क्या मध्य प्रदेश को केंद्रीय परियोजनाओं के क्रियान्वयन में 97 प्रतिशत सफलता मिली है? : सीएम मोहन यादव
सारांश
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भोपाल, 14 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बताया कि केंद्र-राज्य की डबल इंजन सरकार के प्रभावी क्रियान्वयन से राज्य के बुनियादी ढांचे में सुधार हो रहा है। केंद्रीय परियोजनाओं के क्रियान्वयन में मध्य प्रदेश ने 97 प्रतिशत सफलता प्राप्त की है।
सीएम मोहन यादव ने बुधवार को डबल इंजन सरकार के समन्वय के तहत प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग ग्रुप की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र और राज्य के समन्वय के कारण देश में बुनियादी ढांचे का विकास तेजी से हो रहा है। प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग ग्रुप (PMG) और प्रोएक्टिव गवर्नेंस एंड टाइमली इंप्लीमेंटेशन (प्रगति) प्लेटफार्म के जरिए देश में अटकी हुई परियोजनाओं को फिर से सक्रिय किया गया है। इस प्रणाली से सभी हितधारकों को एक मंच पर लाकर निर्णय प्रक्रिया में तेजी लाई गई है।
मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश को विभिन्न केंद्रीय मंत्रालयों के माध्यम से 209 बड़े प्रोजेक्ट्स का लाभ मिला है। इनमें से 2 लाख 61 हजार 340 करोड़ रुपये की लागत वाली 108 केंद्रीय विकास परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं। प्रदेश में अब 5 लाख 24 हजार 471 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 101 परियोजनाएं क्रियान्वयन के अधीन हैं। केंद्रीय परियोजनाओं के क्रियान्वयन में मध्य प्रदेश ने 97 प्रतिशत सफलता प्राप्त की है। इन परियोजनाओं में रेल मंत्रालय की 14, सड़क परिवहन मंत्रालय की 13, विद्युत मंत्रालय की 5 और नवकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की महत्वपूर्ण परियोजनाएं शामिल हैं। केंद्र और राज्य मिलकर वन्यजीव पर्यटन योजनाओं को आगे बढ़ा रहे हैं। प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में चीते अपना घर बना चुके हैं। धार के पीएम मित्र पार्क से कपास उत्पादक किसानों को भी लाभ होगा।
उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्यों के बीच समन्वय ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है। जब विभाग आपस में समन्वय से काम करते हैं, तो विकास की गति दोगुनी हो जाती है। प्रधानमंत्री मोदी ने शासन की व्यवस्थाओं को केवल प्रक्रियात्मक न रखकर परिणामोन्मुख और जवाबदेह बनाया है। अब प्रत्येक परियोजना की प्रगति, बाधा और समाधान की सीधी निगरानी सुनिश्चित की गई है। पहले जहां बड़ी योजनाएं कागजों पर भव्य दिखती थीं, लेकिन अब प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार ने PMG और प्रगति पोर्टल से पुरानी प्रणाली को समाप्त कर असंभव दिखने वाली परियोजनाओं को साकार किया है। अब देश में विकास के साथ आवश्यकताओं का युक्तिकरण किया जा रहा है।
मुख्य सचिव अनुराग जैन ने अपने प्रेजेंटेशन में बताया कि प्रगति प्लेटफार्म की शुरुआत 25 मार्च 2015 को हुई थी। प्रधानमंत्री मोदी ने शुभारंभ अवसर पर कहा था कि आज पूरा विश्व भारत को बड़ी उत्सुकता से देख रहा है। ऐसे समय में यह अत्यंत आवश्यक है कि भारत की शासन-व्यवस्था और अधिक प्रभावी बने। इसी दिशा में प्रगति पोर्टल एक महत्वपूर्ण कदम है। प्रगति की 50वीं बैठक 31 दिसम्बर 2025 को सम्पन्न हुई।