विकसित मध्य प्रदेश कॉन्क्लेव: CM मोहन यादव बोले — MP में आने वाला यहीं का होकर रह जाता है
सारांश
मुख्य बातें
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 24 जून 2025 को भोपाल में 'विकसित मध्य प्रदेश' विषय पर आयोजित कॉन्क्लेव का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया और उद्योगपतियों को राज्य में निवेश का आमंत्रण दिया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश की विशेषता यह है कि जो एक बार यहाँ आता है, वह यहीं का होकर रह जाता है।
कॉन्क्लेव का उद्देश्य और मुख्य संदेश
यादव ने कहा कि समय तभी बदलता है जब संकल्प बड़ा होता है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत-2047' के लक्ष्य और अर्थव्यवस्था को 30 ट्रिलियन डॉलर तक पहुँचाने के संकल्प का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य सरकार इसमें लगभग 2 ट्रिलियन डॉलर का योगदान देने का प्रयास करेगी। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश सेवा, सुशासन और जन कल्याण के संकल्पों को पूर्ण करने की दिशा में निरंतर अग्रसर है।
निवेश और औद्योगिक विकास
मुख्यमंत्री ने बताया कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2025 में भोपाल में अभूतपूर्व निवेश प्राप्त हुआ और एमओयू साइन हुए। उन्होंने घोषणा की कि ₹10 लाख करोड़ के निवेश प्रस्तावों को राज्य सरकार धरातल पर उतार चुकी है। राज्य में पर्याप्त लैंड बैंक उपलब्ध है और पारदर्शी, उद्योग-मित्र नीतियाँ लागू की गई हैं। देश के मध्य में स्थित होने के कारण निवेशकों को कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स का विशेष लाभ मिलता है।
बुनियादी ढाँचा और नई नीतियाँ
यादव ने बताया कि राज्य सरकार ने चारों दिशाओं में सड़क कनेक्टिविटी सुदृढ़ करने के लिए अधोसंरचना विकास पर विशेष ध्यान दिया है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि राज्य ने अपनी स्पेस-टेक पॉलिसी लॉन्च की है और वर्ष 2025 को उद्योग एवं रोज़गार को समर्पित किया गया था। गौरतलब है कि पिछले तीन वर्षों में मध्य प्रदेश की गिनती देश के सबसे तेज़ी से प्रगति करने वाले राज्यों में होने लगी है।
रानी दुर्गावती को श्रद्धांजलि
मुख्यमंत्री यादव ने कॉन्क्लेव के दौरान वीरांगना रानी दुर्गावती के बलिदान दिवस का स्मरण किया और कहा कि प्रदेशवासी उनके बलिदान को सदैव याद रखेंगे। यह ऐसे समय में आया जब राज्य 'विरासत भी, विकास भी' के पथ पर आगे बढ़ रहा है।
कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख हस्तियाँ
कॉन्क्लेव में लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, सूक्ष्म लघु एवं उद्योग मंत्री चैतन्य काश्यप और मुख्य सचिव अनुराग जैन विशेष रूप से उपस्थित थे। इसके अलावा उद्योग-व्यापार जगत के प्रतिनिधि, निवेशक, बैंकिंग एवं वित्तीय संस्थानों के प्रतिनिधि तथा नीति-निर्माता भी शामिल हुए। आने वाले समय में राज्य सरकार इन निवेश प्रतिबद्धताओं को ज़मीन पर उतारने की दिशा में ठोस कदम उठाने की योजना बना रही है।