26 अगस्त 2026
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गुरुग्राम में स्कूल बस सुरक्षा पर प्रशासन सख्त: जलभराव वाले रूटों पर बसें बंद, रियल-टाइम अपडेट अनिवार्य

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गुरुग्राम में स्कूल बस सुरक्षा पर प्रशासन सख्त: जलभराव वाले रूटों पर बसें बंद, रियल-टाइम अपडेट अनिवार्य

सारांश

मानसूनी बारिश में बच्चों की सुरक्षा को लेकर गुरुग्राम प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है — जलभराव वाले रूटों पर स्कूल बसें बंद, रियल-टाइम ट्रैफिक अपडेट अनिवार्य और हरियाणा रोडवेज की बसें स्टैंडबाय पर। यह व्यवस्था गुरुग्राम समेत पाँच अन्य क्षेत्रों के स्कूलों पर लागू होगी।

मुख्य बातें

उपायुक्त उत्तम सिंह ने 25 अगस्त 2026 को अंतर-विभागीय बैठक बुलाकर स्कूल बस सुरक्षा के कड़े दिशा-निर्देश जारी किए।
जलभराव घोषित मार्गों पर स्कूल बसें नहीं चलेंगी; 30 मिनट के भीतर फ्लैश अपडेट और 15 मिनट के भीतर स्कूलों को सूचना अनिवार्य।
हर बस में स्टाफ एस्कॉर्ट और पेयजल अनिवार्य; बच्चों को केवल अधिकृत अभिभावकों को सौंपा जाएगा।
हरियाणा रोडवेज की अतिरिक्त बसें स्टैंडबाय पर; 48 घंटे के भीतर तैनाती विवरण देना होगा।
व्यवस्था गुरुग्राम, सोहना, पटौदी, मानेसर, फर्रुखनगर और बादशाहपुर के स्कूलों पर लागू।
एडीसी सोनू भट्ट निगरानी करेंगे; प्रत्येक शुक्रवार समीक्षा बैठक होगी।

मानसूनी बारिश से उत्पन्न जलभराव के बीच गुरुग्राम जिला प्रशासन ने 25 अगस्त 2026 को स्कूली बच्चों की सुरक्षा के लिए कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं उपायुक्त उत्तम सिंह ने अंतर-विभागीय समन्वय समिति की बैठक बुलाकर स्पष्ट निर्देश दिया कि जलभराव घोषित मार्गों पर कोई भी स्कूल बस नहीं चलाई जाएगी। बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

रियल-टाइम रूट अपडेट की व्यवस्था

गुरुग्राम ट्रैफिक पुलिस अब स्कूल रूटों पर जलभराव की स्थिति की रियल-टाइम जानकारी सीधे स्कूलों के साथ साझा करेगी। बारिश या मौसम संबंधी चेतावनी के दौरान सुबह 5:30 बजे, 10:30 बजे और 12:30 बजे नियमित रिपोर्ट जारी होगी। यदि किसी मार्ग पर अचानक जलभराव या अवरोध उत्पन्न होता है, तो 30 मिनट के भीतर फ्लैश अपडेट जारी करना अनिवार्य होगा। ट्रैफिक पुलिस से प्राप्त हर रिपोर्ट को 15 मिनट के भीतर सभी स्कूलों तक पहुँचाना होगा।

बस संचालन के लिए सख्त नियम

सभी स्कूलों को निर्देश दिया गया है कि जलभराव घोषित मार्गों पर बसें न चलाएँ और सुरक्षित वैकल्पिक रूट अपनाएँ। यदि कोई सुरक्षित विकल्प उपलब्ध न हो, तो विद्यार्थियों को स्कूल परिसर में कर्मचारियों की निगरानी में रखा जाएगा और अभिभावकों को तुरंत सूचित किया जाएगा। भारी बारिश की स्थिति में छुट्टी चरणबद्ध तरीके से दी जाएगी। बस चालकों को स्पष्ट निर्देश है कि वे जलभराव वाले मार्गों और अंडरपास से होकर बस न ले जाएँ।

हर स्कूल बस में एक स्टाफ एस्कॉर्ट और पर्याप्त पेयजल की व्यवस्था अनिवार्य होगी। किसी भी बच्चे को जलभराव वाले या असुरक्षित बस स्टॉप पर नहीं छोड़ा जाएगा — बच्चों को केवल माता-पिता या अधिकृत अभिभावकों को ही सौंपा जाएगा। रूट या समय में बदलाव की स्थिति में SMS या स्कूल ऐप के माध्यम से पहले ही अभिभावकों को सूचना देनी होगी।

ट्रैफिक और आपातकालीन तैनाती

डीसीपी ट्रैफिक को निर्देश दिया गया है कि संवेदनशील स्थानों पर ट्रैफिक कर्मियों, टो वाहन और पीसीआर वाहनों की तैनाती सुनिश्चित की जाए। सुबह 7 बजे से 9 बजे और दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक स्कूल बसों के सुरक्षित आवागमन को प्राथमिकता दी जाएगी। प्रशासन ने बारिश के दौरान अतिरिक्त हरियाणा रोडवेज बसों को स्टैंडबाय रखने का फैसला किया है। यदि कोई स्कूल बस जलभराव में फँसती या खराब होती है, तो इन बसों से छात्रों को सुरक्षित स्थान पर पहुँचाया जाएगा। हरियाणा रोडवेज को 48 घंटे के भीतर अतिरिक्त बसों और चालकों की सूची एवं तैनाती स्थलों का विवरण प्रशासन को देना होगा।

बहु-विभागीय समन्वय और निगरानी

जिला शिक्षा अधिकारी और जिला प्राथमिक शिक्षा अधिकारी को 24 घंटे के भीतर सरकारी, निजी, सहायता प्राप्त और मान्यता प्राप्त स्कूलों के प्राचार्यों व परिवहन प्रभारियों को जोड़ते हुए समर्पित व्हाट्सएप ब्रॉडकास्ट ग्रुप और बल्क SMS सिस्टम तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। जीएमडीए, नगर निगम गुरुग्राम, नगर परिषद मानेसर, एचएसवीपी, पीडब्ल्यूडी, एनएचएआई और हरियाणा रोडवेज को स्कूल बस रूटों तथा स्कूल गेटों के आसपास जल निकासी कार्य को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं।

यह व्यवस्था गुरुग्राम के अलावा सोहना, पटौदी, मानेसर, फर्रुखनगर और बादशाहपुर क्षेत्रों के स्कूलों पर भी लागू होगी। उपायुक्त ने एडीसी सोनू भट्ट को इन निर्देशों के पालन की निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी है, जो प्रत्येक शुक्रवार को ट्रैफिक पुलिस, शिक्षा विभाग, जीएमडीए, हरियाणा रोडवेज और नगर निगम के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक करेंगे।

स्कूलों के लिए अतिरिक्त सुरक्षा दायित्व

दिशा-निर्देशों के अनुसार हर स्कूल को एक ट्रांसपोर्ट इंचार्ज या रूट सेफ्टी अधिकारी नियुक्त करना होगा। बारिश के दौरान छात्रों को बेसमेंट या अन्य निचले क्षेत्रों में एकत्र नहीं किया जाएगा। स्कूलों को परिसर में विद्युत पैनलों और खुले तारों की नियमित जाँच भी सुनिश्चित करनी होगी। गौरतलब है कि यह निर्देश उन घटनाओं के बाद आए हैं जिनमें मानसूनी बारिश के दौरान कई स्थानों पर स्कूल बसें जलभराव में फँसी थीं, जिससे बच्चों और अभिभावकों में व्यापक चिंता फैली थी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा क्रियान्वयन की होगी — हर मानसून में ऐसी बैठकें होती हैं, पर जमीनी स्तर पर जवाबदेही कमज़ोर रहती है। रियल-टाइम रूट अपडेट और व्हाट्सएप ग्रुप की व्यवस्था तभी काम करेगी जब ट्रैफिक पुलिस और स्कूल प्रशासन दोनों समय पर डेटा साझा करें — जो अतीत में अक्सर नहीं हुआ। निजी स्कूलों पर अनुपालन का दबाव बनाने के लिए दंडात्मक प्रावधान स्पष्ट नहीं किए गए हैं, जो इन निर्देशों की सबसे बड़ी कमज़ोरी है।
RashtraPress
26 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गुरुग्राम में जलभराव के दौरान स्कूल बसों के लिए क्या नियम बनाए गए हैं?
जिला प्रशासन ने निर्देश दिया है कि जलभराव घोषित मार्गों पर कोई भी स्कूल बस नहीं चलेगी। यदि सुरक्षित वैकल्पिक रूट उपलब्ध न हो, तो बच्चों को स्कूल परिसर में कर्मचारियों की निगरानी में रखा जाएगा और अभिभावकों को तुरंत सूचित किया जाएगा।
गुरुग्राम ट्रैफिक पुलिस स्कूलों को जलभराव की जानकारी कैसे देगी?
ट्रैफिक पुलिस बारिश या मौसम चेतावनी के दौरान सुबह 5:30 बजे, 10:30 बजे और 12:30 बजे नियमित रिपोर्ट जारी करेगी। अचानक जलभराव की स्थिति में 30 मिनट के भीतर फ्लैश अपडेट देना अनिवार्य होगा, जिसे 15 मिनट के भीतर सभी स्कूलों तक पहुँचाना होगा।
क्या यह व्यवस्था केवल गुरुग्राम शहर के लिए है?
नहीं, ये निर्देश गुरुग्राम के अलावा सोहना, पटौदी, मानेसर, फर्रुखनगर और बादशाहपुर क्षेत्रों के स्कूलों पर भी लागू होंगे। सरकारी, निजी, सहायता प्राप्त और मान्यता प्राप्त — सभी श्रेणी के स्कूल इसके दायरे में हैं।
यदि स्कूल बस जलभराव में फँस जाए तो क्या होगा?
प्रशासन ने हरियाणा रोडवेज की अतिरिक्त बसों को स्टैंडबाय पर रखने का निर्णय लिया है। बस के फँसने या खराब होने की स्थिति में इन बसों की मदद से छात्रों को सुरक्षित स्थान या स्कूल तक पहुँचाया जाएगा।
इन निर्देशों की निगरानी कौन करेगा?
उपायुक्त उत्तम सिंह ने एडीसी सोनू भट्ट को निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी है। वे प्रत्येक शुक्रवार को ट्रैफिक पुलिस, शिक्षा विभाग, जीएमडीए, हरियाणा रोडवेज और नगर निगम के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक करेंगे।
राष्ट्र प्रेस
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