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सीएम मोहन यादव ने 900 एमएसएमई को ₹360 करोड़ जारी किए, अगले ढाई साल में ₹4,500 करोड़ का वादा

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सीएम मोहन यादव ने 900 एमएसएमई को ₹360 करोड़ जारी किए, अगले ढाई साल में ₹4,500 करोड़ का वादा

सारांश

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने एक डिजिटल क्लिक में 900 एमएसएमई इकाइयों को ₹360 करोड़ से अधिक की राशि हस्तांतरित की और अगले ढाई वर्षों में ₹4,500 करोड़ देने का वादा किया — यह राज्य की 24 लाख एमएसएमई इकाइयों और 1.25 करोड़ कामगारों के लिए बड़ा संकेत है।

मुख्य बातें

सीएम मोहन यादव ने भोपाल में एक क्लिक में 900 एमएसएमई इकाइयों को ₹360 करोड़ से अधिक की प्रोत्साहन राशि जारी की।
31 मार्च 2026 तक की सभी बकाया एमएसएमई देनदारियों को भी मंजूरी दी गई।
मध्य प्रदेश में 24 लाख से अधिक एमएसएमई पंजीकृत; 1.25 करोड़ लोगों को रोज़गार; 4.41 लाख इकाइयाँ महिलाओं के नेतृत्व में।
अगले ढाई वर्षों में एमएसएमई क्षेत्र को ₹4,500 करोड़ देने की घोषणा।
मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के तहत 23,500 से अधिक युवाओं को ₹1,630 करोड़ से अधिक के ऋण स्वीकृत।
मध्य प्रदेश को राष्ट्रीय स्टार्टअप रैंकिंग में 'लीडर' श्रेणी का दर्जा मिला; राज्य में 7,400 से अधिक स्टार्टअप सक्रिय।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 15 जून 2025 को भोपाल में एक डिजिटल समारोह के दौरान एक ही क्लिक में 900 एमएसएमई इकाइयों को ₹360 करोड़ से अधिक की प्रोत्साहन राशि सीधे उनके खातों में हस्तांतरित की। इसके साथ ही उन्होंने 31 मार्च 2026 तक की सभी बकाया देनदारियों को मंजूरी देकर सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र को बड़ी राहत दी।

प्रोत्साहन राशि का विवरण

इस डिजिटल वितरण के अंतर्गत कई श्रेणियों में सहायता प्रदान की गई। एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (ETP) स्थापित करने वाली इकाइयों को ₹2.02 करोड़ की पर्यावरणीय सहायता दी गई। एक विशेष पैकेज के तहत मंडी शुल्क के रूप में ₹1.07 करोड़ की वापसी की गई, जबकि 11 इकाइयों को बिजली टैरिफ में राहत के लिए ₹3.69 करोड़ जारी किए गए। इसके अतिरिक्त, 'मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना' के तहत ऋण और 'स्टार्टअप पॉलिसी 2025' के अंतर्गत भूमि आवंटन पत्र एवं प्रोत्साहन राशि भी वितरित की गई।

मध्य प्रदेश में एमएसएमई का परिदृश्य

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री यादव ने बताया कि मध्य प्रदेश में अब 24 लाख से अधिक एमएसएमई इकाइयाँ पंजीकृत हैं, जो 1.25 करोड़ से अधिक लोगों को रोज़गार प्रदान कर रही हैं। इनमें से 4.41 लाख से अधिक इकाइयाँ महिला उद्यमियों के नेतृत्व में संचालित हो रही हैं — जिसे मुख्यमंत्री ने महिला सशक्तिकरण का एक उल्लेखनीय उदाहरण बताया। राज्य में 7,400 से अधिक स्टार्टअप सक्रिय हैं, जिनमें से लगभग 50 प्रतिशत यानी 3,400 से अधिक उद्यमों की कमान महिलाओं के हाथ में है।

भविष्य की योजनाएँ और निवेश लक्ष्य

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि सरकार एमएसएमई क्षेत्र को सुदृढ़ बनाने के लिए अगले ढाई वर्षों में ₹4,500 करोड़ का निवेश करेगी। एमएसएमई विकास नीति के अंतर्गत इकाइयों को निवेश पर 40 प्रतिशत तक प्रोत्साहन दिया जाता है, जबकि खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों के लिए यह सीमा 60 प्रतिशत है। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और महिला उद्यमियों को अतिरिक्त 8 प्रतिशत सहायता का प्रावधान है।

औद्योगिक अवसंरचना विस्तार

यादव ने बताया कि पिछले ढाई वर्षों में 30 नए औद्योगिक क्षेत्रों और 14 क्लस्टरों को स्वीकृति दी गई है तथा 1,063 प्लॉट आवंटित किए जा चुके हैं। आगामी समय में 60 नए औद्योगिक क्षेत्र और क्लस्टर विकसित करने और 6,000 से अधिक प्लॉट आवंटित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। नियमों को सरल बनाने के बाद रियायती दरों पर भूमि उपलब्ध कराई जा रही है।

राष्ट्रीय स्टार्टअप रैंकिंग और युवा उद्यमिता

मुख्यमंत्री ने गर्व के साथ बताया कि मध्य प्रदेश को राष्ट्रीय स्टार्टअप रैंकिंग में 'लीडर' श्रेणी का दर्जा प्राप्त हुआ है। मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के तहत अब तक 23,500 से अधिक युवाओं को ₹1,630 करोड़ से अधिक के ऋण स्वीकृत किए जा चुके हैं। इस अवसर पर एमएसएमई मंत्री चैतन्य कुमार कश्यप और प्रमुख सचिव राघवेंद्र सिंह भी उपस्थित थे। विभिन्न औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री का सम्मान किया और प्रमुख उद्यमियों के साथ सीधी बातचीत भी हुई। यह कदम राज्य को औद्योगिक निवेश के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी यह है कि क्या यह राशि वास्तव में जमीनी स्तर पर रोज़गार और उत्पादन में परिवर्तित होती है। मध्य प्रदेश में 24 लाख एमएसएमई इकाइयाँ होने का दावा प्रभावशाली है, परंतु उनमें से कितनी सक्रिय और लाभकारी हैं — इसका स्वतंत्र सत्यापन अभी तक सार्वजनिक नहीं हुआ है। ₹4,500 करोड़ का भविष्य का वादा तभी विश्वसनीय होगा जब बजटीय आवंटन और वितरण की समयसीमा स्पष्ट की जाए। महिला उद्यमिता के आँकड़े उत्साहजनक हैं, किंतु नीति-निर्माताओं को यह सुनिश्चित करना होगा कि ये इकाइयाँ केवल पंजीकृत न रहें, बल्कि टिकाऊ व्यापार मॉडल के साथ आगे बढ़ें।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीएम मोहन यादव ने एमएसएमई को कितनी राशि जारी की और किस माध्यम से?
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने एक डिजिटल क्लिक के ज़रिए 900 एमएसएमई इकाइयों को ₹360 करोड़ से अधिक की प्रोत्साहन राशि सीधे उनके खातों में हस्तांतरित की। साथ ही 31 मार्च 2026 तक की सभी बकाया देनदारियों को भी मंजूरी दी गई।
मध्य प्रदेश सरकार एमएसएमई के लिए आगे कितना निवेश करेगी?
मुख्यमंत्री यादव ने घोषणा की है कि सरकार अगले ढाई वर्षों में एमएसएमई क्षेत्र को ₹4,500 करोड़ प्रदान करेगी। यह निवेश नए औद्योगिक क्षेत्रों, क्लस्टरों और प्लॉट आवंटन के माध्यम से किया जाएगा।
मध्य प्रदेश में कितनी एमएसएमई इकाइयाँ हैं और कितने लोगों को रोज़गार मिला है?
राज्य में 24 लाख से अधिक एमएसएमई इकाइयाँ पंजीकृत हैं, जो 1.25 करोड़ से अधिक लोगों को रोज़गार दे रही हैं। इनमें से 4.41 लाख से अधिक इकाइयाँ महिला उद्यमियों के नेतृत्व में चल रही हैं।
मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के तहत अब तक कितने युवाओं को लाभ मिला?
इस योजना के तहत 23,500 से अधिक युवाओं को ₹1,630 करोड़ से अधिक के ऋण स्वीकृत किए जा चुके हैं। इस समारोह में लाभार्थियों को ऋण पत्र और भूमि आवंटन पत्र भी वितरित किए गए।
मध्य प्रदेश को राष्ट्रीय स्टार्टअप रैंकिंग में क्या दर्जा मिला है?
मध्य प्रदेश को राष्ट्रीय स्टार्टअप रैंकिंग में 'लीडर' श्रेणी का दर्जा प्राप्त हुआ है। राज्य में अब 7,400 से अधिक स्टार्टअप सक्रिय हैं, जिनमें से लगभग 50 प्रतिशत यानी 3,400 से अधिक उद्यमों की अगुवाई महिलाएँ कर रही हैं।
राष्ट्र प्रेस
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