आंध्र प्रदेश में जल्द आएगा बीसी प्रोटेक्शन एक्ट, बुनकरों को ₹179 करोड़ जारी: सीएम नायडू
सारांश
मुख्य बातें
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने 7 अगस्त 2026 को घोषणा की कि राज्य में पिछड़े वर्गों के अधिकारों की कानूनी सुरक्षा के लिए शीघ्र ही 'बीसी प्रोटेक्शन एक्ट' लाया जाएगा, जिसका मसौदा तैयार हो चुका है। इसके साथ ही उन्होंने 71,536 बुनकर परिवारों के लिए ₹179 करोड़ की राशि जारी करते हुए 'नेथन्ना सेवालो' योजना का शुभारंभ किया।
मुख्य घटनाक्रम
बापटला जिले के कोथापेटा गाँव में 12वें राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री नायडू ने कहा कि पिछड़े वर्गों की सुरक्षा करना गठबंधन सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नया कानून इसी प्रतिबद्धता की कड़ी है।
'नेथन्ना सेवालो' योजना के तहत प्रत्येक पात्र बुनकर परिवार को ₹25,000 की एकमुश्त वित्तीय सहायता दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह योजना इस बात का प्रमाण है कि उनकी सरकार न केवल चुनावी वादे पूरे कर रही है, बल्कि उन क्षेत्रों में भी काम कर रही है जिनका वादा चुनाव के दौरान नहीं किया गया था।
बुनकरों के लिए मौजूदा सुविधाएँ
मुख्यमंत्री नायडू ने बताया कि राज्य सरकार पहले से ही बुनकरों को व्यापक सहायता प्रदान कर रही है। हथकरघा परिवारों को प्रतिमाह 200 यूनिट और पावरलूम इकाइयों को 500 यूनिट तक मुफ्त बिजली दी जा रही है, जिससे 62,541 हथकरघा परिवार और 10,032 पावरलूम इकाइयाँ लाभान्वित हो रही हैं।
50 वर्ष की आयु पूरी करने पर बुनकरों को 'एनटीआर पेंशन भरोसा' योजना के अंतर्गत प्रतिमाह ₹4,000 की पेंशन दी जा रही है। इस योजना से 85,000 बुनकर लाभान्वित हो रहे हैं और इस पर सरकार प्रतिमाह ₹35 करोड़ तथा सालाना ₹420 करोड़ खर्च कर रही है।
इसके अतिरिक्त राज्य की 109 प्राथमिक हथकरघा सहकारी समितियों को ₹79 करोड़ की नकद ऋण सुविधा उपलब्ध कराई गई है। राज्य में लगभग 1.27 लाख लोग हथकरघा क्षेत्र पर अपनी आजीविका के लिए निर्भर हैं।
बुनियादी ढाँचे का विस्तार
नायडू ने बताया कि सरकार हथकरघा क्षेत्र के बुनियादी ढाँचे को भी मजबूत कर रही है। उप्पाडा में विशेष अवसंरचना परियोजना, मंगलगिरि में हैंडलूम पार्क और अमरावती के साखमुरु में हथकरघा एवं हस्तशिल्प संग्रहालय स्थापित किया जा रहा है। विशाखापत्तनम में ₹4,200 करोड़ के निवेश से टिकाऊ वस्त्र पुनर्चक्रण (टेक्सटाइल रिसाइक्लिंग) इकाई भी स्थापित की जाएगी।
उन्होंने बताया कि चिराला, वेंकटगिरि, धर्मवरम, उप्पाडा, मंगलगिरि, पोंडुरु, पेडाना, श्रीकालहस्ती और नरसापुरम के हथकरघा उत्पादों को विशेष पहचान मिली है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हथकरघा केवल एक व्यवसाय नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति का प्रतीक है।
वाईएसआरसीपी पर आरोप और अमरावती विवाद
इस अवसर पर मुख्यमंत्री नायडू ने वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार ने राज्य को राजधानी विहीन बना दिया और तीन राजधानियों का खेल खेलकर राज्य को भारी नुकसान पहुँचाया। उन्होंने कहा, 'हम अमरावती को एक भव्य राजधानी के रूप में विकसित कर रहे हैं।'
नायडू ने आगाह किया कि अमरावती को लेकर फिर से साजिशें रची जा रही हैं और कुछ तत्व भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने लोगों से राज्य की प्रगति में बाधा डालने वाली गतिविधियों के प्रति सतर्क रहने की अपील की।
आगे क्या होगा
बीसी प्रोटेक्शन एक्ट का मसौदा तैयार होने के बाद इसे विधानसभा में पेश किए जाने की उम्मीद है, हालाँकि सरकार ने इसकी समयसीमा अभी घोषित नहीं की है। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में पिछड़े वर्गों के राजनीतिक प्रतिनिधित्व और सामाजिक सुरक्षा को लेकर व्यापक बहस जारी है। विशाखापत्तनम की टेक्सटाइल रिसाइक्लिंग इकाई और नए बुनियादी ढाँचे से आने वाले वर्षों में हथकरघा क्षेत्र की आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय बदलाव की संभावना है।