घुसपैठ पर कुमारी शैलजा का BJP पर वार: '12 साल की सरकार में जवाब कौन देगा?'
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस सांसद कुमारी शैलजा ने बुधवार, 26 अगस्त को नई दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत के दौरान भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने घुसपैठ की बढ़ती घटनाओं के लिए सीधे केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि जब सत्ता उनके हाथ में है, तो घुसपैठियों का देश में दाखिल होना उनकी विफलता का प्रमाण है।
घुसपैठ पर सरकार को घेरा
शैलजा ने कहा, 'इतने वर्षों से आपकी सरकार सत्ता में है — आखिर घुसपैठियों के विरुद्ध क्या ठोस कदम उठाए गए?' उन्होंने तर्क दिया कि यदि BJP स्वयं यह स्वीकार कर रही है कि देश में घुसपैठिए प्रवेश कर रहे हैं, तो यह उसी सरकार की कमज़ोरी को उजागर करता है। उनके अनुसार, सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है कि वह घुसपैठियों की पहचान कर कड़ी कार्रवाई करे।
गौरतलब है कि घुसपैठ का मुद्दा हाल के महीनों में राष्ट्रीय राजनीति में केंद्रीय विवाद बन चुका है, जिस पर सत्तारूढ़ दल और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जारी है।
गुरुग्राम की जलभराव समस्या पर सवाल
शैलजा ने गुरुग्राम की मौजूदा स्थिति को लेकर भी BJP को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि बारिश के कारण गुरुग्राम में जनजीवन अस्त-व्यस्त है — स्कूली बसें जलभराव में फँस रही हैं और आम नागरिक बेहाल हैं। उन्होंने प्रश्न उठाया कि 12 वर्षों से सत्ता में रही BJP ने इस शहर के बुनियादी ढाँचे के लिए आखिर क्या किया।
उन्होंने कहा कि भारी मात्रा में टैक्स वसूला जा रहा है, लेकिन उसका उपयोग कहाँ हो रहा है, यह जनता को बताना होगा। उनके शब्दों में, 'सिर्फ कांच की इमारतें खड़ी कर देने से कोई शहर आधुनिक नहीं बन जाता।' साथ ही उन्होंने यह भी माना कि गुरुग्राम में रोज़गार की असीम संभावनाएँ हैं, बशर्ते उन्हें सही दिशा में उपयोग किया जाए।
BJP पर पलटवार का आरोप
शैलजा ने कहा कि जब भी BJP से जवाब माँगा जाता है, वह कांग्रेस के पुराने शासनकाल पर सवाल उठाने लगती है। उनके अनुसार यह रणनीति इस बात का संकेत है कि सत्तारूढ़ दल के पास वर्तमान समस्याओं का कोई ठोस उत्तर नहीं है।
कुलदीप शर्मा के बयान पर प्रतिक्रिया
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कुलदीप शर्मा के हालिया बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए शैलजा ने कहा कि उनके विचारों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। हालाँकि उन्होंने इस विषय पर विस्तृत टिप्पणी से परहेज किया।
यह ऐसे समय में आया है जब हरियाणा में राजनीतिक सरगर्मी तेज़ है और विपक्ष BJP सरकार की प्रशासनिक विफलताओं को चुनावी मुद्दा बनाने की कोशिश में है।