मध्य प्रदेश में एमएसएमई इकाइयों के लिए 170 करोड़ का प्रोत्साहन: मुख्यमंत्री का बड़ा कदम

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मध्य प्रदेश में एमएसएमई इकाइयों के लिए 170 करोड़ का प्रोत्साहन: मुख्यमंत्री का बड़ा कदम

सारांश

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मध्य प्रदेश में एमएसएमई इकाइयों के खाते में सिंगल क्लिक से 170 करोड़ की राशि ट्रांसफर की। यह कदम प्रदेश के उद्यमियों को प्रोत्साहन देने के लिए उठाया गया है। जानिए इस प्रोत्साहन के महत्व और मुख्यमंत्री के अन्य घोषणाओं के बारे में।

Key Takeaways

  • मुख्यमंत्री ने 170 करोड़ की राशि ट्रांसफर की।
  • 257 से अधिक एमएसएमई इकाइयों को प्रोत्साहन मिला।
  • स्टार्टअप के लिए 28 लाख की अनुदान राशि जारी की गई।
  • उद्यमियों के लिए सरकार का समर्थन बढ़ा है।
  • प्रदेश में औद्योगिक विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम।

भोपाल, 30 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। मध्य प्रदेश में एमएसएमई औद्योगिक इकाइयों को सरकारी समर्थन प्रदान किया जा रहा है। इसी संदर्भ में, मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सिंगल क्लिक के माध्यम से लगभग 170 करोड़ की राशि औद्योगिक इकाइयों के खातों में स्थानांतरित की।

मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित एक कार्यक्रम में, मुख्यमंत्री यादव ने बताया कि 257 से अधिक एमएसएमई इकाइयों को 169.57 करोड़ से अधिक की प्रोत्साहन राशि सिंगल क्लिक से जारी की गई है। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश, देश के सबसे सशक्त, आर्थिक रूप से मजबूत और वित्तीय प्रबंधन में उत्कृष्टता वाले शीर्ष तीन राज्यों में से एक है। राज्य सरकार उद्यमियों को प्रोत्साहन देने के लिए हर संभव सहयोग और मार्गदर्शन उपलब्ध करवा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में, मध्य प्रदेश भारतीय अर्थव्यवस्था में हर क्षेत्र में योगदान के लिए निरंतर सक्रिय है। एमएसएमई इकाइयां औद्योगिक गतिविधियों का महत्वपूर्ण केंद्र होने के साथ-साथ लाखों परिवारों के आत्मनिर्भरता का आधार भी हैं।

मुख्यमंत्री ने स्टार्टअप के लिए 28 लाख से अधिक की अनुदान राशि की पहली किश्त भी जारी की। इस अवसर पर, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य कुमार काश्यप ने लघु उद्योग निगम से 8 करोड़ रूपए के अंतरिम लाभांश का चेक प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री यादव ने बैतूल और आगर-मालवा के तीन उद्यमियों को औद्योगिक भूमि के लिए आवंटन-पत्र भी प्रदान किए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह आयोजन महावीर जयंती के शुभ अवसर पर हो रहा है। यह भगवान महावीर के जनकल्याण और शुचिता के सिद्धांतों को साकार करने का प्रतीक है। प्रदेश में उद्योग-व्यापार गतिविधियों और उद्यमिता को प्रोत्साहित करने के लिए पारदर्शिता और गति सुनिश्चित करते हुए निरंतर नवाचार जारी हैं। राज्य सरकार उद्यमियों के लिए पूंजी, भूमि और व्यवस्थाओं में सरलता कर उनकी प्रगति को आसान बना रही है। विभाग द्वारा बड़ी राशि का सिंगल क्लिक से सीधे अंतरण व्यवस्था में सुगमता और स्पष्टता का परिचायक है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में भी प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत विकास की ओर अग्रसर है। युद्ध के दोनों पक्ष भारत का सहयोग कर रहे हैं, जो कि प्रधानमंत्री मोदी की कुशल नीतियों का परिणाम है। जहां विश्व के अनेक देशों में पेट्रोल, डीजल, और गैस की उपलब्धता प्रभावित हो रही है, वहीं हमारे देश में प्रधानमंत्री ने इनके मूल्यों पर कोई विपरीत प्रभाव नहीं पड़ने दिया।

Point of View

बल्कि यह प्रदेश की औद्योगिक विकास की गति को भी तेज करेगा।
NationPress
30/03/2026

Frequently Asked Questions

मुख्यमंत्री ने कितनी राशि ट्रांसफर की?
मुख्यमंत्री ने लगभग 170 करोड़ की राशि औद्योगिक इकाइयों के खातों में ट्रांसफर की।
एमएसएमई का क्या महत्व है?
एमएसएमई इकाइयाँ औद्योगिक गतिविधियों का केंद्र होने के साथ-साथ लाखों परिवारों के आत्मनिर्भरता का आधार हैं।
क्या अन्य घोषणाएं हुईं?
मुख्यमंत्री ने स्टार्टअप के लिए 28 लाख से अधिक की अनुदान राशि की पहली किश्त भी जारी की।
मुख्यमंत्री यादव का क्या कहना है?
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश देश के सबसे सशक्त राज्यों में से एक है और उद्यमियों को हर संभव सहयोग दिया जाएगा।
इस प्रोत्साहन का उद्देश्य क्या है?
इस प्रोत्साहन का उद्देश्य प्रदेश के उद्यमियों को आर्थिक सहायता और प्रोत्साहन प्रदान करना है।
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