आंध्र प्रदेश में 1 करोड़ उद्यमी बनाने का संकल्प: सीएम चंद्रबाबू नायडू ने 38 MSME पार्कों की रखी आधारशिला
सारांश
मुख्य बातें
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने 26 मई 2026 को विजयवाड़ा में आयोजित 'एक परिवार-एक उद्यमी' MSME ग्रोथ समिट 2026 को संबोधित करते हुए घोषणा की कि राज्य सरकार इस पहल के तहत 1 करोड़ उद्यमियों को प्रोत्साहित करेगी। उन्होंने इस अवसर पर 38 MSME पार्कों की आधारशिला रखी और लघु एवं मध्यम उद्यम क्षेत्र को राज्य की सर्वोच्च आर्थिक प्राथमिकता बताया।
मुख्य घोषणाएँ और योजनाएँ
मुख्यमंत्री नायडू ने बताया कि राज्य सरकार अब तक MSME क्षेत्र को ₹558 करोड़ की प्रोत्साहन राशि जारी कर चुकी है। इसके अतिरिक्त, राज्य की क्रेडिट गारंटी योजना के तहत ₹5,000 करोड़ के ऋण उपलब्ध कराने के लिए एक विशेष कार्य योजना शुरू की गई है। इच्छुक उद्यमियों को ₹1 करोड़ तक के ऋण देने के लिए एक अलग विशेष कार्यक्रम की भी घोषणा की गई।
उन्होंने कहा कि बैंकों ने देशभर में लघु एवं मध्यम उद्यमों को ₹21 लाख करोड़ से अधिक के ऋण दिए हैं, जबकि पीएम मुद्रा, स्टैंड-अप इंडिया और विश्वकर्मा जैसी केंद्रीय योजनाएँ भी उद्यमियों को सहारा दे रही हैं।
महिला सशक्तिकरण पर विशेष ज़ोर
नायडू ने महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को प्राथमिकता देते हुए बताया कि राज्य के महिला स्वयं सहायता समूहों के पास वर्तमान में ₹28,000 करोड़ का कोष उपलब्ध है। उन्होंने इस वर्ष DWCRA समूहों की 5 लाख महिलाओं को उद्यमी बनाने की योजना की घोषणा की। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य सरकार युवा और महिला सशक्तिकरण को अपनी नीतियों के केंद्र में रख रही है।
स्टार्टअप और नवोन्मेष पारिस्थितिकी तंत्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि रतन टाटा इनोवेशन हब के माध्यम से स्टार्टअप्स को बढ़ावा दिया जाएगा और आंध्र प्रदेश में 100 यूनिकॉर्न बनाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने श्री सिटी को एक सफल औद्योगिक मॉडल के रूप में उद्धृत किया और निजी औद्योगिक पार्कों को भी प्रोत्साहन देने का वादा किया।
नायडू ने सरकार के 'विलेज टू ग्लोबल मार्केट' स्लोगन को दोहराते हुए एक चक्रीय अर्थव्यवस्था की अवधारणा पर ज़ोर दिया — जिसमें एक उद्योग का औद्योगिक अपशिष्ट दूसरे उद्योग के लिए कच्चा माल बन जाए। गौरतलब है कि इस शिखर सम्मेलन ने स्टार्टअप्स, औद्योगिक इकाइयों, विशेषज्ञों और बैंकों को एक मंच पर लाकर एक मज़बूत औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण का प्रयास किया।
भविष्य की प्रौद्योगिकियों पर दृष्टि
मुख्यमंत्री ने अंतरिक्ष, रक्षा और एयरोस्पेस क्षेत्रों में MSME की प्रमुख भूमिका पर ज़ोर दिया। उन्होंने अमरावती में आने वाली उन्नत प्रौद्योगिकियों का उल्लेख करते हुए कहा कि युवाओं और शैक्षणिक संस्थानों को क्वांटम प्रौद्योगिकियों का लाभ उठाना चाहिए। कृषि के बाद MSME क्षेत्र देश में रोज़गार सृजन का दूसरा सबसे बड़ा क्षेत्र है — यह तथ्य नायडू ने युवाओं को उद्यमिता की ओर प्रेरित करने के संदर्भ में रेखांकित किया।
राज्य सरकार ने संघर्षरत MSME इकाइयों को पुनर्जीवित करने और वैश्विक प्रौद्योगिकी कंपनियों के साथ किए गए समझौतों के ज़रिए उद्योग को नई दिशा देने की प्रतिबद्धता जताई है। आने वाले महीनों में इन नीतियों के क्रियान्वयन पर राज्य की आर्थिक दिशा काफी हद तक निर्भर करेगी।