केपीएससी भर्ती घोटाला: बेंगलुरु अदालत ने शिवशंकरप्पा और गीता को ईडी हिरासत में भेजा, दोपहर 3 बजे पेशी का आदेश
सारांश
मुख्य बातें
बेंगलुरु की एक अदालत ने 7 अक्टूबर 2026 को कर्नाटक लोक सेवा आयोग (केपीएससी) के निलंबित अध्यक्ष साहूकार शिवशंकरप्पा और सदस्य गीता को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की हिरासत में सौंप दिया है। अदालत ने एजेंसी को निर्देश दिया है कि दोनों आरोपियों को बुधवार दोपहर 3 बजे तक खुली अदालत में पेश किया जाए। यह गिरफ्तारी केपीएससी भर्ती घोटाले से जुड़ी ईडी की व्यापक जांच का हिस्सा है।
गिरफ्तारी और अदालती कार्यवाही
ईडी के अधिकारियों ने आधी रात के करीब दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया और रात लगभग 2 बजे उन्हें मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया। एजेंसी ने 14 दिन की हिरासत की माँग की थी। बेंगलुरु के चौथे सीसीएच न्यायाधीश मंजुनाथ ने सुनवाई के बाद ईडी को दोनों की हिरासत सौंपी और निर्देश दिया कि उन्हें पुनः अदालत में उपस्थित कराया जाए।
मामले की पृष्ठभूमि
ये गिरफ्तारियाँ भाजपा नेता बसवराज कन्नाले और आईएएस अधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार की ईडी हिरासत समाप्त होने के तुरंत बाद हुईं। दोनों को अदालत में पेश किया गया और बाद में न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। इसके पश्चात ईडी ने शिवशंकरप्पा और गीता को गिरफ्तार करने की कार्रवाई की।
गौरतलब है कि केपीएससी भर्ती घोटाले ने कर्नाटक में सरकारी भर्ती प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। यह मामला कथित प्रश्न पत्र लीक, परीक्षार्थियों को रिसॉर्ट में प्रशिक्षण देने और धन के लेन-देन से जुड़े आरोपों के इर्द-गिर्द केंद्रित है।
गवाहों की भूमिका
रिपोर्टों के अनुसार, कथित भर्ती घोटाले से जुड़े आठ से अधिक उम्मीदवारों को इस मामले में गवाह बनाए जाने की संभावना है। उनके बयान आपराधिक प्रक्रिया संहिता की धारा 164 के तहत अदालत में दर्ज किए जाने की उम्मीद है।
रिपोर्टों के मुताबिक, इन उम्मीदवारों ने आपराधिक जांच विभाग (सीआईडी) के समक्ष कथित तौर पर अपना अपराध स्वीकार किया है। उन्होंने कथित धन भुगतान, प्रश्न पत्र लीक होने की प्रक्रिया और परीक्षा केंद्र के पास छोड़े जाने से पहले रिसॉर्ट में दी गई कथित ट्रेनिंग का विवरण प्रदान किया है।
ईडी की जांच का दायरा
फिलहाल ईडी इस भर्ती घोटाले में कथित वित्तीय लेन-देन, अधिकारियों की भूमिका और संबंधित व्यक्तियों के आर्थिक नेटवर्क की जाँच कर रही है। जाँच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस मामले में धन का प्रवाह किस स्तर तक और किन-किन लोगों तक पहुँचा।
आगे क्या होगा
दोनों आरोपियों की बुधवार दोपहर 3 बजे अदालत में पेशी के बाद हिरासत की अवधि और जाँच की दिशा स्पष्ट होने की उम्मीद है। केपीएससी घोटाले की यह जांच कर्नाटक में सरकारी भर्ती व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की माँग को और मज़बूत करती है।