क्या तमिलनाडु ने पर्यावरण संरक्षण को मजबूती दी? 10 जिलों में रिजर्व फॉरेस्ट का दायरा बढ़ाया

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क्या तमिलनाडु ने पर्यावरण संरक्षण को मजबूती दी? 10 जिलों में रिजर्व फॉरेस्ट का दायरा बढ़ाया

सारांश

तमिलनाडु सरकार ने जलवायु संकट का सामना करने के लिए 100 नए रिजर्व फॉरेस्ट का अधिसूचना दी है। यह पहल जैव विविधता संरक्षण और पारिस्थितिक तंत्र की सुरक्षा में महत्वपूर्ण है। जानें कैसे ये कदम राज्य के पर्यावरण को सशक्त बनाएंगे!

Key Takeaways

  • तमिलनाडु सरकार ने 100 नए रिजर्व फॉरेस्ट की अधिसूचना दी है।
  • इससे हरित क्षेत्र में वृद्धि होगी और पारिस्थितिक तंत्र सुरक्षित रहेगा।
  • 10 जिलों में यह पहल लागू की गई है।
  • यह कदम जैव विविधता संरक्षण में मदद करेगा।
  • पर्यावरणविदों ने इस पहल की सराहना की है।

चेन्नई, 10 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। तमिलनाडु सरकार ने पर्यावरण संरक्षण और जलवायु संकट से निपटने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। राज्य ने पिछले चार वर्षों में 100 वन खंडों को 'रिजर्व फॉरेस्ट' (आरएफ) के रूप में अधिसूचित किया है, जिससे राज्य के कानूनी रूप से संरक्षित हरित क्षेत्र में वृद्धि हुई है।

यह पहल 2021 से 2025 के बीच लागू की गई और इसका मुख्य उद्देश्य जैव-विविधता से भरपूर क्षेत्रों का संरक्षण, वन्यजीव गलियारों की सुरक्षा और संवेदनशील पारिस्थितिकी तंत्र को दीर्घकालिक सुरक्षित रखना है।

वन मंत्री आरएस राजा कन्नप्पन द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, इन नई अधिसूचनाओं से लगभग 135 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को रिजर्व फॉरेस्ट का दर्जा मिला है। इसके साथ ही तमिलनाडु का कुल रिजर्व फॉरेस्ट क्षेत्र 26,450 वर्ग किलोमीटर से बढ़कर 26,585 वर्ग किलोमीटर हो गया है।

नए अधिसूचित वन खंड कुल 13,494.95 हेक्टेयर क्षेत्र में फैले हुए हैं और ये राज्य के 10 जिलों (डिंडीगुल, धर्मपुरी, मदुरै, कल्लाकुरिची, थेनी, शिवगंगा, नमक्कल, नीलगिरि, सलेम और तेनकासी) में स्थित हैं।

इनमें सबसे बड़ा क्षेत्र थेनी जिले का हाईवे फॉरेस्ट ब्लॉक है, जो 2,836.33 हेक्टेयर में फैला हुआ है। अधिकारियों का कहना है कि यह क्षेत्र पारिस्थितिक रूप से अत्यधिक संवेदनशील है और जलवायु संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

नीलगिरि जिले में वन अधिकारियों ने बताया कि नए रिजर्व फॉरेस्ट वन्यजीवों की आवाजाही को मजबूत करेंगे। गुडलूर के वन मंडल अधिकारी वेंकटेश प्रभु ने बताया कि चेरुमुल्ली वन खंड मुदुमलाई टाइगर रिजर्व से सटा हुआ है, जबकि येल्लामलाई वन खंड मुकुर्थी राष्ट्रीय उद्यान के पास स्थित है। इन क्षेत्रों को रिजर्व फॉरेस्ट घोषित करने से जैव-विविधता संरक्षण, जंगल की आग पर नियंत्रण और दीर्घकालिक आवास सुरक्षा को मजबूती मिलेगी।

वेंकटेश प्रभु ने बताया कि इनमें से कई जमीनें पहले 'जनमम रिजर्व लैंड' के रूप में दर्ज थीं। राज्य सरकार द्वारा गठित एक विशेष समिति अब ऐसे पर्यावरणीय रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्रों की पहचान कर रही है, जिन्हें तेजी से अधिसूचित किया जा सके। उन्होंने कहा कि लगभग 100 हेक्टेयर से जुड़े 7 से 8 और प्रस्ताव सरकार को भेजे जा चुके हैं।

मेघमलाई क्षेत्र में वन भूमि को रिजर्व फॉरेस्ट घोषित करने को लेकर पर्यावरणविदों ने खास रुचि दिखाई है। अधिकारियों ने बताया कि हाईवे फॉरेस्ट ब्लॉक और उससे जुड़े क्षेत्र मेघमलाई-श्रीविल्लिपुथुर परिदृश्य का हिस्सा हैं, जो दक्षिणी पश्चिमी घाट का एक अहम क्षेत्र है। यह क्षेत्र हाथी, बाघ और कई दुर्लभ प्रजातियों की आवाजाही के लिए जाना जाता है।

डिंडीगुल में इस प्रक्रिया से वर्षों पुराने विवाद भी सुलझे हैं। वन मंडल अधिकारी नागा सतीश ने बताया कि सीमाओं को लेकर अस्पष्टता के कारण कुछ वन खंड करीब 20 वर्षों से अधिसूचित नहीं हो पाए थे। विस्तृत सर्वे के बाद अब इन्हें शामिल किया गया है। इनमें स्लेंडर लॉरिस जैसे दुर्लभ जीवों का आवास भी शामिल है।

वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि सभी अधिसूचनाएं तमिलनाडु वन अधिनियम, 1882 की धारा 16 के तहत पूरी कानूनी प्रक्रिया के बाद जारी की गई हैं।

Point of View

बल्कि यह जलवायु संकट से निपटने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल भी है। यह कदम अन्य राज्यों के लिए एक उदाहरण पेश करता है कि कैसे वन संरक्षण के माध्यम से जैव विविधता और पारिस्थितिक तंत्र की सुरक्षा की जा सकती है।
NationPress
10/01/2026

Frequently Asked Questions

रिजर्व फॉरेस्ट क्या होते हैं?
रिजर्व फॉरेस्ट वे क्षेत्र होते हैं जिन्हें सरकार द्वारा वन्यजीवों और वन्यजीवों के आवास की सुरक्षा के लिए संरक्षित किया जाता है।
तमिलनाडु में कितने जिलों में रिजर्व फॉरेस्ट का दायरा बढ़ा है?
तमिलनाडु में 10 जिलों में रिजर्व फॉरेस्ट का दायरा बढ़ाया गया है।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इस पहल का मुख्य उद्देश्य जैव-विविधता की रक्षा, वन्यजीव गलियारों की सुरक्षा और पारिस्थितिक तंत्र को दीर्घकालिक सुरक्षा प्रदान करना है।
रिजर्व फॉरेस्ट के लाभ क्या हैं?
रिजर्व फॉरेस्ट से जैव विविधता की सुरक्षा, जलवायु संतुलन बनाए रखने और वन्यजीवों के आवास को सुरक्षित करने में मदद मिलती है।
क्या यह कदम अन्य राज्यों के लिए एक उदाहरण है?
जी हां, यह कदम अन्य राज्यों के लिए वन संरक्षण और पर्यावरण की सुरक्षा के प्रति एक प्रेरणा का स्रोत हो सकता है।
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