गुरुग्राम बाढ़: सुरजेवाला का नायब सैनी सरकार पर हमला — 'IT हब अब बाढ़ हब बन गया'
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने हरियाणा की नायब सैनी सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि देश के प्रमुख आईटी केंद्र गुरुग्राम को भाजपा शासन में 'बाढ़ वाले हब' में तब्दील कर दिया गया है। 25 अगस्त को मीडिया से बातचीत में उन्होंने ₹1,400 करोड़ की सरकारी राशि खर्च होने के बावजूद शहर में जलभराव की गंभीर स्थिति पर सवाल उठाए।
मुख्य घटनाक्रम
सोमवार को दिल्ली-एनसीआर में हुई भारी बारिश के बाद गुरुग्राम की सड़कें जलमग्न हो गईं। स्कूली बसें बाढ़ के पानी में फंस गईं और बच्चे करीब 6 घंटे तक बसों में बंद रहे। अंततः क्रेन की सहायता से बसों को निकाला गया। वाहन डूबने से आम नागरिकों और दफ्तर जाने वाले कर्मचारियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी। प्रशासन को 'वर्क फ्रॉम होम' का निर्देश जारी करना पड़ा।
सुरजेवाला के आरोप
सुरजेवाला ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में भाजपा ने गुरुग्राम को 'कूड़े के ढेर, गंदे नालों और बाढ़ वाले शहर' में बदल दिया है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, 'गुरुग्राम के प्रवेश द्वार पर एक बोर्ड लगाया जाना चाहिए — यहाँ रहने वाले सिर्फ वर्क फ्रॉम होम करें, घर से बाहर न निकलें।' उन्होंने नायब सैनी से जवाबदेही तय करने की माँग की और कहा कि शहर में 'बेतहाशा भ्रष्टाचार' ही इस स्थिति का मूल कारण है।
ट्रिपल-इंजन सरकार पर निशाना
कांग्रेस नेता ने कहा कि गुरुग्राम में मेयर, नगर पार्षद, विधायक और सांसद — सभी भाजपा के हैं, फिर भी शहर की बुनियादी नागरिक सुविधाएँ चरमरा गई हैं। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि इसके बावजूद सरकार इसका ठीकरा 'पंडित जवाहरलाल नेहरू' पर फोड़ सकती है। यह ऐसे समय में आया है जब हरियाणा में हाल ही में भाजपा ने सरकार बनाई है और शासन की जवाबदेही एक संवेदनशील मुद्दा बनी हुई है।
दिल्ली और नोएडा पर भी तंज
सुरजेवाला ने अपने हमले को केवल गुरुग्राम तक सीमित नहीं रखा। उन्होंने कहा कि नोएडा और दिल्ली में भी जहाँ-जहाँ भाजपा का शासन है, वहाँ की स्थिति 'बेहाल' है। उनके अनुसार, 'भाजपा सरकार ने पूरी दिल्ली को यमुना बना दिया है।'
आगे क्या
सुरजेवाला ने माँग की कि मुख्यमंत्री नायब सैनी स्वयं आगे आकर ₹1,400 करोड़ के खर्च का हिसाब दें और बाढ़ प्रबंधन की विफलता की जिम्मेदारी लें। गुरुग्राम की जलभराव समस्या हर मानसून में सुर्खियाँ बनती है, और इस बार बच्चों के फंसने की घटना ने इसे और अधिक राजनीतिक रूप दे दिया है।