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गुरुग्राम में जलभराव से राहत मिलेगी इस मॉनसून: हरियाणा मंत्री राव नरबीर सिंह का दावा

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गुरुग्राम में जलभराव से राहत मिलेगी इस मॉनसून: हरियाणा मंत्री राव नरबीर सिंह का दावा

सारांश

हरियाणा के उद्योग मंत्री राव नरबीर सिंह ने दावा किया है कि इस मॉनसून गुरुग्राम में जलभराव से काफी राहत मिलेगी — 158 संवेदनशील स्थानों पर सुधार कार्य पूरे हो चुके हैं। साथ ही मैदावास और धुमासपुर में ₹16 करोड़ की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास किया गया।

मुख्य बातें

हरियाणा के उद्योग मंत्री राव नरबीर सिंह ने 12 जून को गुरुग्राम में जलभराव से राहत का दावा किया।
पिछले वर्ष चिह्नित 158 संवेदनशील स्थानों पर सभी सुधारात्मक उपाय लागू किए जा चुके हैं।
गुरुग्राम नगर निगम के अंतर्गत मैदावास और धुमासपुर गाँवों में ₹16 करोड़ की परियोजनाओं की आधारशिला रखी गई।
जल निकासी प्रणालियाँ सुदृढ़ की गई हैं और नालों की सफाई पूरी की गई है।
मंत्री ने नागरिकों से मॉनसून से पहले पौधरोपण अभियान में भाग लेने की अपील की; एक व्यक्ति की CO₂ सोखने के लिए 14 पेड़ों की ज़रूरत बताई।

हरियाणा के उद्योग मंत्री राव नरबीर सिंह ने शुक्रवार, 12 जून को दावा किया कि इस मॉनसून सीज़न में गुरुग्राम के निवासियों को जलभराव की समस्या से पर्याप्त राहत मिलेगी। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष चिह्नित 158 संवेदनशील स्थानों पर संबंधित विभागों द्वारा सुधारात्मक कार्य पूरे किए जा चुके हैं।

मुख्य घटनाक्रम

मंत्री राव नरबीर सिंह ने गुरुग्राम नगर निगम के अंतर्गत मैदावास और धुमासपुर गाँवों में ₹16 करोड़ की विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखने के बाद जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार विकास कार्यों में तेज़ी लाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और जनहित के कार्यों के लिए धन की कोई कमी नहीं है।

जलभराव से निपटने की तैयारी

मंत्री ने कहा कि पिछले वर्ष शहर में बाढ़ के लिहाज़ से संवेदनशील 158 स्थानों की पहचान की गई थी। इसके बाद सभी संबंधित विभागों ने विशेष अभियान चलाकर इन स्थानों पर आवश्यक सुधारात्मक उपाय लागू किए। जल निकासी प्रणालियों को सुदृढ़ किया गया, नालों की सफाई की गई और अन्य ज़रूरी कार्य पूरे किए गए।

उन्होंने कहा, 'लोगों को बस तय नियमों और मानकों के अनुसार प्रस्ताव लाने की ज़रूरत है और सरकार उनकी समस्याओं को हल करने और विकास कार्यों को पूरा करने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी।'

पर्यावरण संरक्षण पर जोर

मंत्री ने कहा कि विकास को केवल सड़कों, इमारतों और बुनियादी ढाँचे तक सीमित नहीं देखा जाना चाहिए — पर्यावरण संरक्षण भी उतना ही महत्त्वपूर्ण है। मॉनसून से पहले उन्होंने हर नागरिक से पौधरोपण अभियानों में सक्रिय भागीदारी का आग्रह किया।

सिंह ने बताया कि एक औसत व्यक्ति प्रतिदिन जितनी कार्बन डाइऑक्साइड छोड़ता है, उसे अवशोषित करने के लिए लगभग 14 पेड़ों की आवश्यकता होती है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे अपने घरों, खेतों, संस्थानों और सार्वजनिक स्थलों पर अधिकाधिक पेड़ लगाएँ और उनकी देखभाल करें।

सरकार की प्रतिबद्धता

सिंह ने गुरुग्राम को तेज़ी से विकसित होता शहर बताते हुए कहा कि इसके बुनियादी ढाँचे को और मज़बूत करने के लिए निरंतर प्रयास जारी हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का एकमात्र उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि विकास योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे। यह ऐसे समय में आया है जब गुरुग्राम हर मॉनसून में जलभराव की गंभीर समस्या झेलता रहा है और निवासियों में इस बार बेहतर प्रबंधन की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन गुरुग्राम के निवासी हर साल ऐसे आश्वासन सुनते आए हैं — और हर मॉनसून में सड़कें तालाब बन जाती हैं। 158 स्थानों पर 'सुधारात्मक उपाय' की बात कही गई है, परंतु यह स्पष्ट नहीं किया गया कि इन कार्यों का स्वतंत्र सत्यापन किसने किया। गुरुग्राम की जलभराव समस्या केवल नाली सफाई की नहीं, बल्कि दशकों की अनियोजित शहरी वृद्धि और अपर्याप्त मास्टर ड्रेनेज इन्फ्रास्ट्रक्चर की देन है। जब तक इस मूल समस्या पर ध्यान नहीं दिया जाता, मॉनसून-पूर्व घोषणाएँ राहत कम और राजनीतिक संदेश अधिक लगती हैं।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गुरुग्राम में जलभराव से राहत के लिए क्या उपाय किए गए हैं?
पिछले वर्ष चिह्नित 158 संवेदनशील स्थानों पर संबंधित विभागों द्वारा विशेष अभियान चलाकर सुधारात्मक उपाय लागू किए गए हैं। जल निकासी प्रणालियों को सुदृढ़ किया गया है और नालों की सफाई पूरी की गई है।
हरियाणा मंत्री राव नरबीर सिंह ने गुरुग्राम में कौन-सी परियोजनाओं का शिलान्यास किया?
मंत्री राव नरबीर सिंह ने गुरुग्राम नगर निगम के अंतर्गत मैदावास और धुमासपुर गाँवों में ₹16 करोड़ की विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखी। इन परियोजनाओं का उद्देश्य क्षेत्र के बुनियादी ढाँचे को मज़बूत करना है।
क्या इस मॉनसून गुरुग्राम में जलभराव नहीं होगा?
हरियाणा के उद्योग मंत्री राव नरबीर सिंह के अनुसार, 158 संवेदनशील स्थानों पर सुधार कार्य पूरे होने से इस वर्ष निवासियों को 'काफी राहत' मिलने की उम्मीद है। हालाँकि यह दावा सरकार का है और वास्तविक स्थिति मॉनसून आने पर ही स्पष्ट होगी।
मंत्री ने पौधरोपण की अपील क्यों की?
मंत्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि एक औसत व्यक्ति प्रतिदिन जितनी कार्बन डाइऑक्साइड छोड़ता है, उसे सोखने के लिए लगभग 14 पेड़ों की आवश्यकता होती है। उन्होंने मॉनसून से पहले नागरिकों से घरों, खेतों और सार्वजनिक स्थलों पर अधिकाधिक पेड़ लगाने का आग्रह किया।
गुरुग्राम में जलभराव की समस्या कब से है?
गुरुग्राम हर मॉनसून सीज़न में गंभीर जलभराव की समस्या झेलता रहा है, जो तेज़ शहरीकरण और अपर्याप्त जल निकासी ढाँचे का परिणाम है। सरकार ने पिछले वर्ष 158 संवेदनशील स्थानों की पहचान कर सुधार कार्य शुरू किए थे।
राष्ट्र प्रेस
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