लाड़ली बहना योजना: रक्षाबंधन पर CM मोहन यादव ने ट्रांसफर किए ₹1,750, 1.25 करोड़ महिलाओं को फायदा
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश के मैहर में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 19 अगस्त 2026 को लाड़ली बहना योजना की 39वीं किस्त के तहत प्रदेश की 1 करोड़ 25 लाख 13 हजार से अधिक पात्र महिलाओं के बैंक खातों में सिंगल क्लिक से ₹2,148 करोड़ से अधिक की राशि अंतरित की। रक्षाबंधन के विशेष अवसर पर प्रत्येक लाभार्थी के खाते में नियमित ₹1,500 के साथ अतिरिक्त ₹250 जोड़कर कुल ₹1,750 सीधे डीबीटी के माध्यम से भेजे गए।
किस्त का विवरण और राशि का विभाजन
इस हस्तांतरण में दो हिस्से शामिल रहे। लाड़ली बहना योजना की नियमित 39वीं किस्त के रूप में ₹1,500 प्रति हितग्राही की दर से कुल ₹1,835.46 करोड़ से अधिक की राशि अंतरित की गई। इसके साथ ही रक्षाबंधन के उपलक्ष्य में ₹250 प्रति हितग्राही की दर से ₹312.83 करोड़ से अधिक की अतिरिक्त सहायता राशि भी भेजी गई।
इस प्रकार दोनों मदों को मिलाकर ₹2,148 करोड़ से अधिक की संयुक्त राशि एक साथ महिलाओं के खातों में पहुँची, जो इस योजना के इतिहास में एकल दिवस के सबसे बड़े हस्तांतरणों में से एक है।
कार्यक्रम का माहौल और मुख्यमंत्री की उपस्थिति
कार्यक्रम से पूर्व मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मैहर स्थित माँ शारदा मंदिर में दर्शन किए। इसके बाद उन्होंने कार्यक्रम स्थल पर उपस्थित लाड़ली बहनाओं पर पुष्प वर्षा की, जिससे उत्सव का वातावरण बना। राज्य स्तरीय आयोजन में बड़ी संख्या में महिला लाभार्थी शामिल हुईं।
योजना की अब तक की कुल उपलब्धि
लाड़ली बहना योजना की शुरुआत जून 2023 में की गई थी। अगस्त 2026 तक कुल 39 किस्तों के माध्यम से लाभार्थी महिलाओं के खातों में ₹63,248 करोड़ की सहायता राशि अंतरित की जा चुकी है। चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में राज्य सरकार ने इस योजना के लिए ₹23,882.81 करोड़ का बजट प्रावधान रखा है।
आम जनता पर असर
यह योजना मध्य प्रदेश की ग्रामीण और अर्ध-शहरी महिलाओं के लिए आर्थिक स्वावलंबन का एक प्रमुख स्तंभ बन चुकी है। 1.25 करोड़ से अधिक लाभार्थियों तक सीधे बैंक खाते में राशि पहुँचने से बिचौलियों की भूमिका समाप्त हुई है और महिलाओं की वित्तीय स्वायत्तता बढ़ी है। रक्षाबंधन जैसे पर्व पर अतिरिक्त राशि का हस्तांतरण सामाजिक और भावनात्मक दृष्टि से भी महत्त्वपूर्ण संदेश देता है।
यह ऐसे समय में आया है जब मध्य प्रदेश सहित कई राज्य सरकारें महिला-केंद्रित कल्याण योजनाओं को अपनी राजनीतिक रणनीति का अभिन्न हिस्सा बना रही हैं। आगामी समय में योजना की किस्तें और बढ़ाई जाएंगी या नहीं, यह राज्य के बजटीय संतुलन पर निर्भर करेगा।