31 अगस्त 2026
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केपीएससी भर्ती घोटाला: कुमारस्वामी का राहुल गांधी पर वार, बेंगलुरु आकर युवाओं से मिलने की चुनौती

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केपीएससी भर्ती घोटाला: कुमारस्वामी का राहुल गांधी पर वार, बेंगलुरु आकर युवाओं से मिलने की चुनौती

सारांश

केपीएससी भर्ती घोटाले में आईएएस अधिकारी की गिरफ्तारी के बाद कुमारस्वामी ने राहुल गांधी को सीधी चुनौती दी — बेंगलुरु आएं और प्रभावित युवाओं से मिलें। कथित प्रश्नपत्र लीक, करोड़ों में पद बिक्री और विवादित केपीएससी अध्यक्ष की नियुक्ति पर कर्नाटक की कांग्रेस सरकार घिरती नज़र आ रही है।

मुख्य बातें

केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने 30 अगस्त को बेंगलुरु में केपीएससी भर्ती घोटाले पर कर्नाटक कांग्रेस सरकार पर निशाना साधा।
आईएएस अधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार की गिरफ्तारी के बाद यह बयान आया, जिसने विवाद को नई धार दी।
कुमारस्वामी ने आरोप लगाया कि कथित तौर पर करोड़ों रुपए लेकर पद बेचे गए और प्रश्नपत्र रिसॉर्ट्स में पहुँचाए गए।
राहुल गांधी को बेंगलुरु आकर केपीएससी प्रभावित युवाओं से मिलने की खुली चुनौती दी गई।
सरकार पर 75,000 सरकारी पदों की आगामी भर्ती में भी अनियमितता की आशंका जताई गई।

केंद्रीय भारी उद्योग और इस्पात मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने 30 अगस्त को कर्नाटक लोक सेवा आयोग (केपीएससी) भर्ती में कथित अनियमितताओं को लेकर राज्य की कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला। साथ ही उन्होंने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को सीधी चुनौती दी कि वे बेंगलुरु आएं और केपीएससी भर्ती अनियमितताओं से प्रभावित युवाओं से आमने-सामने बात करें। यह बयान केपीएससी मामले में आईएएस अधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार की गिरफ्तारी के बाद आया है, जिसने पूरे विवाद को नई धार दे दी है।

मुख्य घटनाक्रम

बेंगलुरु स्थित जनता दल (सेक्युलर) के मुख्यालय जेपी भवन में मीडिया से मुखातिब होते हुए कुमारस्वामी ने कहा, 'राहुल गांधी, आप कहाँ हैं? केपीएससी में गड़बड़ियाँ हो रही हैं। आप पूरे देश में घूमकर छात्रों और युवाओं से बातचीत करते हैं। आखिर आप बेंगलुरु कब आएंगे और केपीएससी भर्ती अनियमितताओं से प्रभावित युवाओं से कब मिलेंगे?' उन्होंने कर्नाटक सरकार की भर्ती व्यवस्था सुधारने की मंशा पर भी खुलकर सवाल उठाए।

कुमारस्वामी ने आरोप लगाया कि कथित तौर पर परीक्षा के प्रश्नपत्र रिसॉर्ट्स में ले जाए गए और पैसे देने वाले उम्मीदवारों को उपलब्ध कराए गए। उन्होंने कहा कि उन उम्मीदवारों को उत्तर लिखने का प्रशिक्षण भी दिया गया।

केपीएससी अध्यक्ष पर गंभीर आरोप

कुमारस्वामी ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने सुधार के नाम पर बेंगलुरु विकास प्राधिकरण (बीडीए) में विवादित रिकॉर्ड रखने वाले व्यक्ति को केपीएससी का अध्यक्ष नियुक्त किया। उन्होंने कहा, 'आपने दावा किया था कि व्यवस्था को सुधारेंगे, लेकिन ऐसे व्यक्ति को केपीएससी अध्यक्ष बना दिया, जिस पर पहले भी आरोप लग चुके थे। उनके कार्यकाल में कथित तौर पर करोड़ों रुपए लेकर पद बेचे गए।'

उन्होंने यह भी पूछा कि सरकार अब 75,000 सरकारी पदों पर भर्ती की बात कर रही है — क्या ये नियुक्तियाँ भी इसी तरह की अनियमितताओं के ज़रिए होंगी?

कांग्रेस मंत्री पर निशाना

कुमारस्वामी ने कर्नाटक के मंत्री प्रियंक खड़गे पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा, 'कर्नाटक के मंत्री प्रियंक खड़गे हर सुबह आरएसएस की बात करते हैं, लेकिन उन्हें अपने ही विभाग की अव्यवस्था दिखाई नहीं देती। जिन उम्मीदवारों का चयन नहीं होना चाहिए था, उन्हें कथित तौर पर भर्ती दे दी गई।'

कुमारस्वामी ने यह भी आरोप लगाया कि ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग में सहायक कार्यकारी अभियंता (ग्रेड-1) की भर्ती में हुई कथित अनियमितताओं पर सरकार बोलने से भी बच रही है।

राहुल गांधी को खुली चुनौती

कुमारस्वामी ने अपने बयान में बार-बार राहुल गांधी को बेंगलुरु आने की चुनौती दी। उन्होंने कहा, 'उन्हें यहाँ लाएं। वे युवाओं से बैठकर केपीएससी के मुद्दे पर बात करें, तब सच्चाई सामने आएगी।' यह ऐसे समय में आया है जब राहुल गांधी देशभर में छात्रों और युवाओं से संवाद कार्यक्रम चलाते रहे हैं, लेकिन कर्नाटक के केपीएससी विवाद पर उनकी ओर से अब तक कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

आगे क्या होगा

गौरतलब है कि आईएएस अधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार की गिरफ्तारी के बाद केपीएससी भर्ती घोटाले की जाँच अब और गहरी होने की संभावना है। विपक्ष इस मुद्दे को आगामी राजनीतिक संघर्षों में प्रमुखता से उठाने की तैयारी में है। कर्नाटक सरकार की ओर से इन आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक खंडन सामने नहीं आया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

वह अब उसी आरोप के घेरे में है। कुमारस्वामी की राहुल गांधी को चुनौती राजनीतिक रूप से चतुर है — राष्ट्रीय स्तर पर 'युवा-संवाद' की छवि बनाने वाले नेता की कर्नाटक में चुप्पी विपक्ष को आसान निशाना देती है। असली सवाल यह है कि जाँच एजेंसियाँ इस मामले को कहाँ तक ले जाती हैं और क्या 75,000 पदों की आगामी भर्ती में पारदर्शी तंत्र सुनिश्चित होगा।
RashtraPress
31 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

केपीएससी भर्ती घोटाला क्या है?
कर्नाटक लोक सेवा आयोग (केपीएससी) की भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं का यह मामला है, जिसमें आरोप है कि पैसे लेकर पद बेचे गए और प्रश्नपत्र रिसॉर्ट्स में पहुँचाए गए। इस मामले में आईएएस अधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार को गिरफ्तार किया जा चुका है।
कुमारस्वामी ने राहुल गांधी को क्यों चुनौती दी?
कुमारस्वामी ने कहा कि राहुल गांधी देशभर में युवाओं से संवाद करते हैं, लेकिन केपीएससी घोटाले से प्रभावित कर्नाटक के युवाओं पर चुप हैं। उन्होंने राहुल से बेंगलुरु आकर प्रभावित उम्मीदवारों से सीधे बात करने का आग्रह किया।
केपीएससी अध्यक्ष पर क्या आरोप हैं?
कुमारस्वामी के अनुसार, कर्नाटक सरकार ने बेंगलुरु विकास प्राधिकरण (बीडीए) में विवादित रिकॉर्ड रखने वाले व्यक्ति को केपीएससी का अध्यक्ष नियुक्त किया। आरोप है कि उनके कार्यकाल में कथित तौर पर करोड़ों रुपए लेकर पद बेचे गए।
इस मामले में प्रियंक खड़गे की क्या भूमिका बताई गई है?
कुमारस्वामी ने कर्नाटक के मंत्री प्रियंक खड़गे पर आरोप लगाया कि वे अपने विभाग की अव्यवस्था को नज़रअंदाज़ कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अयोग्य उम्मीदवारों को कथित तौर पर भर्ती दी गई, जबकि मंत्री अन्य मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किए हुए हैं।
केपीएससी घोटाले का आगे क्या होगा?
आईएएस अधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार की गिरफ्तारी के बाद जाँच और गहरी होने की संभावना है। विपक्ष इस मुद्दे को राजनीतिक रूप से आगे बढ़ाने की तैयारी में है, जबकि कर्नाटक सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक खंडन सामने नहीं आया है।
राष्ट्र प्रेस
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