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गुरुग्राम बाढ़: सुरजेवाला का नायब सैनी सरकार पर हमला — 'IT हब अब बाढ़ हब बन गया'

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गुरुग्राम बाढ़: सुरजेवाला का नायब सैनी सरकार पर हमला — 'IT हब अब बाढ़ हब बन गया'

सारांश

गुरुग्राम में मानसून की बाढ़ ने एक बार फिर शासन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ₹1,400 करोड़ खर्च के बाद भी स्कूल बसें 6 घंटे पानी में फंसी रहीं और बच्चे रोते रहे। कांग्रेस ने 'ट्रिपल-इंजन' भाजपा सरकार को सीधे कटघरे में खड़ा किया है।

मुख्य बातें

कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने 25 अगस्त को नायब सैनी सरकार पर गुरुग्राम में बाढ़ की स्थिति को लेकर तीखा हमला बोला।
भारी बारिश के बाद गुरुग्राम में स्कूली बसें जलभराव में फंसीं; बच्चे करीब 6 घंटे तक बसों में बंद रहे, क्रेन से निकाला गया।
सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि ₹1,400 करोड़ खर्च के बावजूद बुनियादी ढाँचा विफल रहा।
उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में भाजपा ने गुरुग्राम को 'बाढ़ वाले हब' में बदल दिया।
गुरुग्राम में मेयर, पार्षद, विधायक और सांसद — सभी भाजपा के हैं, फिर भी नागरिक सुविधाएँ चरमराई हुई हैं।
प्रशासन को 'वर्क फ्रॉम होम' का आदेश जारी करना पड़ा।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने हरियाणा की नायब सैनी सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि देश के प्रमुख आईटी केंद्र गुरुग्राम को भाजपा शासन में 'बाढ़ वाले हब' में तब्दील कर दिया गया है। 25 अगस्त को मीडिया से बातचीत में उन्होंने ₹1,400 करोड़ की सरकारी राशि खर्च होने के बावजूद शहर में जलभराव की गंभीर स्थिति पर सवाल उठाए।

मुख्य घटनाक्रम

सोमवार को दिल्ली-एनसीआर में हुई भारी बारिश के बाद गुरुग्राम की सड़कें जलमग्न हो गईं। स्कूली बसें बाढ़ के पानी में फंस गईं और बच्चे करीब 6 घंटे तक बसों में बंद रहे। अंततः क्रेन की सहायता से बसों को निकाला गया। वाहन डूबने से आम नागरिकों और दफ्तर जाने वाले कर्मचारियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी। प्रशासन को 'वर्क फ्रॉम होम' का निर्देश जारी करना पड़ा।

सुरजेवाला के आरोप

सुरजेवाला ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में भाजपा ने गुरुग्राम को 'कूड़े के ढेर, गंदे नालों और बाढ़ वाले शहर' में बदल दिया है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, 'गुरुग्राम के प्रवेश द्वार पर एक बोर्ड लगाया जाना चाहिए — यहाँ रहने वाले सिर्फ वर्क फ्रॉम होम करें, घर से बाहर न निकलें।' उन्होंने नायब सैनी से जवाबदेही तय करने की माँग की और कहा कि शहर में 'बेतहाशा भ्रष्टाचार' ही इस स्थिति का मूल कारण है।

ट्रिपल-इंजन सरकार पर निशाना

कांग्रेस नेता ने कहा कि गुरुग्राम में मेयर, नगर पार्षद, विधायक और सांसद — सभी भाजपा के हैं, फिर भी शहर की बुनियादी नागरिक सुविधाएँ चरमरा गई हैं। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि इसके बावजूद सरकार इसका ठीकरा 'पंडित जवाहरलाल नेहरू' पर फोड़ सकती है। यह ऐसे समय में आया है जब हरियाणा में हाल ही में भाजपा ने सरकार बनाई है और शासन की जवाबदेही एक संवेदनशील मुद्दा बनी हुई है।

दिल्ली और नोएडा पर भी तंज

सुरजेवाला ने अपने हमले को केवल गुरुग्राम तक सीमित नहीं रखा। उन्होंने कहा कि नोएडा और दिल्ली में भी जहाँ-जहाँ भाजपा का शासन है, वहाँ की स्थिति 'बेहाल' है। उनके अनुसार, 'भाजपा सरकार ने पूरी दिल्ली को यमुना बना दिया है।'

आगे क्या

सुरजेवाला ने माँग की कि मुख्यमंत्री नायब सैनी स्वयं आगे आकर ₹1,400 करोड़ के खर्च का हिसाब दें और बाढ़ प्रबंधन की विफलता की जिम्मेदारी लें। गुरुग्राम की जलभराव समस्या हर मानसून में सुर्खियाँ बनती है, और इस बार बच्चों के फंसने की घटना ने इसे और अधिक राजनीतिक रूप दे दिया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो हर बार राजनीतिक बयानबाजी के बाद भुला दी जाती है। ₹1,400 करोड़ के खर्च का कोई सत्यापन-योग्य ऑडिट सार्वजनिक नहीं है, और यही असली सवाल है जिसे विपक्ष उठा रहा है। 'ट्रिपल-इंजन' सरकार का तर्क राजनीतिक रूप से तीखा है, लेकिन नागरिक निकायों की संरचनात्मक कमज़ोरियाँ — जैसे अनधिकृत निर्माण, नाला अतिक्रमण और मास्टर प्लान की अनदेखी — किसी एक दल की देन नहीं। जब तक जवाबदेही का ढाँचा केवल चुनावी बयानबाजी तक सीमित रहेगा, गुरुग्राम का IT हब हर बरसात में 'बाढ़ हब' बनता रहेगा।
RashtraPress
26 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गुरुग्राम में बाढ़ की स्थिति क्यों पैदा हुई?
सोमवार को दिल्ली-एनसीआर में हुई भारी बारिश के कारण गुरुग्राम की सड़कों पर व्यापक जलभराव हो गया। स्कूल बसें पानी में फंस गईं और आम नागरिकों को आवागमन में भारी दिक्कतें झेलनी पड़ीं।
रणदीप सुरजेवाला ने नायब सैनी सरकार पर क्या आरोप लगाए?
कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि नायब सैनी सरकार ने ₹1,400 करोड़ खर्च करने के बाद भी गुरुग्राम की जल निकासी व्यवस्था नहीं सुधारी। उन्होंने कहा कि 12 वर्षों के भाजपा शासन में भ्रष्टाचार के कारण यह स्थिति बनी है।
गुरुग्राम में स्कूली बच्चों के साथ क्या हुआ?
जलभराव के कारण स्कूली बसें बाढ़ के पानी में फंस गईं और बच्चे करीब 6 घंटे तक बसों के अंदर बंद रहे। अंततः क्रेन की सहायता से बसों को पानी से बाहर निकाला गया।
'ट्रिपल-इंजन सरकार' से सुरजेवाला का क्या आशय था?
सुरजेवाला ने कहा कि गुरुग्राम में मेयर, नगर पार्षद, विधायक और सांसद — सभी भाजपा के हैं। इसलिए नागरिक सुविधाओं की विफलता की जिम्मेदारी पूरी तरह भाजपा पर है, किसी और पर नहीं।
क्या गुरुग्राम में जलभराव की समस्या पहले भी रही है?
हाँ, गुरुग्राम में हर मानसून सीजन में जलभराव की समस्या सामने आती है। यह शहर की अपर्याप्त जल निकासी व्यवस्था, अनियोजित निर्माण और नालों के अतिक्रमण जैसी दीर्घकालिक समस्याओं का नतीजा माना जाता है।
राष्ट्र प्रेस
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