लाड़ली बहना योजना की 39वीं किस्त 19 अगस्त को: CM मोहन यादव मैहर से ₹1,750 ट्रांसफर करेंगे
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव 19 अगस्त 2026 को मैहर में आयोजित एक कार्यक्रम से मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की 39वीं किस्त जारी करेंगे, जिसके तहत राज्य की 1.25 करोड़ से अधिक पात्र महिलाओं के बैंक खातों में सीधे ₹1,750 की राशि अंतरित की जाएगी। यह राशि ₹1,500 की नियमित मासिक सहायता और रक्षाबंधन के उपलक्ष्य में दिए जाने वाले ₹250 के विशेष अनुदान से मिलकर बनी है।
किस्त का विवरण और राशि
मुख्यमंत्री मैहर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान एक क्लिक के ज़रिए यह राशि एक साथ जारी करेंगे। पात्र लाभार्थियों को बिना किसी बिचौलिए के सीधे उनके बैंक खातों में ₹1,750 प्राप्त होंगे — जिसमें ₹1,500 की मासिक सहायता और ₹250 का रक्षाबंधन विशेष अनुदान शामिल है। सरकार का कहना है कि यह प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) मॉडल पारदर्शिता सुनिश्चित करता है।
योजना की पृष्ठभूमि
जून 2023 में शुरू की गई इस योजना के तहत अब तक 38 किस्तें नियमित रूप से जारी की जा चुकी हैं। नवंबर 2025 में मासिक सहायता राशि में ₹250 की बढ़ोतरी की गई थी, जिससे प्रति माह अनुदान ₹1,250 से बढ़कर ₹1,500 हो गया। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य सरकार महिला कल्याण योजनाओं को अपनी प्राथमिकता के रूप में प्रस्तुत कर रही है।
महिलाओं पर असर
अधिकारियों के अनुसार, समय पर धनराशि जारी होने से विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्ग की महिलाओं को सीधी राहत मिल रही है। रक्षाबंधन पर मिलने वाली अतिरिक्त राशि का उद्देश्य लाभार्थियों को त्योहार के दौरान घरेलू खर्चों में सहूलियत देना है। सरकार का कहना है कि नियमित मासिक अनुदान के साथ त्योहारी बोनस को जोड़कर महिलाओं में आर्थिक सुरक्षा की भावना को मज़बूत किया जा रहा है।
मैहर से किस्त जारी करने का महत्त्व
मैहर से इस किस्त को जारी करने का निर्णय राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में प्रशासन की पहुँच को रेखांकित करता है। गौरतलब है कि यह योजना भोपाल तक सीमित न रहकर राज्य के दूरदराज़ के इलाकों में भी सक्रिय रूप से संचालित की जा रही है। सरकार ने इसे महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक अहम पहल बताया है।
आगे की राह
39वीं किस्त के साथ, लाड़ली बहना योजना मध्य प्रदेश में महिला कल्याण का एक प्रमुख स्तंभ बनती जा रही है। सरकार ने तीन वर्षों से अधिक समय तक बिना रुकावट जारी रहने वाले इस अनुदान को महिलाओं के प्रति अपनी दीर्घकालिक प्रतिबद्धता का प्रमाण बताया है। आने वाले महीनों में राशि में और बढ़ोतरी को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा अभी नहीं की गई है।