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KPSC भर्ती घोटाले में कांग्रेस सरकार की मिलीभगत: प्रह्लाद जोशी का लापता IAS अधिकारी पर बड़ा आरोप

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KPSC भर्ती घोटाले में कांग्रेस सरकार की मिलीभगत: प्रह्लाद जोशी का लापता IAS अधिकारी पर बड़ा आरोप

सारांश

केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने हुबली से सीधा हमला बोला — KPSC घोटाले में लापता IAS अधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार गंगवार को कर्नाटक की कांग्रेस सरकार का संरक्षण मिल रहा है। उनका आरोप है कि अधिकारी को जाँच एजेंसियों से बचाने के लिए सरकार ने खुद उन्हें 'भगाया' है।

मुख्य बातें

केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने 28 अगस्त को हुबली में कर्नाटक कांग्रेस सरकार पर KPSC भर्ती घोटाले में मिलीभगत का आरोप लगाया।
कर्नाटक कैडर के 2016 बैच के IAS अधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार गंगवार कथित तौर पर घोटाले में शामिल हैं और फिलहाल लापता हैं।
जोशी ने माँग की कि यदि कांग्रेस सरकार निर्दोष है, तो वह अधिकारी को ईडी या सीआईडी के सामने पेश करे।
जोशी ने कर्नाटक में कांग्रेस सरकार को 'पूरी तरह अस्थिर' बताते हुए कहा कि राज्य में अगली बार कांग्रेस सरकार नहीं बनेगी।
इससे पहले जोशी ने RSS के हुबली महानगर द्वारा आयोजित रक्षाबंधन उत्सव में भाग लिया, जहाँ मनोहर बकाले और रामचंद्र एडके भी उपस्थित थे।

केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने 28 अगस्त को हुबली में मीडिया से बातचीत करते हुए कर्नाटक की कांग्रेस सरकार पर सरकारी भर्ती घोटाले में सीधी संलिप्तता का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कर्नाटक लोक सेवा आयोग (KPSC) घोटाले में कथित तौर पर शामिल 2016 बैच के IAS अधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार गंगवार के लापता होने के पीछे सरकारी संरक्षण है।

मुख्य आरोप: सरकार ने अधिकारी को 'भगाया'

जोशी ने स्पष्ट शब्दों में कहा, 'सरकारी भर्ती में बड़े पैमाने पर नकल और गड़बड़ी करने वालों के साथ सरकार की मिलीभगत है। सरकार इस पूरे घोटाले की भागीदार है।' उन्होंने तर्क दिया कि यदि कांग्रेस सरकार इस भर्ती घोटाले में शामिल नहीं है, तो वह ज्ञानेंद्र कुमार गंगवार को जाँच एजेंसियों के सामने तत्काल पेश करे।

केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा, 'अगर इस आईएएस अधिकारी का पता चल जाता है और ईडी या सीआईडी उन्हें हिरासत में लेती है, तो सरकार का पूरा कांड बाहर आ जाएगा। यही कारण है कि आईएएस अधिकारी को सरकार ने अपने संरक्षण में रखा है।'

KPSC घोटाले की पृष्ठभूमि

कर्नाटक लोक सेवा आयोग (KPSC) पर सरकारी भर्ती परीक्षाओं में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं के आरोप लगे हैं। कर्नाटक कैडर के 2016 बैच के IAS अधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार गंगवार का नाम इस घोटाले में कथित तौर पर सामने आया है और वे फिलहाल लापता बताए जा रहे हैं। विपक्षी दलों ने इस मामले में निष्पक्ष जाँच की माँग की है।

गौरतलब है कि यह मामला ऐसे समय में उठा है जब कर्नाटक में कांग्रेस सरकार पहले से ही कई विवादों से घिरी हुई है और राज्य में राजनीतिक तनाव का माहौल है।

सरकारी अस्थिरता पर भी निशाना

जोशी ने इस अवसर पर कांग्रेस सरकार की आंतरिक स्थिति पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा, 'कांग्रेस सरकार में पूरी तरह अस्थिरता का दौर चल रहा है। हर कांग्रेस विधायक को लग रहा है कि मंत्री पद उसे मिले, क्योंकि उन्हें पता है कि आने वाले दिनों में कर्नाटक में कांग्रेस की सरकार नहीं बनेगी।' आलोचकों का कहना है कि यह बयान भाजपा की कर्नाटक में वापसी की रणनीति का हिस्सा है।

RSS रक्षाबंधन उत्सव में शिरकत

इससे पहले प्रह्लाद जोशी ने हुबली में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के हुबली महानगर द्वारा आयोजित रक्षाबंधन उत्सव में भाग लिया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि यह उत्सव 'राष्ट्रीय एकता, सामाजिक समरसता और आपसी सहयोग के संकल्प के साथ सार्थक रूप से मनाया गया।' कार्यक्रम में मुख्य अतिथि मनोहर बकाले और मुख्य वक्ता रामचंद्र एडके के साथ आरएसएस के नेता, स्वयंसेवक और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

आगे क्या

जोशी के बयान के बाद अब सभी की नज़रें कर्नाटक सरकार की प्रतिक्रिया और ज्ञानेंद्र कुमार गंगवार की स्थिति पर टिकी हैं। यदि जाँच एजेंसियाँ इस मामले में कोई बड़ी कार्रवाई करती हैं, तो राज्य की राजनीति में नया मोड़ आ सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इनकी असली कसौटी यह होगी कि जाँच एजेंसियाँ — ईडी और सीआईडी — स्वतंत्र रूप से कार्य कर पाती हैं या नहीं। KPSC घोटाला कोई नई घटना नहीं है; कर्नाटक में भर्ती अनियमितताओं का इतिहास लंबा है और इसमें कई सरकारों के कार्यकाल शामिल हैं। एक IAS अधिकारी का इस तरह लापता होना — चाहे कारण कुछ भी हो — प्रशासनिक जवाबदेही के लिए गंभीर संकेत है। मुख्यधारा की कवरेज जो चूक जाती है वह यह है: इस मामले में विपक्ष के आरोपों से परे, क्या राज्य सरकार ने अधिकारी की अनुपस्थिति पर कोई औपचारिक कार्रवाई शुरू की है — यह प्रश्न अभी अनुत्तरित है।
RashtraPress
28 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

KPSC भर्ती घोटाला क्या है और इसमें IAS अधिकारी का नाम कैसे आया?
कर्नाटक लोक सेवा आयोग (KPSC) पर सरकारी भर्ती परीक्षाओं में बड़े पैमाने पर नकल और अनियमितताओं के आरोप हैं। कर्नाटक कैडर के 2016 बैच के IAS अधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार गंगवार का नाम इस घोटाले में कथित तौर पर सामने आया है और वे फिलहाल लापता बताए जा रहे हैं।
प्रह्लाद जोशी ने कर्नाटक सरकार पर क्या आरोप लगाए?
केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने आरोप लगाया कि कर्नाटक की कांग्रेस सरकार ने लापता IAS अधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार गंगवार को जाँच एजेंसियों से बचाने के लिए जानबूझकर संरक्षण दिया है। उनका कहना है कि अधिकारी के ईडी या सीआईडी की पकड़ में आने से सरकार का 'पूरा कांड' सामने आ जाएगा।
लापता IAS अधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार गंगवार कौन हैं?
ज्ञानेंद्र कुमार गंगवार कर्नाटक कैडर के 2016 बैच के IAS अधिकारी हैं, जिनका नाम KPSC भर्ती घोटाले में कथित तौर पर जुड़ा है। वे फिलहाल लापता हैं और उनके फरार होने की खबरें सामने आई हैं।
क्या कांग्रेस सरकार ने इन आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया दी है?
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, कर्नाटक की कांग्रेस सरकार की ओर से इन आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। प्रह्लाद जोशी ने सरकार को चुनौती दी है कि यदि वह निर्दोष है तो अधिकारी को जाँच एजेंसियों के सामने पेश करे।
इस मामले में आगे क्या हो सकता है?
अब सभी की नज़रें ईडी और सीआईडी की कार्रवाई पर हैं। यदि जाँच एजेंसियाँ IAS अधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार गंगवार को हिरासत में लेती हैं, तो घोटाले की परतें और खुल सकती हैं। यह मामला कर्नाटक की राजनीति में नया मोड़ ला सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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