नेपाल बाढ़: गुजरात के 11 यात्री लापता, कैलाश मानसरोवर तीर्थयात्री भी संपर्क से बाहर
सारांश
मुख्य बातें
नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद गुजरात से जुड़े 11 लोग लापता या संपर्क से बाहर बताए जा रहे हैं। राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (SEOC) और जिला आपातकालीन केंद्रों ने 27 अगस्त को यह जानकारी जारी की। इनमें से अधिकांश कैलाश मानसरोवर मार्ग से केरंग होते हुए यात्रा कर रहे तीर्थयात्री हैं।
कौन-कौन हैं लापता यात्री
लापता लोगों में अहमदाबाद से किन्नरी पटेल और मिहिर पटेल शामिल हैं, जो रिचा टूर्स प्राइवेट लिमिटेड के साथ यात्रा कर रहे थे। उनसे परिवार का बुधवार सुबह आखिरी संपर्क हुआ था। अहमदाबाद निवासी अशोकभाई कपाड़ी से भी बुधवार सुबह करीब 8:30 बजे आखिरी बार बात हो सकी।
आणंद के बिमलकुमार पटेल और जैमीनाबेन पटेल — जो भारतीय मूल के अमेरिकी नागरिक हैं — नमस्ते नेपाल ट्रेकिंग एंड रिसर्च हब के साथ कैलाश मानसरोवर यात्रा पर निकले हुए हैं और उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा।
राजकोट के जय कोटेचा — जो वर्तमान में मुंबई में रहते हैं — रसुवागढ़ी-केरुंग सीमा के पास फ्रेंडशिप ब्रिज-भोटे कोशी नदी गलियारे पर यात्रा कर रहे थे।
सूरत से जुड़े तीन लोग — परेशभाई पटेल, ज्योतिबेन पटेल और मीनाक्षीबेन रमानी — पिछले 24 घंटों से संपर्क में नहीं हैं। परेशभाई और ज्योतिबेन अमेरिका में रहते हैं, जबकि मीनाक्षीबेन मुंबई में रहती हैं।
इसके अलावा, अमरेली मूल के अमेरिकी नागरिक दिनेशभाई पटेल और महेसाणा के ऑस्ट्रेलियाई नागरिक भाविनकुमार रावल भी लापता हैं। रावल 26 लोगों के एक समूह के साथ यात्रा कर रहे थे और उनसे भी बुधवार सुबह आखिरी बार संपर्क हुआ।
एक यात्री के सुरक्षित होने की पुष्टि
जिला प्रशासन के अनुसार, पहले लापता बताई जा रही वलसाड की रोमा इंटवाला के नेपाल में सुरक्षित होने की पुष्टि हो गई है। यह जानकारी परिवारों के लिए राहत की एक किरण है, जबकि बाकी यात्रियों की तलाश जारी है।
नेपाल में बाढ़ की भयावहता
नेपाल के रसुवा और आसपास के जिलों में आई बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। नेपाल सरकार द्वारा 27 अगस्त की सुबह जारी आँकड़ों के अनुसार, मृतकों की संख्या 165 थी, जबकि 579 पर्यटकों सहित 826 लोग अभी भी लापता थे। बाद में आई रिपोर्टों में मरने वालों की संख्या काफी अधिक बताई गई — नेपाल पुलिस ने शव बरामद होने के बाद 270 मौतों की पुष्टि की। गौरतलब है कि यह इस क्षेत्र में हाल के वर्षों में आई सबसे भीषण बाढ़ों में से एक है।
बचाव अभियान और सरकारी प्रतिक्रिया
नेपाल में बड़े पैमाने पर खोज और बचाव अभियान जारी है। SEOC लगातार जिला आपातकालीन केंद्रों के साथ समन्वय कर रहा है। यह स्थिति ऐसे समय में उत्पन्न हुई है जब मानसून सीजन में तीर्थयात्रा मार्गों पर यातायात चरम पर होता है, जिससे बचाव कार्य और जटिल हो जाता है।
आगे क्या होगा
गुजरात सरकार के अधिकारी लापता यात्रियों के परिजनों के संपर्क में हैं और नेपाल में भारतीय दूतावास के माध्यम से जानकारी जुटाई जा रही है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में संचार व्यवस्था बाधित होने के कारण स्थिति की पूरी जानकारी मिलने में समय लग सकता है।