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क्या दिल्ली में जलभराव पर सियासत चल रही है? 'आप' के आरोपों पर मंत्री प्रवेश वर्मा का करारा जवाब

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क्या दिल्ली में जलभराव पर सियासत चल रही है? 'आप' के आरोपों पर मंत्री प्रवेश वर्मा का करारा जवाब

सारांश

दिल्ली में जलभराव की समस्या और राजनीतिक विवादों के बीच भाजपा मंत्री प्रवेश वर्मा ने आम आदमी पार्टी पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने सवाल उठाया कि पिछले 10 सालों में 'आप' ने क्या कदम उठाए। क्या यह सियासत का एक और खेल है?

मुख्य बातें

दिल्ली में जलभराव एक गंभीर समस्या है।
आम आदमी पार्टी और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप चल रहा है।
भाजपा मंत्री ने पूर्व सरकार की नीतियों पर सवाल उठाया।
जलभराव से निपटने के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।
राजनीतिक सियासत के बीच समस्या का समाधान प्राथमिकता होनी चाहिए।

नई दिल्ली, 20 जून (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली में मानसून की शुरुआत से पहले जलभराव का मुद्दा एक बार फिर से गरमा गया है। पहली बार विपक्ष की भूमिका निभा रही आम आदमी पार्टी ने इस मुद्दे पर मौजूदा भाजपा सरकार को घेरने की कोशिश की है। इस पर भाजपा नेता और दिल्ली सरकार के मंत्री प्रवेश वर्मा ने आम आदमी पार्टी को जवाब देते हुए कहा कि 'आप' पर भी सवाल उठाए जाने चाहिए, क्योंकि उनकी सरकार पिछले 10 सालों से यहां थी। उन्होंने पूछा कि जलभराव की समस्या को लेकर पिछले एक दशक में उन्होंने क्या कदम उठाए थे?

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और लोक निर्माण विभाग के मंत्री प्रवेश वर्मा ने शुक्रवार को दिल्ली जल बोर्ड के अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक का मुख्य फोकस दिल्ली में हो रही जलभराव की समस्याओं और इसके समाधान के उपायों पर था। इस दौरान मंत्री प्रवेश वर्मा ने पूर्व सरकार की नीतियों पर तीखा प्रहार किया।

पीडब्ल्यूडी मंत्री ने कहा, "आपने देखा होगा कि हाल ही में हुई बारिश के दौरान मिंटो ब्रिज में जलभराव नहीं हुआ। हम अपने लक्ष्यों पर काम कर रहे हैं। हमने शॉर्ट टर्म योजना पर काम शुरू किया है, जिसमें मिंटो ब्रिज भी शामिल है।" वर्मा ने यह भी कहा कि हम एकाएक जलभराव की समस्या का समाधान नहीं कर सकते, लेकिन दिल्ली सरकार इस समस्या को समाप्त करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।

उन्होंने यह भी कहा, "आतिशी ने बारिश के बाद कई तस्वीरें साझा कीं, लेकिन उनमें मिंटो ब्रिज की तस्वीर नहीं थी। हम उन क्षेत्रों में नालियों का निर्माण कर रहे हैं जहां जलभराव की समस्या है, लेकिन पूर्व सरकार ने इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया। 'आप' मुंडका जैसी जगहों पर जलभराव की तस्वीरें दिखाती है, लेकिन वे यह नहीं बतातीं कि उन्होंने वहां नालियों का निर्माण नहीं किया।"

प्रवेश वर्मा ने मनीष सिसोदिया को लेकर भी हमला किया। सिसोदिया को कथित क्लासरूम घोटाला केस में एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) के सामने पेश होना पड़ा है। मंत्री ने सिसोदिया पर "शिक्षा के नाम पर चोरी" करने का आरोप लगाया और कहा, "मनीष सिसोदिया ने चोरी की है। शिक्षा के नाम पर घोटाला किया है। जल्द ही इस घोटाले की सच्चाई का खुलासा होगा। देखना यह है कि सिसोदिया कितने मामलों में जेल जाते हैं।"

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि जलभराव एक गंभीर समस्या है, जिसका समाधान करना आवश्यक है। लेकिन इस मुद्दे के साथ राजनीतिक सियासत जोड़ना एक अलग कहानी है। सभी दलों को मिलकर इस समस्या का समाधान करना चाहिए।
RashtraPress
12 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली में जलभराव की समस्या का मुख्य कारण क्या है?
दिल्ली में जलभराव की समस्या मुख्यतः अव्यवस्थित शहरी विकास, नालियों की कमी और बारिश के दौरान तेज बारिश के कारण होती है।
आम आदमी पार्टी ने जलभराव के खिलाफ क्या कदम उठाए?
आम आदमी पार्टी ने अपने शासनकाल के दौरान कई योजनाएं बनाई, लेकिन विपक्ष का आरोप है कि उन्हें सही तरीके से लागू नहीं किया गया।
भाजपा सरकार ने जलभराव से निपटने के लिए क्या किया है?
भाजपा सरकार ने जलभराव की समस्या को दूर करने के लिए विभिन्न शॉर्ट टर्म और लॉन्ग टर्म योजनाएं बनाई हैं, जिसमें नालियों का निर्माण शामिल है।
क्या जलभराव से जुड़ी समस्याएं केवल मानसून में होती हैं?
जलभराव की समस्या मुख्यतः मानसून के दौरान बढ़ जाती है, लेकिन अन्य मौसमों में भी यह समस्या बनी रहती है।
इस मुद्दे पर राजनीतिक दलों की क्या स्थिति है?
सभी राजनीतिक दल इस मुद्दे पर अपने-अपने तरीके से बयान दे रहे हैं, लेकिन सच्चाई यह है कि समस्या का समाधान एकजुटता से ही किया जा सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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