एनआईए की बड़ी कार्रवाई: मलप्पुरम विस्फोटक मामले में 3 और गिरफ्तार, कुल आरोपी हुए 11
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (एनआईए) ने 8 अगस्त 2026 को केरल के मलप्पुरम जिले में 89,600 विस्फोटक स्टिक और 10,500 नॉनल शॉक ट्यूब की अवैध बरामदगी से जुड़े मामले में तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया। इन गिरफ्तारियों के साथ इस मामले में अब तक पकड़े गए आरोपियों की कुल संख्या 11 हो गई है।
नए गिरफ्तार आरोपी कौन हैं
तीनों नए आरोपी कर्नाटक के विजयपुरा जिले के निवासी हैं और उन्हें वहीं से हिरासत में लिया गया। इनकी पहचान मंतगौड बिरदार (आरोपी क्रमांक 9), बापागौड भीरमाया चौधरी (आरोपी क्रमांक 10) और प्रकाश गौडा बिरदार (आरोपी क्रमांक 11) के रूप में हुई है। एनआईए के अनुसार, ये तीनों विस्फोटक के लाइसेंस-प्राप्त डीलर और उपयोगकर्ता थे, बावजूद इसके इन्होंने कानूनी नियमों का उल्लंघन करते हुए जब्त विस्फोटक बेचे।
मामले की पृष्ठभूमि
यह मामला 7 फरवरी 2026 को उस समय सामने आया जब केरल पुलिस ने मलप्पुरम जिले की चेम्माड-थलाप्पारा रोड पर स्थित 'फरहा होलो ब्रिक्स कंपनी' के परिसर में खड़ी एक लॉरी से भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री जब्त की। बरामद सामग्री में 448 बक्सों में पैक 89,600 विस्फोटक स्टिक और 35 बक्सों में पैक 10,500 नॉनल (NONEL) शॉक ट्यूब शामिल थीं। लॉरी के साथ पकड़े गए लोग विस्फोटकों के भंडारण या परिवहन के लिए कोई वैध लाइसेंस या अनुमति-पत्र प्रस्तुत नहीं कर सके।
एनआईए की जाँच और तलाशी अभियान
प्रारंभिक गिरफ्तारी के बाद एनआईए ने इस मामले को अपने अधिकार क्षेत्र में लेकर पुनः पंजीकृत किया। जाँच के दौरान एजेंसी ने केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु में कुल 19 स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया। इन तलाशियों और आगे की जाँच में मिले साक्ष्यों ने नए तीन आरोपियों की संलिप्तता स्पष्ट की। गौरतलब है कि इससे पहले इस मामले में 6 आरोपी पहले ही गिरफ्तार हो चुके थे।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं
यह ऐसे समय में आया है जब सुरक्षा एजेंसियाँ देश के विभिन्न हिस्सों में विस्फोटकों की अवैध आपूर्ति श्रृंखलाओं पर नज़र कस रही हैं। लाइसेंस-प्राप्त डीलरों द्वारा नियमों का उल्लंघन करना इस मामले को और गंभीर बनाता है, क्योंकि यह विस्फोटक नियंत्रण तंत्र में संभावित खामियों की ओर इशारा करता है।
आगे क्या होगा
एनआईए की जाँच अभी जारी है और तीनों नए आरोपियों से पूछताछ के आधार पर आपूर्ति श्रृंखला में और कड़ियाँ उजागर होने की संभावना है। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि ये विस्फोटक आखिरकार किसके लिए और किस उद्देश्य से ले जाए जा रहे थे।