मध्य प्रदेश में ₹10 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव धरातल पर: सीएम मोहन यादव का दावा
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 24 जून 2026 को भोपाल में आयोजित विकसित मध्य प्रदेश कॉन्क्लेव के उद्घाटन सत्र में घोषणा की कि राज्य में अब तक प्राप्त निवेश प्रस्तावों में से ₹10 लाख करोड़ से अधिक के प्रस्ताव ज़मीनी स्तर पर क्रियान्वित हो चुके हैं। उन्होंने राज्य की उद्योग-अनुकूल नीतियों को इस सफलता का मुख्य कारण बताया और कहा कि मध्य प्रदेश आज देश के सबसे तेज़ी से आगे बढ़ने वाले राज्यों में शामिल है।
कॉन्क्लेव में मुख्यमंत्री का संबोधन
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने निवेशकों को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य में बिजली, सड़क और पानी जैसी बुनियादी सुविधाएँ पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं, जो उद्योगों की स्थापना के लिए अनुकूल वातावरण बनाती हैं। उन्होंने कहा, 'जो एक बार मध्यप्रदेश आता है, यहीं का होकर रह जाता है।' यह वक्तव्य राज्य की निवेश-अनुकूल छवि को रेखांकित करने के उद्देश्य से दिया गया।
विकसित भारत 2047 और दो ट्रिलियन डॉलर का लक्ष्य
मुख्यमंत्री यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चल रहे विकसित भारत 2047 के संकल्प का उल्लेख करते हुए कहा कि मध्य प्रदेश दो ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य के साथ तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। यह लक्ष्य राज्य की दीर्घकालिक औद्योगिक रणनीति का हिस्सा है, जिसमें घरेलू और विदेशी दोनों निवेशकों को आकर्षित करने पर ज़ोर दिया जा रहा है।
निवेश आकर्षण के लिए बहु-स्तरीय प्रयास
राज्य सरकार ने निवेशकों को आकर्षित करने के लिए कई मोर्चों पर काम किया है। भोपाल में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन किया जा चुका है। इसके अलावा मुख्यमंत्री मोहन यादव स्वयं कई देशों की यात्राएँ कर विदेशी निवेशकों को राज्य में आमंत्रित कर चुके हैं। राज्य स्तर पर क्षेत्रीय कॉन्क्लेव का भी आयोजन किया जा रहा है, जिससे ज़िला और क्षेत्र स्तर पर निवेश की संभावनाएँ तलाशी जा रही हैं।
निवेशकों का बढ़ता भरोसा
राज्य सरकार के इन निरंतर प्रयासों के परिणामस्वरूप निवेशकों का विश्वास बढ़ा है और औद्योगिक निवेश की गति तेज़ हुई है। पारदर्शी व्यवस्था और उद्योग-अनुकूल नीतियों को इस भरोसे की बुनियाद बताया जा रहा है। आने वाले समय में और अधिक निवेश प्रस्तावों के ज़मीनी स्तर पर उतरने की उम्मीद जताई जा रही है।