अमेरिका की ईरानी तेल नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई: 15 मिलियन डॉलर की संपत्ति जब्त
सारांश
Key Takeaways
- अमेरिका ने 15 मिलियन डॉलर की संपत्ति जब्त की।
- यह संपत्ति ईरानी तेल वितरण नेटवर्क से जुड़ी है।
- ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड को पहले ही आतंकवादी संगठन घोषित किया गया है।
- अमेरिकी वित्तीय प्रणाली का दुरुपयोग बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
- शमखानी और उसके सहयोगियों ने गुप्त तरीके से गतिविधियाँ की थीं।
वाशिंगटन, 7 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। अमेरिका ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए लगभग 1.5 करोड़ डॉलर (15 मिलियन डॉलर) से अधिक की राशि जब्त करने के लिए कानूनी कार्रवाई आरंभ की है। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, यह धनराशि ईरान के अवैध तेल वितरण नेटवर्क से जुड़ी है, जो अमेरिकी प्रतिबंधों से बचने के लिए अंतरराष्ट्रीय वित्तीय प्रणाली का उपयोग कर रहा था, और इससे ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड से संबंधित संगठनों को सहायता प्राप्त हो रही थी।
अमेरिकी न्याय विभाग ने जानकारी दी है कि इस मामले में कोलंबिया जिले की अमेरिकी जिला अदालत में सिविल फॉरफीचर (संपत्ति जब्ती) से संबंधित मुकदमे दायर किए गए हैं। आरोप लगाया गया है कि 15.3 मिलियन डॉलर से अधिक की राशि ऐसे नेटवर्क को वित्तीय सहायता देने के लिए उपयोग की गई, जो अमेरिकी प्रतिबंधों का उल्लंघन करते हुए ईरानी तेल की बिक्री और शिपिंग में संलग्न था।
इन मुकदमों के अनुसार, यह धनराशि अंतरराष्ट्रीय आपातकालीन आर्थिक शक्ति अधिनियम (आईईईपीए) के तहत लगाए गए प्रतिबंधों के उल्लंघन को बढ़ावा देने के लिए उपयोग की जा रही थी। साथ ही, यह धनराशि नेशनल ईरानियन ऑयल कंपनी, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) और उनकी कुद्स फोर्स (आईआरजीसी-क्यूएफ) जैसे संगठनों को प्रभाव और आर्थिक समर्थन देने में भी शामिल बताई गई है।
अमेरिका ने पहले ही आईआरजीसी और आईआरजीसी-क्यूएफ को विदेशी आतंकवादी संगठन घोषित कर दिया है।
अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि मोहम्मद हुसैन शमखानी नामक व्यक्ति कंपनियों और सहयोगियों का एक नेटवर्क चला रहा था, जो ईरानी तेल की बिक्री और शिपिंग कर रहा था। आरोप है कि यह नेटवर्क तेल के असली स्रोत और ईरान से उसके संबंधों को छिपाने के लिए कई तरीकों का सहारा लेता था।
जांच में यह भी सामने आया है कि इस नेटवर्क ने फर्जी कंपनियों, शिपिंग ऑपरेशनों और फ्रंट फर्मों का उपयोग किया ताकि ईरानी पेट्रोलियम के असली स्रोत को छिपाया जा सके और अंतरराष्ट्रीय लेन-देन को सुगम बनाया जा सके।
अमेरिकी ट्रेजरी विभाग के विदेशी संपत्ति नियंत्रण कार्यालय (ओएफएसी) ने जुलाई 2025 में शमखानी पर प्रतिबंध लगाए थे। ओएफएसी के अनुसार, मोहम्मद हुसैन शमखानी, अली शमखानी के बेटे हैं, जो ईरान के सर्वोच्च नेता के एक शीर्ष राजनीतिक सलाहकार माने जाते हैं। अली शमखानी पहले ईरान की नेशनल डिफेंस काउंसिल के प्रमुख रह चुके हैं।
ओएफएसी ने इस पूरे ऑपरेशन को जहाजों, शिपिंग कंपनियों और फ्रंट कंपनियों के एक विशाल नेटवर्क के रूप में चित्रित किया है, जो विश्वभर में तेल की बिक्री से अरबों डॉलर का मुनाफा कमा रहा था। एजेंसी के अनुसार, यह नेटवर्क अक्सर ईरान और रूस के कच्चे तेल और अन्य पेट्रोलियम उत्पादों की बिक्री से पैसे कमाता था, और इनका सबसे बड़ा खरीदार आमतौर पर चीन होता था।
ओएफएसी ने यह भी बताया कि यह नेटवर्क अपनी गतिविधियों को छिपाने के लिए कई जटिल तरीकों का उपयोग करता था ताकि इसका संबंध शमखानी परिवार, ईरान और रूस से सीधे तौर पर न जुड़ सके।
अमेरिका की अटॉर्नी जनरल पामेला बॉंडी ने कहा कि अमेरिका अपनी वित्तीय प्रणाली का उपयोग प्रतिबंधित संगठनों की मदद के लिए बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं करेगा।
उन्होंने कहा कि आरोपी ने कथित तौर पर आईआरजीसी को लाखों डॉलर की सहायता पहुंचाई और अमेरिकी प्रतिबंधों का उल्लंघन किया, जिसके लिए उसे अब भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।
वहीं सहायक अटॉर्नी जनरल टाइसन ए. डुवा ने कहा कि यह मामला दिखाता है कि ईरान से जुड़े नेटवर्क किस तरह अमेरिकी बैंकिंग सिस्टम का फायदा उठाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि शमखानी और उसके सहयोगियों ने गुप्त तरीके से अमेरिकी वित्तीय संस्थानों का उपयोग कर खुद को अमीर बनाने और ईरान से जुड़े आतंकवादी नेटवर्क को लाभ पहुंचाने का प्रयास किया।
अधिकारियों के अनुसार, जब्त की जाने वाली राशि में से लगभग 12.97 मिलियन डॉलर वेलब्रेड कैपिटल प्राइवेट लिमिटेड और उसकी सहायक कंपनी वेलब्रेड ट्रेडिंग डीएमसीसी के लिए उपयोग की जाने वाली थी। आरोप है कि इन कंपनियों को शमखानी और उसके सहयोगियों ने इस तरह संचालित किया कि उनका ईरान से सीधा संबंध सार्वजनिक रूप से सामने न आए।
इसके अलावा, लगभग 2.4 मिलियन डॉलर सी लीड शिपिंग प्राइवेट लिमिटेड और उसकी सहयोगी कंपनी सी लीड शिपिंग एजेंसी इंडिया प्राइवेट के लिए उपयोग किए जाने वाले थे। जांचकर्ताओं का कहना है कि इन कंपनियों को इस नेटवर्क के लिए शिपिंग सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से इस्तेमाल किया जा रहा था।