई सहयोग संगठन (SCO) के हरित और सतत विकास मंच को एक औपचारिक बधाई पत्र भेजा। यह मंच पूर्वी चीन के निंग पो शहर में आयोजित हुआ, जिसका मुख्य विषय था — वैश्विक शासन पहल का अभ्यास कर एक साथ SCO का हरित और सतत विकास आगे बढ़ाना।
शी चिनफिंग का संदेश
अपने बधाई पत्र में शी ने कहा कि चीन इस अवधारणा का दृढ़ता से पालन करता है कि स्वच्छ पानी और हरित पहाड़ अमूल्य संपत्ति हैं। उन्होंने रेखांकित किया कि चीन पारिस्थितिकी को प्राथमिकता देकर हरित विकास के पथ पर चलता है और वैश्विक पारिस्थितिकी सभ्यता निर्माण में एक सक्रिय हिस्सेदार, योगदानकर्ता और अग्रदूत की भूमिका निभाता है।
SCO की 25वीं वर्षगांठ और चीन की पंचवर्षीय योजना
शी ने विशेष रूप से बल दिया कि वर्तमान वर्ष SCO की स्थापना की 25वीं वर्षगांठ है और साथ ही चीन की 15वीं पंचवर्षीय योजना का शुरुआती वर्ष भी है। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण संरक्षण की चुनौतियाँ तेज़ी से बढ़ रही हैं।
सहयोग और शांगहाई भावना का प्रसार
चीनी राष्ट्रपति ने कहा कि चीन विभिन्न पक्षों के साथ मिलकर शांगहाई भावना का प्रचार-प्रसार करने, SCO की जवाबदेही प्रदर्शित करने, नीतिगत जुड़ाव को मज़बूत करने, अनुभवों के आदान-प्रदान और परियोजनाओं में सहयोग बढ़ाने के लिए तत्पर है। उन्होंने वैश्विक पर्यावरण शासन व्यवस्था में सुधार और मिलकर एक स्वच्छ, सुंदर तथा सतत विश्व निर्मित करने का आह्वान किया।
मंच का महत्व और आगे की राह
SCO हरित और सतत विकास मंच का उद्घाटन 29 अप्रैल को निंग पो में हुआ। गौरतलब है कि SCO में भारत, चीन, रूस, पाकिस्तान सहित कई प्रमुख देश शामिल हैं, जिससे इस मंच पर लिए गए निर्णयों का व्यापक भू-राजनीतिक और पर्यावरणीय महत्व है। यह मंच सदस्य देशों के बीच हरित ऊर्जा, जल संरक्षण और टिकाऊ विकास परियोजनाओं में सहयोग की नींव रखने का प्रयास करता है। आने वाले महीनों में इस मंच से उभरी नीतिगत प्राथमिकताएँ SCO के भावी एजेंडे को आकार दे सकती हैं।