पीथमपुर में ₹272 करोड़ की लियूगोंग यूनिट का भूमि-पूजन, सीएम मोहन यादव बोले — धार है MP का औद्योगिक ग्रोथ इंजन
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 8 जुलाई 2026 को धार जिले के पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र में लियूगोंग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड की ₹272 करोड़ की नई विनिर्माण इकाई का भूमि-पूजन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि राजा भोज की ऐतिहासिक भूमि धार अब मध्य प्रदेश की औद्योगिक बेल्ट का सबसे मज़बूत ग्रोथ इंजन बन चुकी है।
मुख्य घटनाक्रम
मुख्यमंत्री यादव ने भूमि-पूजन के दौरान कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में धार की औद्योगिक क्षमता को नई ऊंचाई मिली है। उन्होंने स्मरण दिलाया कि बीते 17 सितंबर को प्रधानमंत्री मोदी ने 6 लाख से अधिक किसानों को लाभ पहुँचाने वाले एक बड़े वस्त्र उद्योग पार्क का यहीं लोकार्पण किया था। लियूगोंग का यह नया संयंत्र रिसर्च और मशीनरी निर्माण का प्रमुख केंद्र बनकर उभरेगा और स्थानीय युवाओं के लिए रोज़गार के नए द्वार खोलेगा।
निवेश के आँकड़े और रोज़गार
मुख्यमंत्री यादव ने बताया कि 1 जनवरी से 30 जून के बीच मात्र 6 महीनों में मध्य प्रदेश को ₹76,862 करोड़ से अधिक के नए निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनसे 82,000 युवाओं को रोज़गार मिलने की संभावना है। अकेले नर्मदापुरम को ₹11,500 करोड़ के प्रस्ताव मिले हैं। इसके अतिरिक्त, राज्य को ₹10,000 करोड़ से अधिक का विदेशी निवेश भी प्राप्त हुआ है।
यह ऐसे समय में आया है जब विपक्षी दल ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS) की उपयोगिता पर सवाल उठा रहे थे। यादव ने इन आँकड़ों को उन आलोचकों का जवाब बताया जो कह रहे थे कि विभिन्न देशों के दौरों से कोई ठोस नतीजा नहीं निकला।
लियूगोंग इंडिया की भूमिका
लियूगोंग इंडिया के ग्लोबल वाइस चेयरमैन ल्यू गोवेन ने इस अवसर को कंपनी के लिए ऐतिहासिक बताया। नया संयंत्र पीथमपुर में स्थापित होगा और न केवल स्थानीय रोज़गार सृजन करेगा, बल्कि प्रदेश व देश की अर्थव्यवस्था को भी गति देगा। गौरतलब है कि पीथमपुर पहले से ही मध्य प्रदेश का सबसे बड़ा औद्योगिक क्षेत्र है और इसे 'मिनी जापान' के नाम से भी जाना जाता है।
मध्य प्रदेश की औद्योगिक रणनीति
मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि भारत आज दुनिया का सबसे युवा देश है और मध्य प्रदेश इस जनसांख्यिकीय लाभांश को अवसर में बदलने की दिशा में तेज़ी से काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि आज ऐसा कोई देश नहीं जो भारत में निवेश नहीं करना चाहता, और मध्य प्रदेश इस वैश्विक रुचि का सीधा लाभार्थी बन रहा है।
आगे की राह
लियूगोंग का यह संयंत्र पूर्ण रूप से चालू होने के बाद पीथमपुर की औद्योगिक पहचान को और मज़बूत करेगा। राज्य सरकार के अनुसार, यह निवेश मध्य प्रदेश को मशीनरी और भारी उपकरण निर्माण के क्षेत्र में एक अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित करने की व्यापक योजना का हिस्सा है।