क्या बिहार में नक्सलियों के मंसूबे नाकाम हुए? 29 कॉमर्शियल डेटोनेटर सहित भारी मात्रा में विस्फोटक बरामद

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क्या बिहार में नक्सलियों के मंसूबे नाकाम हुए? 29 कॉमर्शियल डेटोनेटर सहित भारी मात्रा में विस्फोटक बरामद

सारांश

बिहार में नक्सलियों के खिलाफ चल रहे अभियान में, पुलिस ने औरंगाबाद जिले के एक जंगली क्षेत्र से विस्फोटक बरामद किए हैं। इस कार्रवाई के तहत 29 कॉमर्शियल डेटोनेटर सहित अन्य विस्फोटक भी शामिल हैं। जानिए इस अभियान का महत्व और नक्सलियों पर इसका प्रभाव।

Key Takeaways

  • नक्सलियों के खिलाफ पुलिस का सक्रिय अभियान
  • 29 कॉमर्शियल डेटोनेटर समेत विस्फोटक बरामद
  • सुरक्षा बलों की संयुक्त कार्रवाई से नक्सलियों का मनोबल गिरा
  • स्थानीय समुदाय की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण कदम
  • अवैध अफीम की खेती पर भी कार्रवाई

औरंगाबाद, २६ जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। बिहार में नक्सलियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस ने नक्सलियों की योजनाओं पर पानी फेरते हुए औरंगाबाद जिले के एक जंगली क्षेत्र से २९ कॉमर्शियल डेटोनेटर सहित भारी मात्रा में विस्फोटक बरामद किया।

पुलिस के एक अधिकारी ने सोमवार को जानकारी दी कि औरंगाबाद में नक्सल गतिविधियों पर नियंत्रण लगाने के लिए औरंगाबाद पुलिस एवं केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) द्वारा संयुक्त रूप से एंटी नक्सल अभियान चलाया जा रहा है।

पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि मदनपुर थाना क्षेत्र के गोबरदाह पहाड़ पर नक्सलियों ने बड़ी मात्रा में विस्फोटक छिपा रखा है। सूचना के आधार पर पूरे क्षेत्र में तलाशी अभियान चलाया गया। गोबरदाह पहाड़ के आसपास की तलाशी के दौरान बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री जब्त की गई।

अधिकारी ने बताया कि बरामद विस्फोटक में ४४ जिंदा कारतूस, ३२ खोखा, २५ मीटर कोडेक्स वायर, २९ कॉमर्शियल डेटोनेटर, एक केन आईईडी डेटोनेटर और एक प्रेशर मेकेनिज्म के साथ दो मीटर तार और नौ वोल्ट बैटरी शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि बरामद आईईडी और डेटोनेटर को सुरक्षात्मक तरीके से जंगली क्षेत्र में ही नष्ट किया गया। बरामद हथियारों के संदर्भ में मदनपुर थाना में एक प्राथमिकी दर्ज की गई है।

अधिकारी का दावा है कि पुलिस बल की संयुक्त कार्रवाई से नक्सलियों का मनोबल काफी गिरा हुआ है। नक्सली गतिविधियों पर काबू पाने के लिए लगातार छापेमारी अभियान जारी है।

ज्ञात रहे कि एक दिन पहले औरंगाबाद जिले के अतिनक्सल प्रभावित देव प्रखंड के ढिबरा थाना क्षेत्र के बनुआ टोले पक्का में पुलिस और सुरक्षा बलों ने बड़ी कार्रवाई की थी। जंगली और दुर्गम क्षेत्र में चल रही अफीम की अवैध खेती को सुरक्षा बलों ने नष्ट किया था।

Point of View

मैं मानता हूं कि बिहार में नक्सली गतिविधियों का नियंत्रण करना अत्यंत आवश्यक है। पुलिस और सीआरपीएफ की यह संयुक्त कार्रवाई न केवल नक्सलियों के मनोबल को तोड़ने में मदद करेगी, बल्कि इससे स्थानीय समुदाय की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी।
NationPress
09/02/2026

Frequently Asked Questions

बिहार में नक्सलियों के खिलाफ अभियान कब शुरू हुआ?
नक्सलियों के खिलाफ अभियान हाल ही में शुरू किया गया है, जिसमें पुलिस और सीआरपीएफ शामिल हैं।
पुलिस ने कितने विस्फोटक बरामद किए?
पुलिस ने 29 कॉमर्शियल डेटोनेटर और अन्य विस्फोटक बरामद किए हैं।
क्या नक्सली गतिविधियों में कमी आई है?
हाँ, पुलिस की संयुक्त कार्रवाई से नक्सलियों का मनोबल गिरा है।
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