दिल्ली जलभराव: केजरीवाल का BJP सरकार पर हमला, बसों-मेट्रो स्टेशनों में भरा पानी
सारांश
मुख्य बातें
आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने 29 जुलाई को दिल्ली में हुए व्यापक जलभराव को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरकार पर तीखा हमला बोला। केजरीवाल ने आरोप लगाया कि राजधानी की सड़कें, DTC बसें और मेट्रो स्टेशन तक बारिश के पानी में डूब गए हैं, जिससे लाखों आम नागरिकों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
मुख्य घटनाक्रम
केजरीवाल ने सोशल मीडिया पर जलभराव के वीडियो साझा करते हुए कहा कि BJP सरकार को दिल्ली की बागडोर संभाले दो वर्ष हो चुके हैं, फिर भी राजधानी की बुनियादी व्यवस्थाएँ चरमरा रही हैं। उन्होंने दावा किया कि उनके अपने कार्यकाल में ऐसी स्थिति कभी उत्पन्न नहीं हुई थी।
AAP के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने भी सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट कर सरकार पर व्यंग्य किया। उन्होंने कहा कि दिल्ली की सड़कें वेनिस जैसी नज़र आ रही हैं और ऐसा प्रतीत होता है मानो राजधानी में क्रूज़ और वॉटर स्पोर्ट्स की सेवाएँ आरंभ हो गई हों। भारद्वाज ने कटाक्ष करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने अपना पहला वादा इसी रूप में पूरा किया है, और BJP को अब केवल मिंटो ब्रिज जैसे जलभराव-प्रवण स्थानों के नाम पर वोट माँगना चाहिए।
विधायक का नाव से प्रदर्शन
तिलक नगर से विधायक जरनैल सिंह ने जलमग्न सड़क पर नाव चलाकर सरकार के विरुद्ध प्रतीकात्मक विरोध दर्ज कराया। उन्होंने कहा कि दिल्ली में अब यात्रा के लिए कार-बाइक ही नहीं, नाव की भी ज़रूरत पड़ने लगी है। जरनैल सिंह ने बताया कि वे तिलक नगर से धौला कुआँ जाना चाहते थे, परंतु PWD की सड़कों पर भारी जलभराव के कारण आगे बढ़ना संभव नहीं हो सका।
नाले की सफाई पर सवाल
जरनैल सिंह ने आरोप लगाया कि हर वर्ष नालों की सफाई के नाम पर सैकड़ों करोड़ रुपये खर्च किए जाते हैं, लेकिन ज़मीनी स्तर पर कोई ठोस काम नहीं होता, यही कारण है कि राजधानी हर मानसून में जलभराव की गंभीर समस्या से जूझती है। उन्होंने कहा कि सरकार के सभी 'इंजन' जवाब दे चुके हैं और दिल्ली को बेहतर प्रशासन की सख्त ज़रूरत है।
आम जनता पर असर
बारिश के कारण दिल्ली की परिवहन व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई — बसें और मेट्रो स्टेशन जलमग्न होने की खबरें सामने आईं, जिससे दफ्तर जाने वाले और स्कूली बच्चे सबसे अधिक परेशान हुए। यह ऐसे समय में आया है जब मानसून सीज़न अभी चरम पर है और आने वाले हफ्तों में और बारिश का अनुमान है।
राजनीतिक संदर्भ
गौरतलब है कि दिल्ली में जलभराव की समस्या वर्षों पुरानी है और हर बरसात में यह मुद्दा राजनीतिक रूप ले लेता है। AAP ने इस बार विपक्ष की भूमिका में सत्तारूढ़ BJP को सीधे कठघरे में खड़ा किया है। सरकार की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया तत्काल उपलब्ध नहीं हुई।