नागा बाबू बने एपी ग्रीन कार्यकारी समिति के अध्यक्ष, मिलेगा कैबिनेट स्तर का दर्जा
सारांश
मुख्य बातें
आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं पर्यावरण मंत्री पवन कल्याण के भाई नागेंद्र राव कोनिडेला — जिन्हें नागा बाबू के नाम से जाना जाता है — को 17 अगस्त 2026 को 'आंध्र प्रदेश सोसायटी फॉर ग्रीनिंग एंड रिफॉरेस्टेशन फॉर इकोलॉजिकल एनरिचमेंट' (एपी ग्रीन) की कार्यकारी समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। पर्यावरण और वन विभाग ने सोमवार को जारी सरकारी आदेश के तहत यह नियुक्ति की, जिसके साथ नागा बाबू को कैबिनेट स्तर का दर्जा भी प्रदान किया जाएगा।
एपी ग्रीन और इसके लक्ष्य
एपी ग्रीन एक राज्य-स्तरीय संस्था है जिसका मुख्य उद्देश्य आंध्र प्रदेश में वन क्षेत्र और हरित आवरण को राज्य के कुल भौगोलिक क्षेत्र के 50 प्रतिशत तक बढ़ाना है। आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, यह लक्ष्य 2047 तक हासिल किया जाना है। इस कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सरकार ने एपी ग्रीन गवर्निंग बोर्ड, कार्यकारी समिति और जिला-स्तरीय शासी निकायों के गठन की घोषणा की है।
नागा बाबू की जिम्मेदारियाँ
कार्यकारी समिति के अध्यक्ष के रूप में नागा बाबू विभिन्न सरकारी विभागों और जिला-स्तरीय एजेंसियों के बीच समन्वय स्थापित करेंगे। इसके अलावा वे कार्यक्रमों के कार्यान्वयन में तेजी लाने और उनकी प्रगति की निगरानी करने की जिम्मेदारी भी संभालेंगे। गौरतलब है कि यह संस्था सीधे पवन कल्याण के नेतृत्व वाले पर्यावरण और वन विभाग के अंतर्गत आती है।
राजनीतिक पृष्ठभूमि
नागा बाबू मार्च 2025 में जन सेना के उम्मीदवार के रूप में आंध्र प्रदेश विधान परिषद के सदस्य निर्वाचित हुए थे। वे जन सेना के महासचिव भी हैं और पार्टी की स्थापना के समय से — यानी 2014 से — पवन कल्याण के साथ सक्रिय रूप से जुड़े हैं। मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने दिसंबर 2024 में नागा बाबू को कैबिनेट में शामिल करने की घोषणा की थी, लेकिन बाद में रिपोर्टों के अनुसार पवन कल्याण की सलाह पर यह निर्णय वापस ले लिया गया।
जातिगत समीकरण की भूमिका
सत्ताधारी गठबंधन में जन सेना के पहले से तीन मंत्री हैं, जिनमें से दो — पवन कल्याण सहित — कापू समुदाय से हैं। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, गठबंधन एक और कापू प्रतिनिधि को मंत्री पद देकर जातिगत संतुलन को बिगाड़ने से बचना चाहता था। इसी कारण कैबिनेट के बजाय एपी ग्रीन जैसी संस्था के माध्यम से नागा बाबू को कैबिनेट-स्तरीय दर्जा देने का रास्ता निकाला गया।
नागा बाबू की राजनीतिक यात्रा
अभिनेता और फिल्म निर्माता के रूप में पहचाने जाने वाले नागा बाबू ने 2024 के विधानसभा चुनावों में जन सेना के लिए सक्रिय प्रचार किया था। इससे पहले उन्होंने और पवन कल्याण ने अपने बड़े भाई एवं सुपरस्टार चिरंजीवी द्वारा 2008 में स्थापित प्रजा राज्यम पार्टी (पीआरपी) के लिए भी काम किया था। 2009 के चुनावों में पार्टी की करारी हार के बाद चिरंजीवी ने दो साल बाद इसका कांग्रेस में विलय कर दिया था। एपी ग्रीन की अध्यक्षता नागा बाबू की राजनीतिक और प्रशासनिक भूमिका को नई दिशा देती है।