लाड़ली बहना योजना की 37वीं किस्त जारी: मोहन यादव ने 1.25 करोड़ महिलाओं को ₹1,835 करोड़ ट्रांसफर किए
सारांश
मुख्य बातें
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने रविवार, 14 जून को मध्य प्रदेश की प्रमुख कल्याणकारी योजना 'मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना' की 37वीं किस्त जारी की, जिसके तहत राज्य की 1.25 करोड़ से अधिक पात्र महिला लाभार्थियों के बैंक खातों में सीधे ₹1,835 करोड़ अंतरित किए गए। सागर जिले के देवरी विधानसभा क्षेत्र के केसली में आयोजित सार्वजनिक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने एक क्लिक से प्रत्येक लाभार्थी को ₹1,500 का डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) किया।
किस्त का विवरण और DBT प्रक्रिया
डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के माध्यम से यह राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में पहुँची, जिससे बिचौलियों की भूमिका पूरी तरह समाप्त हो गई। मध्य प्रदेश सरकार के अनुसार, यह कदम महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता और सशक्तिकरण की दिशा में एक निरंतर प्रयास का हिस्सा है। यह योजना अब तक 37 किस्तों में लाभार्थियों तक पहुँच चुकी है।
देवरी क्षेत्र को ₹190.85 करोड़ की विकास परियोजनाएँ
इसी कार्यक्रम में मुख्यमंत्री यादव ने देवरी विधानसभा क्षेत्र को लगभग ₹190.85 करोड़ की लागत वाली 53 विकास परियोजनाओं की सौगात दी। इनमें ₹122.02 करोड़ की लागत वाली 28 नई परियोजनाओं का शिलान्यास और ₹68.83 करोड़ की लागत वाली 25 पूर्ण परियोजनाओं का लोकार्पण शामिल रहा। सरकार का कहना है कि इन परियोजनाओं से क्षेत्र में बुनियादी ढाँचे और नागरिक सुविधाओं में उल्लेखनीय सुधार होगा।
सरकार की प्रतिक्रिया और राजनीतिक संदेश
महिलाओं की सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री यादव ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने महिलाओं के आर्थिक उत्थान के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए। हालाँकि, इन आरोपों पर कांग्रेस की तत्काल प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं है।
योजना की पात्रता और शर्तें
'मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना' का लाभ मध्य प्रदेश के स्थायी निवासियों को मिलता है। पात्रता की प्रमुख शर्तें इस प्रकार हैं: परिवार की वार्षिक आय ₹2.5 लाख से कम हो, परिवार का कोई सदस्य सरकारी नौकरी में न हो, परिवार के पास पाँच एकड़ से अधिक कृषि भूमि न हो, और परिवार के पास कोई चार-पहिया वाहन न हो।
21 से 60 वर्ष की आयु की विवाहित, विधवा, परित्यक्ता और तलाकशुदा महिलाएँ इस योजना के लिए आवेदन कर सकती हैं।
आगे क्या
यह योजना राज्य की महिलाओं के लिए आर्थिक सहायता का एक स्थायी स्तंभ बनती जा रही है। 37 किस्तों के निरंतर वितरण के बाद, सरकार की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि हर पात्र लाभार्थी तक यह राशि बिना किसी रुकावट के पहुँचे। कल्याणकारी योजनाओं और क्षेत्रीय विकास कार्यों पर एक साथ ध्यान देना राज्य सरकार की समावेशी विकास की नीति को रेखांकित करता है।