29 अगस्त 2026
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नेपाल बाढ़ में कैलाश मानसरोवर यात्री लापता: अमेरिका, यूके, कनाडा के भारतीय परिवारों ने सरकार से लगाई गुहार

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नेपाल बाढ़ में कैलाश मानसरोवर यात्री लापता: अमेरिका, यूके, कनाडा के भारतीय परिवारों ने सरकार से लगाई गुहार

सारांश

कैलाश मानसरोवर की पवित्र यात्रा पर निकले अमेरिका, यूके और कनाडा में बसे प्रवासी भारतीय नेपाल में 25 अगस्त को आई अचानक बाढ़ के बाद से लापता हैं। गुजरात, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और पश्चिम बंगाल के परिवार सरकार से तत्काल जानकारी की गुहार लगा रहे हैं।

मुख्य बातें

25 अगस्त को नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए कई भारतीय नागरिक लापता हैं।
सूरत, गुजरात के परिवार का फ्लोरिडा, अमेरिका में रहने वाले तीन सदस्यों से 25 अगस्त के बाद से संपर्क नहीं हुआ।
BJP नेता करता राम गुप्ता की बेटी डॉ.
मीना गुप्ता (यूके) और स्वाति बागरेचा (कनाडा) ईशा फाउंडेशन के 77 सदस्यीय समूह के साथ यात्रा पर थीं और लापता हैं।
पश्चिम बंगाल के संदीप कुमार गराई भी बुधवार सुबह से संपर्क से बाहर; पत्नी को प्रशासन से कोई सूचना नहीं।
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान से संपर्क किया गया; परिवारों ने भारतीय व नेपाली अधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप की माँग की।

नेपाल में 25 अगस्त 2026 को आई विनाशकारी बाढ़ के बाद कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए कई भारतीय नागरिक लापता हैं — जिनमें अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम और कनाडा में बसे प्रवासी भारतीय शामिल हैं। चीन-तिब्बत सीमा के निकट अचानक आई इस बाढ़ ने तीर्थयात्रियों के कई समूहों को प्रभावित किया, और तब से प्रभावित परिवार भारतीय व नेपाली अधिकारियों से जानकारी पाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

सूरत परिवार का संपर्क टूटा

गुजरात के सूरत निवासी एक परिवार का अपने तीन सदस्यों से संपर्क 25 अगस्त के बाद से कट गया है। ये तीनों — एक इंजीनियर बेटा, उसकी पत्नी और बहन — फ्लोरिडा, अमेरिका में रहते हैं और कैलाश मानसरोवर यात्रा पर निकले थे। उनकी माँ सुशीला पटेल ने बताया, 'मेरा बेटा, बहू और बेटी 23 अगस्त को नेपाल गए थे और 25 तारीख को मानसरोवर के लिए निकलने वाले थे। आखिरी बातचीत में उन्होंने बताया था कि उनका इमिग्रेशन पूरा हो गया है और इसके बाद वे बात नहीं कर पाएंगे, क्योंकि वे चीन में प्रवेश कर रहे थे। जब से हमने इस त्रासदी की खबर सुनी है, हम उनके बारे में जानने के लिए लोगों को फोन कर रहे हैं।' उनके दामाद मुंबई में रहते हैं और उन्होंने भी पुष्टि की कि परिवार से कोई संपर्क नहीं हो पा रहा है।

ईशा फाउंडेशन समूह के सदस्य भी लापता

छत्तीसगढ़ के भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता करता राम गुप्ता की बेटी डॉ. मीना गुप्ता, जो यूके में डॉक्टर हैं, सद्गुरु के ईशा फाउंडेशन के 77 सदस्यीय समूह के साथ यात्रा पर थीं। उनके जीजा ने बताया कि परिवार ने कैलाश मानसरोवर में 'दर्शन' के दौरान वीडियो कॉल पर भी बात की थी और उनसे आखिरी संपर्क 25 अगस्त को हुआ था। समूह के अनुसार, बाढ़ के समय वह इमिग्रेशन कार्यालय में थीं। उनकी बहन ममता मित्तल ने अपील की, 'मैं भारतीय और नेपाली अधिकारियों से गुज़ारिश करती हूँ कि वे जल्द से जल्द कोई भी संभव जानकारी दें।'

मध्य प्रदेश के विदिशा की स्वाति बागरेचा भी इसी ईशा फाउंडेशन समूह का हिस्सा थीं। वह 8 अगस्त को कनाडा से भारत आई थीं और उसके बाद नेपाल होते हुए माउंट कैलाश की यात्रा पर निकली थीं। उनके भाई डॉ. प्रशांत बागरेचा ने बताया, 'बाढ़ वाले दिन सुबह करीब 9 बजे वह इमिग्रेशन कार्यालय पहुँची थीं। समूह ने बताया कि उनसे आखिरी बार सुबह 9:05 बजे संपर्क हुआ था, और अचानक आई बाढ़ के बाद से उनसे कोई संपर्क नहीं हो पा रहा।' भाई ने यह भी बताया कि उन्होंने केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान से इस विषय में बात की है।

पश्चिम बंगाल का यात्री भी संपर्क से बाहर

पश्चिम बंगाल के पुरबा बर्धमान के निवासी संदीप कुमार गराई भी बुधवार सुबह से संपर्क से बाहर हैं। उनकी पत्नी तिथि गराई ने बताया कि उन्होंने पुलिस थाने और एसडीओ कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई है, लेकिन अब तक कोई ठोस जानकारी नहीं मिली। उन्होंने कहा, 'बर्धमान पुलिस थाने से फोन आया था, लेकिन वे केवल दस्तावेज़ माँग रहे हैं — हमें कोई अपडेट नहीं दिया गया।' प्रशासन की निष्क्रियता को लेकर परिवार में गहरी निराशा है।

आम जनता और परिवारों पर असर

यह ऐसे समय में आया है जब कैलाश मानसरोवर यात्रा भारत के लाखों श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण धार्मिक यात्रा मानी जाती है। गौरतलब है कि यह मार्ग चीन-नियंत्रित तिब्बत से होकर गुज़रता है, जहाँ संचार व्यवस्था सीमित है और आपातकालीन प्रतिक्रिया जटिल हो जाती है। लापता व्यक्तियों के परिवार विभिन्न राज्यों — गुजरात, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और पश्चिम बंगाल — से हैं, जो दर्शाता है कि इस त्रासदी का दायरा व्यापक है।

आगे क्या होगा

प्रभावित परिवारों ने भारत सरकार के विदेश मंत्रालय, नेपाल स्थित भारतीय दूतावास और संबंधित राज्य सरकारों से तत्काल हस्तक्षेप की माँग की है। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान से संपर्क किए जाने की पुष्टि हुई है। राहत एवं बचाव अभियान की स्थिति फिलहाल अधिकारियों के स्तर पर जारी बताई जा रही है, हालाँकि परिवारों को अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं मिली है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नेपाल बाढ़ में कैलाश मानसरोवर यात्री कब और कहाँ लापता हुए?
25 अगस्त 2026 को चीन-तिब्बत सीमा के निकट अचानक आई बाढ़ के बाद कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए कई भारतीय तीर्थयात्री लापता हो गए। अधिकांश लापता व्यक्ति उस समय इमिग्रेशन कार्यालय में थे या वापसी के मार्ग पर थे।
कौन-कौन से परिवार प्रभावित हुए हैं?
गुजरात के सूरत, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश के विदिशा और पश्चिम बंगाल के पुरबा बर्धमान के परिवार प्रभावित हैं। लापता व्यक्तियों में अमेरिका, यूके और कनाडा में रहने वाले प्रवासी भारतीय शामिल हैं।
ईशा फाउंडेशन का इस घटना से क्या संबंध है?
सद्गुरु के ईशा फाउंडेशन का 77 सदस्यीय समूह कैलाश मानसरोवर यात्रा पर था। इस समूह में यूके की डॉ. मीना गुप्ता और कनाडा से आई स्वाति बागरेचा शामिल थीं, जो बाढ़ के बाद से लापता हैं।
परिवारों ने किस-किस से मदद माँगी है?
परिवारों ने भारत सरकार के विदेश मंत्रालय, नेपाल स्थित भारतीय दूतावास और नेपाली अधिकारियों से तत्काल जानकारी की माँग की है। स्वाति बागरेचा के भाई ने केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान से भी संपर्क किया है।
क्या अब तक किसी लापता व्यक्ति का पता चला है?
रिपोर्टों के अनुसार, 28 अगस्त तक किसी भी लापता व्यक्ति की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पश्चिम बंगाल में संदीप कुमार गराई की पत्नी ने बताया कि पुलिस केवल दस्तावेज़ माँग रही है और कोई ठोस अपडेट नहीं दिया गया है।
राष्ट्र प्रेस
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