तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम ने हासिल किया 89.4% ग्रीन कवर, चंद्रबाबू नायडू ने की सराहना
सारांश
मुख्य बातें
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने 18 मई 2026 को तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (TTD) को 89.4 प्रतिशत वन आवरण हासिल करने पर बधाई दी। शेषाचलम पहाड़ियों में देशी प्रजातियों के पुनर्स्थापन और सतत संरक्षण उपायों के बल पर यह उपलब्धि संभव हुई, जो TTD को हरित आवरण के मामले में देश के अग्रणी संस्थानों में शामिल करती है।
मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री नायडू ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी पोस्ट में कहा, 'हमारी परंपराओं में प्रकृति को पवित्र माना जाता है, और वनों और वन्यजीवों की रक्षा करना ईश्वर की सेवा है।' उन्होंने आगे कहा कि ये प्रयास आने वाली पीढ़ियों के लिए एक हरे-भरे और स्वस्थ तिरुमाला को संरक्षित करने में सहायक होंगे।
TTD वन विभाग की उपलब्धि
नवीनतम इंडिया स्टेट ऑफ फॉरेस्ट रिपोर्ट (ISFR) के अनुसार, TTD की सीमा के अंतर्गत 89.40 प्रतिशत वन क्षेत्र दर्ज किया गया है। TTD का वन विभाग कुल 2,719 हेक्टेयर वन क्षेत्र की देखरेख करता है, जिसमें से लगभग 2,431 हेक्टेयर क्षेत्र वनस्पति से आच्छादित है। यह क्षेत्र कार्बन भंडारण, जलवायु विनियमन और जैव विविधता संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
संरक्षण का इतिहास
TTD का वन विभाग 1980 से शेषाचलम पहाड़ियों की समृद्ध वन संपदा की रक्षा करता आ रहा है। गौरतलब है कि पूर्वी घाट की इन पर्वत श्रृंखलाओं में पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखते हुए लाखों श्रद्धालुओं की आध्यात्मिक आवश्यकताओं को भी पूरा किया जाता है — यह संतुलन अपने आप में उल्लेखनीय है।
प्रशासनिक ढाँचा
TTD वन विभाग उप वन संरक्षक के पर्यवेक्षण में कार्य करता है। कुल चार वन क्षेत्र हैं — दो तिरुमाला में और दो तिरुपति में — जिनमें से प्रत्येक का नेतृत्व एक वन क्षेत्र अधिकारी करता है। जमीनी स्तर पर उप क्षेत्र अधिकारी, वन अनुभाग अधिकारी और सहायक कर्मचारी वन संरक्षण गतिविधियों का समन्वय करते हैं।
आगे की राह
यह उपलब्धि ऐसे समय में आई है जब देशभर में धार्मिक संस्थानों से पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाने की अपेक्षा बढ़ रही है। TTD का यह मॉडल अन्य धार्मिक-प्रशासनिक निकायों के लिए एक संदर्भ बिंदु बन सकता है।