कैलाश मानसरोवर यात्रा: नेपाल आपदा के बाद सूरत के 3 श्रद्धालु लापता, परिजनों ने सरकार से मांगी मदद
सारांश
मुख्य बातें
नेपाल में 25 अगस्त 2026 को आई भीषण प्राकृतिक आपदा के बाद कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए गुजरात के कई श्रद्धालुओं का परिवारों से संपर्क टूट गया है। सूरत के परेश पटेल, उनकी पत्नी ज्योति पटेल और बेटी मीनाक्षी पटेल से 28 अगस्त तक कोई संपर्क नहीं हो पाया है। इसके अलावा गांधीनगर से यात्रा पर गई अमिता अमीन, तेजल पटेल और जितेंद्र पटेल के परिजन भी उनकी खोज-खबर का बेसब्री से इंतज़ार कर रहे हैं।
मुख्य घटनाक्रम
परेश पटेल की माँ सुशीला पटेल के अनुसार, परेश, ज्योति और मीनाक्षी 23 अगस्त को नेपाल रवाना हुए थे और 25 अगस्त को कैलाश मानसरोवर की ओर आगे बढ़ने का कार्यक्रम था। परिवार से आखिरी बातचीत तब हुई जब तीनों ने बताया था कि उनका इमिग्रेशन पूरा हो गया है और वे आगे की यात्रा के लिए निकल रहे हैं — साथ ही यह भी कहा था कि अब संपर्क संभव नहीं होगा। इसके कुछ ही समय बाद नेपाल में आपदा की खबर आई और परिवार का संपर्क पूरी तरह टूट गया।
परेश और मीनाक्षी के मामा सुरेशभाई पटेल ने बताया कि मुंबई में बातचीत के बाद नेपाल से फोन आया था, जिसमें परेश ने पुष्टि की थी कि इमिग्रेशन पूरा हो चुका है और वे ऊपर की ओर जा रहे हैं। उसके बाद से लगातार फोन करने के बावजूद कोई जवाब नहीं मिला है। सुरेशभाई ने यह भी बताया कि मीनाक्षी के पति वहाँ जाने की योजना बना रहे थे, लेकिन मौजूदा हालात को देखते हुए उन्हें फिलहाल न जाने की सलाह दी गई है।
गांधीनगर परिवार की स्थिति
गांधीनगर के कौशिक अमीन ने बताया कि उनकी दादी अमिता अमीन, तेजल पटेल और जितेंद्र पटेल 22 अगस्त को अमेरिका से कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए रवाना हुए थे। 25 अगस्त को आपदा से करीब एक घंटे पहले परिवार से आखिरी बातचीत हुई थी, जिसमें उन्होंने बताया था कि वे फ्रेंडशिप ब्रिज पर हैं और आगे बढ़ने वाले हैं। इसके करीब एक घंटे बाद आपदा की सूचना आई और संपर्क टूट गया।
कौशिक ने बताया कि उनकी दादी अमिता अमीन पहले सात बार कैलाश मानसरोवर की यात्रा कर चुकी हैं और यह उनकी आठवीं यात्रा थी। परिवार ने गुजरात सरकार द्वारा जारी टोल-फ्री नंबर पर पूरी जानकारी साझा की है। गांधीनगर कलेक्टर की ओर से भी परिवार से संपर्क किया गया और उपलब्ध जानकारी प्रशासन को सौंपी गई।
सरकारी प्रतिक्रिया
कौशिक अमीन के अनुसार, गुजरात सरकार की ओर से परिवार को लगातार सहयोग मिल रहा है। परिवार ने रणनीतिक रूप से एक ही सरकारी माध्यम से समन्वय बनाए रखने का फैसला किया है ताकि जानकारी में दोहराव या भ्रम न हो। सुरेशभाई पटेल ने यह भी बताया कि उनके रिश्तेदार ने पहले केदारनाथ यात्रा के दौरान प्रशासनिक स्तर पर आई परेशानियों का अनुभव किया था, इसलिए इस बार वे सतर्क हैं।
परिजनों की अपील
सुशीला पटेल ने भावुक होकर सरकार से अपील की है कि उनके बेटे, बहू और बेटी के सुरक्षित होने की जानकारी जल्द से जल्द परिवार को दी जाए। उन्होंने बताया कि परेश पटेल अमेरिका के फ्लोरिडा में रहते हैं और कंप्यूटर इंजीनियर हैं, बहू ज्योति गृहिणी हैं और बेटी मीनाक्षी डॉक्टर हैं। दोनों परिवारों को उम्मीद है कि प्रशासन के प्रयासों से जल्द ही उनके प्रियजनों की सकुशल वापसी संभव होगी।
आगे की स्थिति
यह ऐसे समय में आया है जब नेपाल में आई प्राकृतिक आपदा के बाद कई भारतीय तीर्थयात्रियों के परिजन चिंतित हैं। गौरतलब है कि कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग अत्यंत दुर्गम है और आपदा की स्थिति में संचार व्यवस्था पूरी तरह बाधित हो जाती है। प्रशासन की ओर से जानकारी मिलने पर परिवारों को सूचित किया जाएगा।