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झारखंड: एनआईए ने कोडरमा में छापेमारी कर 1,662 डेटोनेटर जब्त किए, 2 गिरफ्तार

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झारखंड: एनआईए ने कोडरमा में छापेमारी कर 1,662 डेटोनेटर जब्त किए, 2 गिरफ्तार

सारांश

एनआईए ने झारखंड के कोडरमा में बड़ी कार्रवाई करते हुए 1,662 अवैध डेटोनेटर, ₹16 लाख नकद और पाँच डिजिटल उपकरण जब्त किए। 2024 के साल्टोरा मोटरसाइकिल विस्फोट से जुड़े इस मामले में दो और आरोपी गिरफ्तार — विस्फोटक तस्करी का नेटवर्क अभी भी जाँच के घेरे में।

मुख्य बातें

एनआईए ने झारखंड के कोडरमा जिले में चार स्थानों पर छापेमारी की।
1,662 अवैध नॉन-इलेक्ट्रिक डेटोनेटर , पाँच डिजिटल डिवाइस और ₹16 लाख नकद बरामद।
महेश मेहता और शंकर यादव को विस्फोटक आपूर्ति नेटवर्क में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार किया गया।
यह मामला 2024 में साल्टोरा में हुए मोटरसाइकिल विस्फोट से जुड़ा है, जिसमें आरोपी जॉयदेब मंडल उर्फ बबलू मंडल की मौत हुई थी।
इस मामले में तीन अन्य आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है।
एनआईए विस्फोटकों के स्रोत और अंतिम गंतव्य का पता लगाने के लिए जाँच जारी रखे हुए है।

राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (एनआईए) ने 24 जुलाई 2025 को झारखंड के कोडरमा जिले में चार स्थानों पर एक साथ छापेमारी कर 1,662 अवैध नॉन-इलेक्ट्रिक डेटोनेटर, पाँच डिजिटल उपकरण और ₹16 लाख नकद बरामद किए। इस कार्रवाई में दो आरोपियों — महेश मेहता और शंकर यादव — को गिरफ्तार किया गया, जो विस्फोटकों की अवैध आपूर्ति श्रृंखला में सक्रिय रूप से शामिल पाए गए।

मामले की पृष्ठभूमि

यह मामला 2024 में पश्चिम बंगाल के साल्टोरा इलाके में हुए एक मोटरसाइकिल विस्फोट से जुड़ा है। उस घटना में विस्फोटक पदार्थों की अवैध ढुलाई के दौरान आरोपी जॉयदेब मंडल उर्फ बबलू मंडल की मौत हो गई थी। एनआईए ने यह मामला अक्टूबर 2024 में दर्ज किया था।

जाँच में सामने आया कि एक सुनियोजित आपराधिक नेटवर्क बिना किसी वैध लाइसेंस के विस्फोटक हासिल कर उन्हें एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुँचाने का काम कर रहा था। इन विस्फोटकों को असुरक्षित और खतरनाक तरीके से संभाला जा रहा था, जिससे जान-माल को गंभीर खतरा था।

आज की छापेमारी में क्या मिला

एनआईए की टीमों ने कोडरमा जिले में चार अलग-अलग स्थानों पर एक साथ तलाशी ली। बरामदगी में शामिल हैं:

1,662 नॉन-इलेक्ट्रिक डेटोनेटर जो अवैध रूप से जमा किए गए थे, पाँच डिजिटल डिवाइस जो जाँच के लिए फोरेंसिक परीक्षण हेतु भेजे जाएँगे, तथा ₹16 लाख नकद राशि। एजेंसी के अनुसार, गिरफ्तार दोनों आरोपी इन विस्फोटकों को अन्य साजिशकर्ताओं तक पहुँचाने में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे थे।

अब तक की गिरफ्तारियाँ और चार्जशीट

इस मामले में महेश मेहता और शंकर यादव की गिरफ्तारी से पहले तीन अन्य आरोपियों को पहले ही हिरासत में लिया जा चुका है और उनके खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। गौरतलब है कि यह मामला किसी आतंकवादी संगठन से संबंधित नहीं बताया गया है, बल्कि यह एक संगठित आपराधिक नेटवर्क से जुड़ा है जो विस्फोटकों की तस्करी कर रहा था।

जाँच की दिशा

एनआईए अभी भी इन विस्फोटकों के मूल स्रोत और उनके अंतिम गंतव्य का पता लगाने में जुटी है। एजेंसी यह भी जाँच कर रही है कि इस नेटवर्क के तार कहाँ-कहाँ तक फैले हुए हैं और क्या अन्य राज्यों में भी इसके सदस्य सक्रिय हैं। आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियाँ हो सकती हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

662 डेटोनेटर महज एक स्थानीय मामला नहीं — यह उस व्यापक अवैध विस्फोटक आपूर्ति श्रृंखला की एक कड़ी है जो झारखंड, बंगाल और आसपास के राज्यों में सक्रिय रही है। साल्टोरा विस्फोट से शुरू हुई यह जाँच अब एक संगठित नेटवर्क तक पहुँची है, जो बताता है कि खनन क्षेत्रों से विस्फोटकों की चोरी और तस्करी एक गंभीर सुरक्षा चुनौती बनती जा रही है। अहम सवाल यह है कि इतनी बड़ी मात्रा में डेटोनेटर आखिर कहाँ जाने थे — जब तक इसका जवाब नहीं मिलता, यह मामला बंद नहीं माना जा सकता।
RashtraPress
24 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एनआईए ने झारखंड में यह छापेमारी किस मामले में की?
एनआईए ने यह छापेमारी 2024 में पश्चिम बंगाल के साल्टोरा इलाके में हुए मोटरसाइकिल विस्फोट से जुड़े अवैध विस्फोटक मामले में की। उस घटना में विस्फोटकों की अवैध ढुलाई के दौरान आरोपी जॉयदेब मंडल उर्फ बबलू मंडल की मौत हो गई थी।
इस छापेमारी में क्या-क्या बरामद हुआ?
झारखंड के कोडरमा जिले में चार स्थानों पर की गई छापेमारी में 1,662 अवैध नॉन-इलेक्ट्रिक डेटोनेटर, पाँच डिजिटल डिवाइस और ₹16 लाख नकद राशि जब्त की गई।
इस मामले में अब तक कितने लोग गिरफ्तार हो चुके हैं?
इस मामले में अब तक कुल पाँच लोग गिरफ्तार हो चुके हैं। तीन आरोपियों को पहले गिरफ्तार कर उनके खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है, जबकि ताजा कार्रवाई में महेश मेहता और शंकर यादव को गिरफ्तार किया गया है।
एनआईए की जाँच में अभी क्या पता लगाया जा रहा है?
एनआईए अभी इन अवैध विस्फोटकों के मूल स्रोत और उनके अंतिम गंतव्य का पता लगाने में जुटी है। एजेंसी यह भी जाँच कर रही है कि इस नेटवर्क के तार अन्य राज्यों तक फैले हैं या नहीं।
यह मामला एनआईए ने कब दर्ज किया था?
एनआईए ने यह मामला अक्टूबर 2024 में दर्ज किया था, साल्टोरा मोटरसाइकिल विस्फोट की जाँच के दौरान अवैध विस्फोटक नेटवर्क का पता चलने के बाद।
राष्ट्र प्रेस
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