एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 3.0: सीएम मोहन यादव ने कहा — टेक सेक्टर में ₹12,000 करोड़ से अधिक का निवेश धरातल पर
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 13 जुलाई 2026 को भोपाल में आयोजित 'एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 3.0: जीसीसी, डेटा सेंटर एवं सेमीकंडक्टर' का शुभारंभ करते हुए घोषणा की कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स मीट 2025 के बाद से अब तक टेक सेक्टर में ₹12,000 करोड़ से अधिक का निवेश ज़मीन पर उतर चुका है। इस अवसर पर उन्होंने 20 औद्योगिक इकाइयों का लोकार्पण भी किया और इंडिया लीड फॉर गूगल प्ले तथा एमपीएसईडीसी के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर हुए।
मुख्यमंत्री के संबोधन की मुख्य बातें
मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश की पहचान पहले केवल कृषि, खनन और वन संसाधनों तक सीमित थी, लेकिन अब राज्य डिफेंस, ड्रोन, साइंस-टेक, नवीकरणीय ऊर्जा, इंडस्ट्री कॉरिडोर और भविष्योन्मुखी क्षेत्रों में तेज़ गति से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा, "पिछले दो वर्षों में हमने जो संकल्प लिए, उन्हें पूरा किया।"
उन्होंने बताया कि कॉन्क्लेव के पिछले दो संस्करणों में ₹46,000 करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, 22 नई औद्योगिक इकाइयों का लोकार्पण हुआ और 4 नई परियोजनाओं का भूमिपूजन किया गया।
विदेशी निवेश और वैश्विक भागीदारी
मुख्यमंत्री यादव ने बताया कि स्पेन, कनाडा, यूके, जापान और दक्षिण कोरिया की प्रमुख कंपनियों ने प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) के माध्यम से मध्यप्रदेश में अब तक ₹28,200 करोड़ से अधिक का निवेश किया है। इस कॉन्क्लेव में बार्सिलोना (स्पेन) के सबमर ग्रुप ने राज्य में 1 गीगाबाइट डेटा सेंटर स्थापित करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
यह ऐसे समय में आया है जब देश भर में डेटा सेंटर क्षमता की माँग तेज़ी से बढ़ रही है और केंद्र सरकार की सेमीकंडक्टर नीति के तहत राज्यों के बीच निवेश आकर्षित करने की होड़ बढ़ी है।
जीआईएस और औद्योगिक निवेश यात्रा
मुख्य सचिव अनुराग जैन ने कार्यक्रम में कहा कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जीआईएस) में प्रदेश को मिले निवेश में से ₹10 लाख करोड़ का निवेश धरातल पर उतर चुका है। उन्होंने एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 3.0 को इसी औद्योगिक निवेश यात्रा का एक महत्वपूर्ण पड़ाव बताया।
एआई, डेटा सेंटर और सेमीकंडक्टर पर फोकस
मुख्यमंत्री यादव ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), डेटा सेंटर और सेमीकंडक्टर सहित सभी छोटे-बड़े उद्योगों के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश डीप टेक पार्क की स्थापना की दिशा में भी काम जारी है।
गौरतलब है कि यह कॉन्क्लेव ऐसे समय में हो रहा है जब देश में सेमीकंडक्टर और डेटा इन्फ्रास्ट्रक्चर को लेकर केंद्र सरकार की नीतियाँ तेज़ी से आकार ले रही हैं और मध्यप्रदेश जैसे राज्य इस अवसर का लाभ उठाने की कोशिश में हैं।
आगे की राह
कॉन्क्लेव में हुए एमओयू और निवेश प्रतिबद्धताओं के क्रियान्वयन पर अब सबकी नज़र रहेगी। राज्य सरकार के अनुसार, टेक सेक्टर में यह निवेश प्रवाह आने वाले वर्षों में मध्यप्रदेश को देश के प्रमुख टेक हब के रूप में स्थापित करने में सहायक होगा।