26 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

कर्नाटक भाजपा का KPSC विवाद: CT रवि ने ABVP कार्यकर्ताओं पर हमले की न्यायिक जांच की मांग की

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
कर्नाटक भाजपा का KPSC विवाद: CT रवि ने ABVP कार्यकर्ताओं पर हमले की न्यायिक जांच की मांग की

सारांश

कर्नाटक में KPSC भर्ती विवाद ने नया मोड़ लिया — BJP MLC सीटी रवि ने ABVP कार्यकर्ताओं पर कथित बल प्रयोग की न्यायिक जांच माँगी, IAS अधिकारी के लापता होने पर सवाल उठाए, और पार्कों की भूमि व मतदाता सूची के मुद्दों पर कांग्रेस सरकार को घेरा।

मुख्य बातें

BJP MLC सीटी रवि ने 25 अगस्त को बेंगलुरु में ABVP कार्यकर्ताओं की तत्काल रिहाई और कथित हमले की न्यायिक जांच की माँग की।
KPSC में कथित अनियमितताओं के विरोध के दौरान गिरफ्तार ABVP कार्यकर्ताओं पर बल प्रयोग का आरोप कर्नाटक सरकार पर लगाया गया।
रवि ने IAS अधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार के कथित लापता होने और ED जांच के मामले में गृह मंत्री प्रियांक खड़गे के बयानों पर सवाल उठाए।
बेंगलुरु के पार्कों की भूमि के कथित बदलाव पर रवि ने 'रियल एस्टेट माफिया' का हवाला देते हुए लालबाग और कब्बन पार्क जैसे हरित क्षेत्रों की सुरक्षा की माँग की।
मतदाता सूची में PRC के ज़रिए अयोग्य मतदाताओं को शामिल करने की किसी भी कोशिश के विरुद्ध BJP ने चेतावनी दी।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधान परिषद सदस्य सीटी रवि ने मंगलवार, 25 अगस्त को बेंगलुरु में पार्टी के राज्य मुख्यालय जगन्नाथ भवन से कर्नाटक सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के उन कार्यकर्ताओं की तत्काल रिहाई की माँग की, जिन्हें कर्नाटक लोक सेवा आयोग (KPSC) में कथित अनियमितताओं के विरोध प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार किया गया था। साथ ही उन्होंने ABVP कार्यकर्ताओं पर कथित बल प्रयोग की न्यायिक जांच की माँग भी रखी।

मुख्य घटनाक्रम

सीटी रवि ने आरोप लगाया कि कर्नाटक सरकार ने KPSC में कथित भ्रष्टाचार के विरुद्ध आवाज़ उठा रहे ABVP कार्यकर्ताओं के साथ 'अमानवीय व्यवहार' किया। उन्होंने कहा, 'सरकार ने अन्याय और भ्रष्टाचार के खिलाफ विरोध कर रहे ABVP कार्यकर्ताओं के साथ अमानवीय व्यवहार किया है। गिरफ्तार किए गए लोगों को तुरंत रिहा किया जाना चाहिए और कथित हमले की न्यायिक जांच होनी चाहिए।'

गौरतलब है कि ABVP कार्यकर्ता KPSC भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच की माँग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब कर्नाटक में सत्तारूढ़ कांग्रेस सरकार पहले से ही कई मोर्चों पर विपक्ष के निशाने पर है।

IAS अधिकारी के लापता होने पर सवाल

रवि ने IAS अधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार के कथित तौर पर लापता होने के मामले में भी सरकार को घेरा। बताया जा रहा है कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) इस अधिकारी के मामले की जांच कर रहा है। उन्होंने गृह मंत्री प्रियांक खड़गे पर भी निशाना साधा और आरोप लगाया कि अधिकारी के ठिकाने को लेकर वे अलग-अलग बयान दे रहे हैं।

पार्क और सार्वजनिक भूमि पर आरोप

रवि ने बेंगलुरु के पार्कों की भूमि के कथित बदलाव का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि गोमाल भूमि और झीलें पहले ही खत्म हो चुकी हैं और अब सरकार की नजर पार्कों पर है। उन्होंने चेतावनी दी, 'यह दुखद है कि रियल एस्टेट माफिया के लालच के कारण पार्क और खेल के मैदान सुरक्षित नहीं रहेंगे।'

उन्होंने यह भी कहा कि बेंगलुरु में लालबाग और कब्बन पार्क जैसे ऐतिहासिक हरित क्षेत्र दशकों पहले विकसित किए गए थे और अब ऐसे पार्क बनाने की क्षमता नहीं है। उनके अनुसार, सरकार मौजूदा पार्कों को भी सुरक्षित रखने में विफल रही है।

मतदाता सूची विवाद

रवि ने मतदाता सूची के मुद्दे पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि वास्तविक मतदाताओं के नाम सूची से नहीं हटाए जाने चाहिए, जबकि अयोग्य या अवैध मतदाताओं को सूची में शामिल नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने स्थायी निवासी प्रमाण पत्र (PRC) के ज़रिए अयोग्य मतदाताओं की स्थिति को वैध बनाने की किसी भी कोशिश के विरुद्ध चेतावनी दी।

आगे की राह

BJP ने संकेत दिया है कि यदि ABVP कार्यकर्ताओं को रिहा नहीं किया गया और न्यायिक जांच का आदेश नहीं दिया गया, तो पार्टी आंदोलन तेज करेगी। KPSC अनियमितताओं का मामला, IAS अधिकारी के लापता होने का विवाद और मतदाता सूची का मुद्दा — ये सभी मिलकर कर्नाटक में राजनीतिक तापमान को और बढ़ा सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसमें भ्रष्टाचार, कानून-व्यवस्था और अब मतदाता सूची जैसे मुद्दों को एक साथ उठाया जा रहा है। IAS अधिकारी के लापता होने का मामला अगर ED जांच से जुड़ता है, तो यह सरकार के लिए कहीं अधिक गंभीर राजनीतिक संकट बन सकता है। पार्कों की भूमि और PRC के मुद्दे स्थानीय स्तर पर गहरी पैठ रखते हैं और शहरी मतदाताओं को प्रभावित कर सकते हैं। विपक्ष की असली परीक्षा यह होगी कि वह इन बिखरे मुद्दों को एक सुसंगत आख्यान में बदल पाता है या नहीं।
RashtraPress
26 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ABVP कार्यकर्ताओं को क्यों गिरफ्तार किया गया?
ABVP कार्यकर्ताओं को कर्नाटक लोक सेवा आयोग (KPSC) में कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के विरुद्ध विरोध प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार किया गया था। वे KPSC भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच की माँग कर रहे थे।
BJP ने न्यायिक जांच की माँग क्यों की?
BJP MLC सीटी रवि का आरोप है कि कर्नाटक सरकार ने शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारी ABVP कार्यकर्ताओं पर अमानवीय बल प्रयोग किया। उनका कहना है कि इस कथित हमले की निष्पक्ष जांच केवल न्यायिक निगरानी में ही संभव है।
IAS अधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार का मामला क्या है?
IAS अधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार के कथित तौर पर लापता होने की खबरें हैं और बताया जा रहा है कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) उनके मामले की जांच कर रहा है। BJP ने गृह मंत्री प्रियांक खड़गे पर इस मामले में अलग-अलग बयान देने का आरोप लगाया है।
बेंगलुरु के पार्कों की भूमि को लेकर BJP का क्या आरोप है?
BJP का आरोप है कि कर्नाटक सरकार पार्कों की भूमि का उपयोग बदलने की कोशिश कर रही है और मौजूदा हरित क्षेत्रों को बचाने में विफल रही है। सीटी रवि ने कहा कि रियल एस्टेट माफिया के कारण लालबाग और कब्बन पार्क जैसे ऐतिहासिक पार्क भी खतरे में पड़ सकते हैं।
मतदाता सूची और PRC विवाद क्या है?
BJP MLC सीटी रवि ने आरोप लगाया कि सरकार स्थायी निवासी प्रमाण पत्र (PRC) का उपयोग अयोग्य या अवैध मतदाताओं को मतदाता सूची में शामिल करने के लिए कर सकती है। उन्होंने माँग की कि वास्तविक मतदाताओं के नाम न हटाए जाएँ और अवैध मतदाताओं को सूची में जगह न मिले।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 सप्ताह पहले
  2. 3 सप्ताह पहले
  3. 3 सप्ताह पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 2 महीने पहले
  7. 7 महीने पहले
  8. 1 साल पहले