सीएम मोहन यादव ने 900 एमएसएमई को ₹360 करोड़ जारी किए, अगले ढाई साल में ₹4,500 करोड़ का वादा
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 15 जून 2025 को भोपाल में एक डिजिटल समारोह के दौरान एक ही क्लिक में 900 एमएसएमई इकाइयों को ₹360 करोड़ से अधिक की प्रोत्साहन राशि सीधे उनके खातों में हस्तांतरित की। इसके साथ ही उन्होंने 31 मार्च 2026 तक की सभी बकाया देनदारियों को मंजूरी देकर सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र को बड़ी राहत दी।
प्रोत्साहन राशि का विवरण
इस डिजिटल वितरण के अंतर्गत कई श्रेणियों में सहायता प्रदान की गई। एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (ETP) स्थापित करने वाली इकाइयों को ₹2.02 करोड़ की पर्यावरणीय सहायता दी गई। एक विशेष पैकेज के तहत मंडी शुल्क के रूप में ₹1.07 करोड़ की वापसी की गई, जबकि 11 इकाइयों को बिजली टैरिफ में राहत के लिए ₹3.69 करोड़ जारी किए गए। इसके अतिरिक्त, 'मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना' के तहत ऋण और 'स्टार्टअप पॉलिसी 2025' के अंतर्गत भूमि आवंटन पत्र एवं प्रोत्साहन राशि भी वितरित की गई।
मध्य प्रदेश में एमएसएमई का परिदृश्य
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री यादव ने बताया कि मध्य प्रदेश में अब 24 लाख से अधिक एमएसएमई इकाइयाँ पंजीकृत हैं, जो 1.25 करोड़ से अधिक लोगों को रोज़गार प्रदान कर रही हैं। इनमें से 4.41 लाख से अधिक इकाइयाँ महिला उद्यमियों के नेतृत्व में संचालित हो रही हैं — जिसे मुख्यमंत्री ने महिला सशक्तिकरण का एक उल्लेखनीय उदाहरण बताया। राज्य में 7,400 से अधिक स्टार्टअप सक्रिय हैं, जिनमें से लगभग 50 प्रतिशत यानी 3,400 से अधिक उद्यमों की कमान महिलाओं के हाथ में है।
भविष्य की योजनाएँ और निवेश लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि सरकार एमएसएमई क्षेत्र को सुदृढ़ बनाने के लिए अगले ढाई वर्षों में ₹4,500 करोड़ का निवेश करेगी। एमएसएमई विकास नीति के अंतर्गत इकाइयों को निवेश पर 40 प्रतिशत तक प्रोत्साहन दिया जाता है, जबकि खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों के लिए यह सीमा 60 प्रतिशत है। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और महिला उद्यमियों को अतिरिक्त 8 प्रतिशत सहायता का प्रावधान है।
औद्योगिक अवसंरचना विस्तार
यादव ने बताया कि पिछले ढाई वर्षों में 30 नए औद्योगिक क्षेत्रों और 14 क्लस्टरों को स्वीकृति दी गई है तथा 1,063 प्लॉट आवंटित किए जा चुके हैं। आगामी समय में 60 नए औद्योगिक क्षेत्र और क्लस्टर विकसित करने और 6,000 से अधिक प्लॉट आवंटित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। नियमों को सरल बनाने के बाद रियायती दरों पर भूमि उपलब्ध कराई जा रही है।
राष्ट्रीय स्टार्टअप रैंकिंग और युवा उद्यमिता
मुख्यमंत्री ने गर्व के साथ बताया कि मध्य प्रदेश को राष्ट्रीय स्टार्टअप रैंकिंग में 'लीडर' श्रेणी का दर्जा प्राप्त हुआ है। मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के तहत अब तक 23,500 से अधिक युवाओं को ₹1,630 करोड़ से अधिक के ऋण स्वीकृत किए जा चुके हैं। इस अवसर पर एमएसएमई मंत्री चैतन्य कुमार कश्यप और प्रमुख सचिव राघवेंद्र सिंह भी उपस्थित थे। विभिन्न औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री का सम्मान किया और प्रमुख उद्यमियों के साथ सीधी बातचीत भी हुई। यह कदम राज्य को औद्योगिक निवेश के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है।