झारखंड: एनआईए ने कोडरमा में छापेमारी कर 1,662 डेटोनेटर जब्त किए, 2 गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (एनआईए) ने 24 जुलाई 2025 को झारखंड के कोडरमा जिले में चार स्थानों पर एक साथ छापेमारी कर 1,662 अवैध नॉन-इलेक्ट्रिक डेटोनेटर, पाँच डिजिटल उपकरण और ₹16 लाख नकद बरामद किए। इस कार्रवाई में दो आरोपियों — महेश मेहता और शंकर यादव — को गिरफ्तार किया गया, जो विस्फोटकों की अवैध आपूर्ति श्रृंखला में सक्रिय रूप से शामिल पाए गए।
मामले की पृष्ठभूमि
यह मामला 2024 में पश्चिम बंगाल के साल्टोरा इलाके में हुए एक मोटरसाइकिल विस्फोट से जुड़ा है। उस घटना में विस्फोटक पदार्थों की अवैध ढुलाई के दौरान आरोपी जॉयदेब मंडल उर्फ बबलू मंडल की मौत हो गई थी। एनआईए ने यह मामला अक्टूबर 2024 में दर्ज किया था।
जाँच में सामने आया कि एक सुनियोजित आपराधिक नेटवर्क बिना किसी वैध लाइसेंस के विस्फोटक हासिल कर उन्हें एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुँचाने का काम कर रहा था। इन विस्फोटकों को असुरक्षित और खतरनाक तरीके से संभाला जा रहा था, जिससे जान-माल को गंभीर खतरा था।
आज की छापेमारी में क्या मिला
एनआईए की टीमों ने कोडरमा जिले में चार अलग-अलग स्थानों पर एक साथ तलाशी ली। बरामदगी में शामिल हैं:
1,662 नॉन-इलेक्ट्रिक डेटोनेटर जो अवैध रूप से जमा किए गए थे, पाँच डिजिटल डिवाइस जो जाँच के लिए फोरेंसिक परीक्षण हेतु भेजे जाएँगे, तथा ₹16 लाख नकद राशि। एजेंसी के अनुसार, गिरफ्तार दोनों आरोपी इन विस्फोटकों को अन्य साजिशकर्ताओं तक पहुँचाने में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे थे।
अब तक की गिरफ्तारियाँ और चार्जशीट
इस मामले में महेश मेहता और शंकर यादव की गिरफ्तारी से पहले तीन अन्य आरोपियों को पहले ही हिरासत में लिया जा चुका है और उनके खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। गौरतलब है कि यह मामला किसी आतंकवादी संगठन से संबंधित नहीं बताया गया है, बल्कि यह एक संगठित आपराधिक नेटवर्क से जुड़ा है जो विस्फोटकों की तस्करी कर रहा था।
जाँच की दिशा
एनआईए अभी भी इन विस्फोटकों के मूल स्रोत और उनके अंतिम गंतव्य का पता लगाने में जुटी है। एजेंसी यह भी जाँच कर रही है कि इस नेटवर्क के तार कहाँ-कहाँ तक फैले हुए हैं और क्या अन्य राज्यों में भी इसके सदस्य सक्रिय हैं। आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियाँ हो सकती हैं।