24 सितंबर 2026
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केपीएससी घोटाला: भाजपा नेता चलवाडी नारायणस्वामी का दावा — सच सामने आया तो कई मंत्री जाएंगे जेल

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केपीएससी घोटाला: भाजपा नेता चलवाडी नारायणस्वामी का दावा — सच सामने आया तो कई मंत्री जाएंगे जेल

सारांश

कर्नाटक विधान परिषद में BJP नेता चलवाडी नारायणस्वामी ने KPSC घोटाले पर दावा किया — सच सामने आया तो कई मंत्री जेल जाएंगे। सभापति ने किसान-सूखा चर्चा का हवाला देकर मामला टाला; मुख्यमंत्री की मौजूदगी में विमर्श का संकेत।

मुख्य बातें

BJP नेता चलवाडी नारायणस्वामी ने 24 सितंबर 2026 को कर्नाटक विधान परिषद में KPSC घोटाले पर कई मंत्रियों के जेल जाने का दावा किया।
नारायणस्वामी ने नियम 69 के तहत पहले ही स्थगन प्रस्ताव पेश किया था; सदन में तत्काल चर्चा की माँग की।
सभापति सलीम अहमद ने सूखे और किसान संकट पर चल रही चर्चा पूरी होने तक KPSC मुद्दा स्थगित किया।
शहरी विकास मंत्री यतींद्र सिद्दारमैया ने कहा — मामला अदालत में विचाराधीन है, सदन को सावधानी बरतनी होगी।
सभापति ने संकेत दिया कि मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार की सदन में उपस्थिति पर KPSC पर चर्चा हो सकती है।

कर्नाटक विधान परिषद में विपक्ष के नेता चलवाडी नारायणस्वामी ने 24 सितंबर 2026 को सदन में आरोप लगाया कि कर्नाटक लोक सेवा आयोग (KPSC) भर्ती घोटाले से जुड़े तथ्य सामने आने पर कई मंत्रियों को जेल जाना पड़ सकता है। उन्होंने सदन में इस मुद्दे पर तत्काल चर्चा कराने की माँग की, लेकिन परिषद के सभापति सलीम अहमद ने सत्र के मौजूदा एजेंडे — सूखा एवं किसान संकट — का हवाला देते हुए इसे फिलहाल स्थगित कर दिया।

सदन में क्या हुआ

परिषद की कार्यवाही के दौरान भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता नारायणस्वामी ने KPSC मामले को कार्यसूची में शामिल करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा, 'अगर केपीएससी के राज सामने आ गए तो कई मंत्री जेल जाएंगे। सदन में इस घोटाले पर चर्चा होनी चाहिए।' उन्होंने यह भी बताया कि वे इस मामले को लेकर पहले ही नियम 69 के तहत स्थगन प्रस्ताव पेश कर चुके हैं।

नारायणस्वामी का तर्क था कि सदन दो दिन पहले से सूखे और किसानों के मुद्दों पर चर्चा कर चुका है, और यह सत्र का आखिरी दिन होने के कारण KPSC पर विमर्श का यही आखिरी अवसर था।

सभापति और सरकार का रुख

सभापति सलीम अहमद ने स्पष्ट किया कि संयुक्त व्यापार सलाहकार समिति (Joint Business Advisory Committee) की बैठक में KPSC का मुद्दा एजेंडे में नहीं था। उन्होंने कहा, 'किसानों के संकट पर चर्चा करना उचित और सही है। जब तक वह चर्चा पूरी नहीं हो जाती, मैं कोई और मामला नहीं उठा सकता।' हालाँकि, उन्होंने संकेत दिया कि जब मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार सदन में उपस्थित हों तब KPSC पर चर्चा की अनुमति दी जा सकती है।

शहरी विकास मंत्री यतींद्र सिद्दारमैया ने कहा कि यह मामला न्यायालय में विचाराधीन है, इसलिए सदन को इस विषय पर सावधानी बरतनी चाहिए।

KPSC और सीएम की टिप्पणी पर विवाद

नारायणस्वामी ने मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार की KPSC को लेकर कथित टिप्पणियों का भी ज़िक्र किया। उन्होंने सवाल उठाया, 'कोई यह कैसे कह सकता है कि केपीएससी को बंद कर दिया जाएगा? किस कानून के तहत इसकी इजाजत है? यह सही नहीं है।' इस पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्यों के बीच तीखी नोकझोंक हुई।

यह ऐसे समय में आया है जब KPSC भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताओं को लेकर पहले से ही न्यायिक जाँच चल रही है और मामला अदालत तक पहुँच चुका है।

आगे क्या होगा

सभापति ने संकेत दिया कि मुख्यमंत्री की सदन में उपस्थिति पर KPSC मुद्दे को उठाने का अवसर दिया जा सकता है। करीब 15 सदस्यों को सूखा चर्चा में अभी बोलना बाकी था, जिसके बाद सरकार का जवाब आना था। गौरतलब है कि यह मामला न्यायालय में लंबित है, जो सदन में विस्तृत चर्चा की गुंजाइश को सीमित करता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन मामले का न्यायालय में लंबित होना विधायी चर्चा के दायरे को स्वाभाविक रूप से सीमित करता है। असली सवाल यह है कि KPSC जैसी संवैधानिक संस्था पर कथित राजनीतिक हस्तक्षेप के आरोप क्यों बार-बार उठते हैं, और जवाबदेही का तंत्र कहाँ कमज़ोर है। 'मंत्री जेल जाएंगे' जैसे दावे सदन में ध्यान तो खींचते हैं, लेकिन बिना सत्यापित साक्ष्य के ये महज़ राजनीतिक दबाव की रणनीति बनकर रह जाते हैं। असली परीक्षा न्यायिक प्रक्रिया की होगी — न कि विधान परिषद के बयानों की।
RashtraPress
24 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

केपीएससी (KPSC) घोटाला क्या है?
कर्नाटक लोक सेवा आयोग (KPSC) भर्ती घोटाला राज्य की सरकारी नौकरियों की भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं से जुड़ा मामला है, जो अदालत में विचाराधीन है। विपक्ष का आरोप है कि इसमें सत्तारूढ़ दल के मंत्रियों की संलिप्तता है।
चलवाडी नारायणस्वामी ने सदन में क्या माँग की?
भाजपा नेता चलवाडी नारायणस्वामी ने 24 सितंबर 2026 को कर्नाटक विधान परिषद में KPSC घोटाले पर तत्काल चर्चा की माँग की और दावा किया कि सच सामने आने पर कई मंत्री जेल जाएंगे। उन्होंने नियम 69 के तहत स्थगन प्रस्ताव भी पहले ही दाखिल किया था।
सभापति ने KPSC पर चर्चा क्यों नहीं होने दी?
सभापति सलीम अहमद ने कहा कि सदन फिलहाल सूखे और किसान संकट पर चर्चा कर रहा है, और यह मुद्दा संयुक्त व्यापार सलाहकार समिति की बैठक के एजेंडे में नहीं था। उन्होंने संकेत दिया कि मुख्यमंत्री की उपस्थिति में KPSC पर चर्चा हो सकती है।
KPSC मामले पर सरकार का क्या कहना है?
शहरी विकास मंत्री यतींद्र सिद्दारमैया ने कहा कि KPSC मामला न्यायालय में विचाराधीन है, इसलिए सदन को इस पर सावधानी बरतनी चाहिए। सरकार ने अभी तक विपक्ष के आरोपों पर विस्तृत जवाब नहीं दिया है।
क्या KPSC को बंद किया जा सकता है?
नारायणस्वामी ने मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार की KPSC बंद करने की कथित टिप्पणी पर सवाल उठाया और पूछा कि किस कानून के तहत ऐसा संभव है। KPSC एक संवैधानिक संस्था है और इसे बंद करने के लिए कानूनी प्रक्रिया आवश्यक होगी।
राष्ट्र प्रेस
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