रक्षाबंधन 2026: MP राज्यपाल मंगूभाई पटेल और CM मोहन यादव ने महिला सम्मान व लाड़ली बहना योजना को किया रेखांकित
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश में रक्षाबंधन के अवसर पर राज्यपाल मंगूभाई पटेल और मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 28 अगस्त को भाई-बहन के पवित्र रिश्ते, महिलाओं की गरिमा और सामाजिक एकता पर अपने संदेश साझा किए। दोनों नेताओं ने इस पारंपरिक त्योहार को महिला सशक्तीकरण के व्यापक लक्ष्य से जोड़ा।
राज्यपाल का संदेश: प्यार, अपनापन और सांस्कृतिक गौरव
राज्यपाल पटेल ने अपने संदेश में कहा, 'रक्षा बंधन भाई-बहनों के बीच गहरे रिश्ते का जश्न है। एक ऐसा रिश्ता जो प्यार, अपनापन और भरोसे पर टिका है और बचपन की मीठी यादों से लेकर जिंदगी के हर पड़ाव तक बना रहता है। मेरी दिली इच्छा है कि यह त्योहार आप सभी के जीवन में खुशियां, समृद्धि और खुशहाली लाए।'
राज्यपाल ने रक्षाबंधन को भारत की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं की जीवंत अभिव्यक्ति बताया। उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि वे महिलाओं का सम्मान करें, उनका समर्थन करें और उन्हें सशक्त बनाने की दिशा में सक्रिय भूमिका निभाएँ।
मुख्यमंत्री यादव का जोर: लाड़ली बहना योजना और आत्मनिर्भरता
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने रक्षाबंधन के अवसर पर महिलाओं की गरिमा और आत्मनिर्भरता को अपने संदेश का केंद्र बनाया। उन्होंने राज्य सरकार की 'लाड़ली बहना योजना' को महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण का अहम माध्यम बताया।
मुख्यमंत्री ने कहा, 'बहनों का सम्मान करना और उनकी गरिमा व आत्मनिर्भरता बनाए रखना हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है। हम लाड़ली बहना योजना के जरिए बहनों के जीवन में खुशियां और आत्मविश्वास लाने के अपने संकल्प पर अडिग हैं।'
लाड़ली बहना योजना: अब तक ₹65,000 करोड़ से अधिक का हस्तांतरण
मुख्यमंत्री यादव ने बताया कि 'लाड़ली बहना योजना' के अंतर्गत अब तक महिला लाभार्थियों के बैंक खातों में ₹65,000 करोड़ से अधिक की राशि सीधे हस्तांतरित की जा चुकी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस सहायता को केवल तात्कालिक आर्थिक राहत के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए — यह महिलाओं का आत्मविश्वास और आर्थिक स्वतंत्रता बढ़ाने में भी योगदान देती है।
त्योहार का सामाजिक संदर्भ
परंपरागत रूप से बहनों द्वारा भाइयों की कलाई पर राखी बाँधकर मनाया जाने वाला यह त्योहार भारतीय समाज में गहरे भावनात्मक और सांस्कृतिक महत्व का वाहक है। गौरतलब है कि राखी का यह धागा केवल दो व्यक्तियों के बीच का निजी बंधन नहीं, बल्कि देखभाल, सुरक्षा और साझा जिम्मेदारी का प्रतीक भी माना जाता है।
यह ऐसे समय में आया है जब राज्य सरकार महिला-केंद्रित योजनाओं को अपनी नीतिगत प्राथमिकता के रूप में आगे बढ़ा रही है। रक्षाबंधन के इस अवसर पर दोनों नेताओं के संदेश त्योहार की भावनात्मक गहराई को सामाजिक जिम्मेदारी के व्यापक आह्वान से जोड़ते हैं।