कोनिडेला नागा बाबू ने संभाला एपी ग्रीन कमेटी का चेयरमैन पद, 2047 तक 50% हरित आवरण का लक्ष्य
सारांश
मुख्य बातें
आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण के भाई कोनिडेला नागा बाबू (पूरा नाम: कोनिडेला नागेंद्र राव) ने 28 अगस्त 2026 को एपी ग्रीन एग्जीक्यूटिव कमेटी के चेयरमैन के रूप में औपचारिक रूप से पदभार संभाल लिया। उनका प्राथमिक लक्ष्य वर्ष 2047 तक आंध्र प्रदेश के कुल भौगोलिक क्षेत्र के 50 प्रतिशत हिस्से को हरित आवरण में बदलना है।
पदभार ग्रहण समारोह
मंगलगिरि स्थित अरण्य भवन में आयोजित पदभार ग्रहण समारोह के बाद मीडिया से बातचीत में नागा बाबू ने स्पष्ट किया कि पर्यावरण संरक्षण को केवल एक सरकारी कार्यक्रम तक सीमित नहीं रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि इसे व्यापक जनभागीदारी वाले जन आंदोलन का रूप दिया जाएगा।
गौरतलब है कि नागा बाबू को 17 अगस्त को आंध्र प्रदेश सोसाइटी फॉर ग्रीनिंग एंड रीफॉरेस्टेशन फॉर इकोलॉजिकल एनरिचमेंट की कार्यकारी समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। इस नियुक्ति के साथ उन्हें कैबिनेट मंत्री का दर्जा भी प्रदान किया गया है।
वर्तमान स्थिति और लक्ष्य
नागा बाबू ने बताया कि फिलहाल आंध्र प्रदेश में वन क्षेत्र कुल भूमि का 22.96 प्रतिशत है। सरकार की योजना वन और वृक्षों के संयुक्त क्षेत्र को मिलाकर 2047 तक 50 प्रतिशत हरित आवरण का लक्ष्य हासिल करना है। उन्होंने कहा, "यह केवल एक आंकड़ा नहीं है बल्कि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ हवा, स्वस्थ वातावरण और बेहतर जीवन देने का संकल्प है।"
यह ऐसे समय में आया है जब जलवायु परिवर्तन वैश्विक चिंता का विषय बना हुआ है और कई राज्य सरकारें हरित आवरण बढ़ाने की दिशा में ठोस कदम उठा रही हैं।
बहुआयामी कार्ययोजना
नागा बाबू ने बताया कि केवल जंगलों तक सीमित न रहते हुए कृषि भूमि, गाँव, शहर, सड़कों के किनारे, नहरों के तट, सरकारी और निजी संस्थानों के परिसर, औद्योगिक क्षेत्र और अनुपयोगी भूमि पर भी बड़े पैमाने पर हरियाली बढ़ाने की योजना तैयार की जा रही है।
उन्होंने कहा, "एपी ग्रीन के माध्यम से मैं राज्य में हरियाली बढ़ाने, वन क्षेत्र का विस्तार करने और पर्यावरण संरक्षण के लक्ष्यों को हासिल करने के लिए पूरी मेहनत करूंगा।"
विभागीय समन्वय और जनभागीदारी
नागा बाबू ने जोर देकर कहा कि इतने बड़े लक्ष्य को कोई एक विभाग अकेले हासिल नहीं कर सकता। इसके लिए कृषि, बागवानी, पंचायत राज, शिक्षा, उद्योग, राजस्व, जल संसाधन, परिवहन और वन विभाग सहित सभी संबंधित विभागों के साथ समन्वित रूप से काम किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि किसान, स्वयंसेवी संगठन, कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) संस्थाएँ, विद्यार्थी, युवा, उद्यमी और आम नागरिक इस अभियान के अभिन्न भागीदार होंगे।
पौधों की निगरानी और रखरखाव
नागा बाबू ने स्पष्ट किया कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है — उनकी सुरक्षा, देखभाल और जीवित रहना सुनिश्चित करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। इसके लिए प्रत्येक पौधे की निगरानी और रखरखाव के लिए विशेष व्यवस्था बनाई जाएगी।
उन्होंने मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू और उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे सौंपी गई जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा के साथ निभाएंगे। अब सभी की निगाहें एपी ग्रीन कमेटी की आगामी कार्ययोजना और उसके क्रियान्वयन पर टिकी हैं।