9 अगस्त 2026
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मलप्पुरम विस्फोटक मामले में एनआईए ने मुख्य साजिशकर्ता हैरिस टीए को गिरफ्तार किया, कुल 10 आरोपी हिरासत में

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मलप्पुरम विस्फोटक मामले में एनआईए ने मुख्य साजिशकर्ता हैरिस टीए को गिरफ्तार किया, कुल 10 आरोपी हिरासत में

सारांश

मलप्पुरम विस्फोटक तस्करी मामले में एनआईए ने मुख्य साजिशकर्ता हैरिस टीए को मंजेरी से गिरफ्तार किया। 7 फरवरी 2026 को 89,600 विस्फोटक स्टिक और 10,500 शॉक ट्यूब की बरामदगी से शुरू हुई इस जाँच में अब तीन राज्यों में 10 आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं।

मुख्य बातें

एनआईए ने 9 अगस्त 2026 को मुख्य साजिशकर्ता हैरिस टीए को केरल के मंजेरी से गिरफ्तार किया।
मामले में अब तक कुल 10 आरोपी हिरासत में लिए जा चुके हैं।
7 फरवरी 2026 को मलप्पुरम की फरहा होलो ब्रिक्स कंपनी के परिसर से 89,600 विस्फोटक स्टिक और 10,500 शॉक ट्यूब जब्त हुए थे।
एनआईए ने तीन राज्यों में 19 स्थानों पर तलाशी ली और साजिश में शामिल नए लोगों की पहचान की।
कर्नाटक के विजयपुरा से गिरफ्तार तीन आरोपी — मंतागौड बिरदार , बापागौड भीरमाया चौधरी और प्रकाश गौडा बिरदार — लाइसेंस-प्राप्त डीलर होने के बावजूद कानून का उल्लंघन कर विस्फोटक बेच रहे थे।

राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (एनआईए) ने 9 अगस्त 2026 को केरल के मलप्पुरम जिले के मंजेरी से इस मामले के मुख्य साजिशकर्ता हैरिस टीए को गिरफ्तार किया — यह उस बड़े विस्फोटक तस्करी प्रकरण से जुड़ी गिरफ्तारी है जिसमें 89,600 विस्फोटक स्टिक और 10,500 शॉक ट्यूब बरामद हुए थे। इस गिरफ्तारी के साथ मामले में हिरासत में लिए गए आरोपियों की कुल संख्या दस हो गई है।

मामले की पृष्ठभूमि

यह मामला 7 फरवरी 2026 को मलप्पुरम के चेम्माड-थलाप्पारा रोड पर स्थित 'फरहा होलो ब्रिक्स कंपनी' के परिसर में खड़े एक ट्रक से जुड़ा है। केरल पुलिस ने उस ट्रक को रोककर 89,600 विस्फोटक स्टिक और 10,500 शॉक ट्यूब जब्त किए थे तथा खेप से जुड़े तीन लोगों को उसी समय गिरफ्तार किया था। जाँच में सामने आया कि आरोपियों के पास विस्फोटकों के परिवहन या भंडारण के लिए कोई वैध लाइसेंस या कानूनी अनुमति नहीं थी।

एनआईए की जाँच और छापेमारी

प्रारंभिक गिरफ्तारियों के बाद एनआईए ने जाँच अपने हाथ में ली। एजेंसी ने तीन राज्यों में 19 स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया, जिसमें आपत्तिजनक सामग्री मिली और साजिश में शामिल अन्य व्यक्तियों की पहचान हुई। एनआईए के बयान के अनुसार, हैरिस की गिरफ्तारी से ठीक एक दिन पहले — 7 अगस्त को — कर्नाटक के विजयपुरा से तीन और आरोपियों को हिरासत में लिया गया था।

कर्नाटक से गिरफ्तार तीन आरोपी

विजयपुरा से गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मंतागौड बिरदार, बापागौड भीरमाया चौधरी और प्रकाश गौडा बिरदार के रूप में हुई है — तीनों कर्नाटक के विजयपुरा जिले के निवासी हैं। एनआईए ने पाया कि ये आरोपी विस्फोटकों के लाइसेंस-प्राप्त डीलर और उपयोगकर्ता होने के बावजूद जब्त विस्फोटकों को कानूनी नियमों का उल्लंघन करके बेच रहे थे।

हैरिस की भूमिका और आगे की जाँच

हैरिस टीए को एनआईए ने इस पूरी साजिश का मुख्य सूत्रधार बताया है और उस पर विस्फोटकों को अवैध रूप से हासिल करने में केंद्रीय भूमिका निभाने का आरोप है। एजेंसी के अनुसार बड़ी साजिश के तार और विस्फोटकों की अवैध खरीद-फरोख्त तथा आवाजाही की जाँच अभी जारी है, और आने वाले दिनों में और खुलासे संभव हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मलप्पुरम विस्फोटक मामला क्या है?
यह मामला 7 फरवरी 2026 को मलप्पुरम के चेम्माड-थलाप्पारा रोड पर स्थित फरहा होलो ब्रिक्स कंपनी के परिसर में खड़े एक ट्रक से 89,600 विस्फोटक स्टिक और 10,500 शॉक ट्यूब की बरामदगी से जुड़ा है। केरल पुलिस ने ट्रक रोककर तीन लोगों को गिरफ्तार किया था, जिसके बाद एनआईए ने जाँच अपने हाथ में ली।
हैरिस टीए की इस मामले में क्या भूमिका है?
एनआईए के अनुसार हैरिस टीए इस पूरी साजिश का मुख्य सूत्रधार है और विस्फोटकों को अवैध रूप से हासिल करने में उसकी केंद्रीय भूमिका रही है। उसे 9 अगस्त 2026 को मलप्पुरम के मंजेरी से गिरफ्तार किया गया।
इस मामले में अब तक कितने लोग गिरफ्तार हो चुके हैं?
हैरिस टीए की गिरफ्तारी के साथ इस मामले में कुल 10 आरोपी हिरासत में लिए जा चुके हैं। इनमें केरल और कर्नाटक के विजयपुरा से गिरफ्तार आरोपी शामिल हैं।
कर्नाटक के विजयपुरा से गिरफ्तार आरोपी कौन हैं?
7 अगस्त 2026 को विजयपुरा से गिरफ्तार तीन आरोपियों की पहचान मंतागौड बिरदार, बापागौड भीरमाया चौधरी और प्रकाश गौडा बिरदार के रूप में हुई है। एनआईए के अनुसार ये तीनों विस्फोटकों के लाइसेंस-प्राप्त डीलर और उपयोगकर्ता थे, लेकिन कानूनी नियमों का उल्लंघन करके विस्फोटक बेच रहे थे।
एनआईए की जाँच आगे किस दिशा में जाएगी?
एनआईए के अनुसार बड़ी साजिश और विस्फोटकों की अवैध खरीद-फरोख्त तथा आवाजाही की जाँच अभी जारी है। एजेंसी पहले ही तीन राज्यों में 19 स्थानों पर तलाशी ले चुकी है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियों की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
राष्ट्र प्रेस
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