गुरुग्राम जलभराव पर हुड्डा का BJP पर हमला: '12 साल में नया शहर बसता, ये पुराना भी नहीं संभाल पाए'
सारांश
मुख्य बातें
हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा ने बुधवार, 26 अगस्त 2026 को भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि पार्टी ने कांग्रेस के कार्यकाल में विकसित हुई 'मिलेनियम सिटी' गुरुग्राम को पूरी तरह बर्बाद कर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि हल्की बारिश में भी शहर की सड़कें, गलियाँ और रिहायशी इलाके पानी में डूब जाते हैं और सीवरेज व ड्रेनेज का बुनियादी ढाँचा पूरी तरह ध्वस्त हो चुका है।
मुख्य आरोप: बुनियादी ढाँचे की दुर्दशा
विपक्ष के नेता हुड्डा ने कहा कि कांग्रेस सरकार के दौरान गुरुग्राम को एक आधुनिक, विश्व-स्तरीय आईटी हब के रूप में स्थापित किया गया था। उनके अनुसार, BJP के सत्ता में आने के बाद से हर बारिश के साथ जलभराव, ट्रैफिक जाम और आम नागरिकों की परेशानियाँ एक नियमित घटना बन गई हैं। उन्होंने कहा, 'बारह साल का समय बहुत लंबा होता है — एक बिल्कुल नया शहर बसाने के लिए काफी है — फिर भी BJP उस शहर के बुनियादी ढाँचे को भी ठीक से नहीं संभाल पाई जो पहले से आधुनिक और सुव्यवस्थित था।'
सफाईकर्मियों का विरोध और स्वास्थ्य संकट
पूर्व मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि गुरुग्राम समेत पूरे हरियाणा में सफाईकर्मी इस समय विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं और उनकी जायज माँगों को BJP सरकार पूरी तरह नजरअंदाज कर रही है। उनके अनुसार, शहर में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हुए हैं और बरसात के मौसम में जमा गंदगी से कई बीमारियाँ फैल रही हैं, जिसका सीधा खामियाजा आम जनता भुगत रही है।
BJP सांसद के बयान पर पलटवार
हुड्डा की यह प्रतिक्रिया BJP सांसद धर्मबीर सिंह के उस बयान के जवाब में आई, जिसमें उन्होंने गुरुग्राम की बारिश-जनित समस्याओं के लिए कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया था। सांसद ने यह भी कहा था कि अधिकारी जाम और जलभराव से बचने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं, लेकिन 'सब कुछ संभव नहीं है।' हुड्डा ने इस तर्क को 'बेहद हास्यास्पद' करार दिया और कहा कि जब BJP पिछले 12 वर्षों से राज्य और केंद्र दोनों में सत्ता में है, तो किसी और पर दोष मढ़ना तर्कसंगत नहीं है।
राजनीतिक संदर्भ
गौरतलब है कि हरियाणा में हाल के वर्षों में शहरी बुनियादी ढाँचे की स्थिति एक प्रमुख राजनीतिक मुद्दा बन चुकी है। गुरुग्राम जैसे शहर, जो देश के प्रमुख कॉर्पोरेट और आईटी केंद्र माने जाते हैं, में बारिश के दौरान जलभराव की समस्या नागरिकों और उद्योग जगत दोनों के लिए चिंता का विषय रही है। यह ऐसे समय में आया है जब हरियाणा में अगले विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ राजनीतिक दलों के बीच तेज हो रही हैं।
आगे क्या
हुड्डा के इस बयान के बाद BJP और कांग्रेस के बीच गुरुग्राम के विकास और प्रशासनिक विफलताओं को लेकर सियासी बहस और तेज होने की संभावना है। सफाईकर्मियों के चल रहे विरोध प्रदर्शन और मानसून के शेष हफ्तों को देखते हुए, शहरी प्रशासन पर दबाव बना रहेगा।